Skip to main content

Posts

चाँद

बीते लम्हों की ही तो ये  बात है ! फुर्सत के पलों की ही तो ये  रात  है ! जब चाँद के पहलु मै हम बेठे  रहते थे ! उसे निहारते -२ ही न हम थकते थे ! कितनी हसीन लगती थी वो चांदनी रात ! जब खामोश रात मै उसकी चांदनी बिखरती थी ! हर तरफ नूर ही नूर बरसती थी ! खामोश तन्हाई भी जेसे हसीं लगती थी ! जब कोई न था पर चाँद का दामन हमारे पास था ! वो तो जेसे हरदम हमारे साथ था ! आज तो लगता है जेसे मुदते ही बीत गई! उसके दीदार को आँखे जेसे तरस गई ! आज कल चाँद के लिए फुर्सत किसके पास है ! ये तो सब  वक़्त वक़्त की बात है ! कल तक हम उसके पहलु से बँधे फिरते थे ! सुना है आज वो हमे अपनी आगोश मै लेने को बेकरार है !

मजदुर

बड़े बड़े महलों मै लोगो का बसेरा है !                   गरीब की मेहनत ने इसे  पिरोया है ! एक २ ईंट की कीमत  खून पसीना है !                  ये गरीब तो हर हाल मै  एक नगीना है ! उसकी मेहनत को हर कोई न जाना है !               उसका  तो आज यहाँ कल कही और ठिकाना है ! पापी पेट है कुच्छ न कुच्छ तो कमाना  है !                 हर इंसा को एक झत दे के निकल जाना  है ! अपनी तमनाओ को दफ़न ही तो ये करते  हैं !                     फिर भी हर हाल मै मुस्कुराते रहते हैं !    काश हम कुच्छ पल को इनको खुश कर पाते !                  इनकी मेहनत मै तो जेसे चार चाँद लग जाते ! ये तो बस पल  भर की ही तो ख़ुशी चाहते हैं !                ...

एक ही रास्ता ---डा श्याम गुप्त ...

चित्र -१.गुलाबी गेंग परन्तु अवतारों का कोई भी किसी भी युग में नारी शक्ति के सहयोग के बिना कोई कार्य पूर्ण नहीं हुआ चाहे वो सीता का पंचवटी पर जन जागरण कार्य हों या राधा का बृज प्रदेश में नारी जागरण अभियान । अन्यथा प्रायः नारी शक्ति, आदि शक्ति, दुर्गा, काली आदि रूप में स्वयं अवतार लेकर दुष्टों का दलन करके समाज को दिशा प्रदान करती है| -----पिंक साड़ी अभियान ऐसी ही नारी शक्ति का जागरण है , समय के अनुसार और निश्चय ही एक यही राह बची है दुष्टों को सबक देने की । देखिये चित्र -1 में संदर्भित समाचार , एक सार्थक पहल , महिला जन जागरण अभियान -- पिंक साड़ीअभियान , जो बांदा की ग्रामीण महिलाओं ने " गुलाबी गेंग " बनाकर चलाया है | यह एक गुणात्मक अभियान है न कि शहर की तथाकथित नारीवादी पढी लिखी महिलाओं का बातों का अभियान ।

गूगल ने चुराए आपके ई-मेल, पासवर्ड

सैन फ्रांसिस्को .इंटरनेट सर्च इंजन गूगल इंक. ने मान लिया है कि उसकी ‘स्ट्रीट व्यू’ कारों ने दुनियाभर में हजारों लोगों के निजी आंकड़े जमा कर लिए हैं। इनमें लोगों के पूरे ई-मेल तथा उनके पासवर्ड भी शामिल हैं। अलबत्ता उसने यह जरूर कहा है कि ऐसा उसने जानबूझ कर नहीं किया। इस मामले में गूगल के खिलाफ कई देशों में पहले से ही जांच चल रही है। लेकिन अब तक वह मानने को तैयार नहीं था। महज दो दिन पहले ही कनाडा के निजी वाचडॉग ने कहा था कि गूगल ने ई-मेल पर दी जा रही पूरी की पूरी जानकारी जमा कर ली है। इससे किसी की भी ई-मेल पर दी जाने वाली जानकारी गोपनीय व सुरक्षित नहीं रह गई है। वाशिंगटन स्थित इलेक्ट्रॉनिक प्रायवेसी इन्फॉर्मेशन सेंटर के प्रबंध निदेशक मार्क रॉटेनबर्ग ने कहा है कि गूगल ने कानून तोड़ा है। यह गंभीर मामला है और उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन ने गूगल के खिलाफ मामलों की जांच शुरू कर दी है। अमेरिका के 50 में से 30 राज्यों ने मिलकर जांच अभियान शुरू किया है। गूगल ने न्यूजीलैंड और नीदरलैंड्स सहित छह देशों के आंकड़े नष्ट कर दिए हैं क्योंकि वहां की सरकारों ने इसकी अनुमति दे दी। पत...

कुच्छ फुर्सत के पल लहरों के संग

                        आज हम सागर किनारे आये हैं              कुच्छ उसकी और कुच्छ अपनी सुनाने लाये हैं ! किसको फुर्सत है इस भरी  दुनिया मै ,                      इसलिए सिर्फ तन्हाई ही साथ लाये हैं ! जानते हैं हम की वो भी अकेला है !                   क्युकी दुनिया तो भीड़ भरा मेला है ! सब तेरे पहलु मै आके चले जाते हैं !                  अपना हर दर्द तुझको सुना जाते हैं ! शायद तेरी ख़ामोशी का फायदा उठाते हैं !                 तेरे भीतर  के दर्द को न जान पाते हैं ! तेरी हिम्मत की हम दाद देते हैं !                   फिर भी तुझसे ये राज़ आज पूछते है ! क्या  एसी बात है की इतना खामोश है तू !        ...

CWG: खेल गांव से एक करोड़ का सामान उठा ले गए ऑस्‍ट्रेलियाई

राजधानी में पिछले दिनों संपन्‍न राष्‍ट्रमंडल खेलों के दौरान ऑस्‍ट्रेलियाई एथलीटों ने खेल गांव में न सिर्फ तोड़फोड़ की थी बल्कि एक करोड़ रुपये का सामान भी उठा कर ले गए। भारत की जमीन पर टेस्‍ट सीरीज में ऑस्‍ट्रेलिया की हार से बौखलाए वहां के एथलीटों ने खेल गांव में जमकर उत्‍पात मचाया था और कई सामान तोड़-फोड़ डाले थे। ऑस्‍ट्रेलियाई एथलीटों की ‘बदमाशी’ यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की दवाइयां और अन्‍य सामान भी ले गए। दिल्‍ली सरकार ने इस मामले की शिकायत करते हुए राष्‍ट्रमंडल खेलों में हिस्‍सा लेने वाली ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के प्रमुख को चिट्ठी लिखी है। दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं महानिदेशालय के आंकलन के मुताबिक खेलगांव स्थित चिकित्‍सा केंद्र से 1.18 करोड़ रुपये मूल्‍य की दवाएं और अन्‍य उपकरण गायब हैं। माना जा रहा है कि ये 'गायब' सामान खेलों में हिस्‍सा लेने आए एथलीट ही अपने साथ ले गए। इनमें अधिकतर सामान पर ऑस्‍ट्रेलियाई एथलीटों ने हाथ साफ किया जबकि कुछ सामान अफ्रीकी देशों के खिलाड़ी भी अपने साथ ले गए। खेलों के प्रशिक्षण केंद्रों से भी कई उपकरण गाय...

डा श्याम गुप्त की ग़ज़ल .....

मिली हवाओं में उड़ने की ये सज़ा यारो। कि मैं जमीं के रिश्तों से गया कट यारो। देख परफ्यूम , आई-पोड सजे मालों को, जी चमेली की गंध से गया हट यारो। मस्त रेस्त्रां के वो सिज़लर औ विदेशी डिश में, भूला चौके की वो भीनी सी गंध तक यारो। पल में उड़कर के हवा में हर शहर जाऊं , हमसफ़र, राह औ किस्सों से गया कट यारो। आधुनिक चलन है, बोतल का नीर पीते हैं , नीर नदियों का तो कीचड से गया पट यारो। जब से उड़ने लगे हम ,श्याम' प्रगति के पथ पर, अपनी संस्कृति से ही मानव गया नट यारो॥