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सुधार ---डा श्याम गुप्ता ....

सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ भारत की स्थिति में सुधार...??????---डा श्याम गुप्त.... छ : दशक बाद भी भारत , बंगलादेश , लंका , पाकिस्तान , नेपाल से भी स्वास्थ्य , शिक्षा व लिंगभेद में पीछे है तो फिर सुधार किस में व किस बात का , प्रगति किस बात की ?...आमदनी में, खेळ में ,फैशन में , सिनेमा, टी वी, मोबाइल व अन्य आयातित विचार ,संस्कृति , उपभोग के उपकरणों -बस्तुओं, प्रसाधनों के उपभोग-उपयोग- प्रयोग में, जो आभासी है , नक़ल पर आधारित, व विदेशी सहायता पर आधारित है ; खेळ भ्रष्टाचार , सांस्कृतिक भ्रष्टाचार तथा हर क्षेत्र में महा- भ्रष्टाचार में | --- - शिक्षा , स्वास्थ्य , चरित्र व लिंगभेद ही तो किसी समाज के सामाजिक स्थिति के वास्तविक दर्पण होते हैं , जहां -- हम कहाँ हैं --- आज दीपावली के , अग्निशिखा के , अग्ने ( विद्वानों , गुणीजनों के व्यवहार --- अग्ने ने सुपथा राये ...) के अंतर्मंथन के पर्व पर हम सब सोचें - विचारें , एवं कुछ उपाय व कर्तव्यों पर पुनर्विचार व मंथन करें ।

हमें शिकायत करने का हक़ नही है...!!! भाग - २

आप लोगो ने पिछली पोस्ट पढ़ी थी अब मैं आपको शिकायत न करने की कुछ और वजह बताता हूँ..... रिश्वत देने मे और सिफारिश करने मे हम सबसे आगे होते हैं लेकिन जब अपना काम नही होता है तो कहते हैं की बहुत भर्ष्टाचार बढ़ गया है जिसको देखो रिश्वत मांग रहा है....बच्चे के पैदा होने से पहले उसका लिंग पता करने के लिए रिश्वत कुछ कहो तो कहते हैं की आगे तैयारी करने मे आसानी होती है, उसकी पैदा होने के बाद उसके जन्म प्रमाण - पत्र मे उसकी उम्र बदलवाने के लिए हम रिश्वत देते हैं, जब स्कूल में उसका दाखिला कराना होता है तो किसी अच्छे स्कूल में दाखिला कराने के लिए हम रिश्वत देते हैं चाहे हमारा बच्चा उस स्कूल की पढाई झेलने के लायक हो या नहीं हमें उससे कोई मतलब नहीं हैं, किसी खेल की टीम उसको खिलाने के लिए हम रिश्वत और सिफारिश सब कर लेते हैं, और हमारा बेटा खेल लेता हैं वो भी उस लड़के वो निकाल कर जो हमारे बच्चे से बहुत बेहतर खिलाडी है, चाहे जो करना पड़े खेलेगा हमारा बेटा, बच्चे ने साल बार पढाई नहीं में अब इम्तिहान में कैसे पास होगा लेकिन कोई बात नहीं तेअचेर को रिश्वत देकर किसी और से पेपर दिलवा देंगे, अगर यह नहीं हुआ तो क्ला...
हिंदुस्तान का दर्द.... -- नाग साँप बिच्छू खड़े, जनता है मजबूर। जिसे चुना वह डसेगा, हो सत्ता में चूर।। -- तेंतीस प्रतिशत से अधिक, मिलें न जिसको मत। जब्त जमानत हो 'सलिल', सुधरेगी कुछ गत।।