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Showing posts with the label नफरत की आग

20 साल हो गए.....हजारों छात्रों को टैंक से रौंद दिया था कम्युनिस्ट सरकार ने

आज से ठीक 20 साल पहले 4 जून 1989 को बीजिंग के तियानआन चौक पर हजारों लोकतंत्र समर्थक निहत्थे छात्रों पर टैंक दौड़ा दिए गए थे। पूरी दुनिया हतप्रभ थी। टैंक चलाने का आदेश देने वाले तत्कालीन चीनी नेता देंग शियाउ पिंग खलनायक के तौर पर सामने आए थे। उस समय लगने लगा था कि जिस तरह सोवियत संघ की कम्युनिस्ट व्यवस्था लड़खड़ा रही है, वैसा ही हश्र चीन के कम्युनिस्ट शासन का होने वाला है। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आज चीन दुनिया में एक बड़ी आर्थिक-सामरिक ताकत के तौर पर सामने है। वैश्विक मंदी से उबरने के लिए विश्व चीन से उम्मीदें लगाए हुए है। क्या हुआ था माओ की मृत्यु के बाद देंग शियाउ पिंग ने कम्युनिस्ट अर्थव्यवस्था को उदारवाद की तरफ मोड़ा। समाजवादी बाजार व्यवस्था के नाम से शुरू किए पिंग के प्रयास इतने धीमे थे कि पार्टी के भीतर की लोकतंत्र समर्थक ताकतें संतुष्ट नहीं थीं और वे चाहती थीं कि राजनीतिक-आर्थिक खुलापन और तेजी से लाया जाना चाहिए और पार्टी के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार पर कड़ी रोक लगाई जाए। लेकिन देंग इससे सहमत नहीं थे। उधर सोवियत संघ में पेरेस्त्रोइका व ग्लासनोस्त (खुलापन) आने से चीन में भी ये ताकतें ...

22 वर्षीय विवाहिता के साथ गैंग रेप

खरड़. लुधियाना के गांव हैबोवाल निवासी 22 वर्षीय विवाहिता ने अपने परिचित और उसके दो साथियों पर गैंग रेप का आरोप लगाया है। घटना मंगलवार को हुई। आरोपियों में चंडीगढ़ का प्रॉपर्टी डीलर मेहर चंद और उसके दो साथी शामिल हैं। दो वर्ष पहले ब्याही गई और एक बच्चे की मां पीड़िता वीरवार को पति के साथ पुलिस के पास आई। सिटी प्रभारी अतुल सोनी ने बताया कि महिला का मेडिकल करवाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक मेहर चंद करीब 6 माह पहले उसके सम्पर्क में आया था। गत मंगलवार मेहर ने उसे फोन कर खरड़ बुलाया, जहां उसके दो अन्य साथी भी थे। तीनों उसे एक स्थान पर ले गए और रेप किया। पीड़िता शिकायत लेकर पहले सिटी पुलिस के पास गई थी, जहां कारवाई न होने पर वह एसएसपी से मिली। मामले की जांच डीएसपी खरड़ को सौंपी गई। उन्होंने इसे सिटी प्रभारी को सौंपा। जानकारी के मुताबिक महिला की पहले सुनवाई न करने वाले एएसआई जागीर सिंह भी इस मामले में जांच के घेरे में आ गए हैं। उनके विरुद्ध भी विभागीय जांच शुरू की गई है। सिटी पुलिस द्वारा एएसआई के रवैये को लेकर डीएसपी को लिखा गया है। एसएसपी जतिंदर सिंह औलख ने कहा कि एएसआई जागीर सिंह द्वारा...

पाकिस्तान में बलात्कार की शिकार सक्रियवादी ने विवाह किया

एक पाकिस्तानी महिला, जो अपने सामूहिक बलात्कार का मामला अदालत में ले जाने के कारण महिलाधिकारों का प्रतीक बन गईं हैं, उन्होंने विवाह कर लिया है.मुख़्तारन माई ने रविवार को पुलिस अधिकारी नासिर अब्बास गेबोल से विवाह करके सारी परंपराएं तोड़ दीं. सात वर्ष पहले उन पर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आने के बाद वह सुर्ख़ियों में आ गईं थीं, तब श्री गेबोल को उनकी सुरक्षा का भार सौंपा गया था.सुश्री माई ने सन 2002 में उनका सामूहिक बलात्कार करने वाले पुरुषों के विरुद्ध क़ानूनी कार्यवाही करके स्थानीय परंपराओं को चुनौती दी थी. उनके छोटे भाई पर लगाए गए अरोपों का बदला लेने के लिए आदिवासी परिषद ने उनके सामूहिक बलात्कार के आदेश दिए थे. वह आरोप कभी सिद्ध नहीं किए जा सके.पाकिस्तान में बलात्कार का शिकार महिलाएं कलंकित कहलाती हैं और आपराधिक आरोप लगाने वाली महिलाओं की संख्या अधिक नहीं होती. ऐसी महिलाओं के विवाह नहीं होते और निराश होकर वह आत्म हत्या कर लेती हैं.सुश्री माई के पति के हवाले से एसोसियेटेड प्रेस ने कहा कि वह उनकी “भारी हिम्मत” से प्रभावित हैं. आगे पढ़ें के आगे यहाँ

घड़ी कमर में लटकाऊंगा.. मैं गांधी बन जाऊं..

बचपन में पाठ्य पुस्तक में एक कविता पढ़ी थी, “मां खादी की चादर दे दे , मैं गांधी बन जाऊं।” कविता में एक बच्चा मां से गांधी जी के जैसी वस्तुएं दिलवाने की मनुहार करता है ताकि वह भी उन्हें लेकर गांधी जी जैसा दिख सके। उसमें गांधी जी की मशहूर घड़ी का जिक्र था। गांधी जी घड़ी हाथ में नहीं बांधते थे, कमर में लटकाते थे। “घड़ी कमर में लटकाऊंगा…” तब बाल मन के लिए गांधी जी आदर्श थे, उनकी तरह कमर में घड़ी बांधने की उत्सुकता होती थी। आज वही घड़ी तस्वीर में देखने को मिल रही है क्योंकि उसकी अमेरिका में नीलामी हुई है। क्या आपको वह पूरी कविता और लेखक का नाम याद है?कविता कुछ इस प्रकार थी:- मां खादी की चादर दे दे, मैं गांधी बन जाऊंसब मित्रों के बीच बैठ कर रघुपति राघव गांऊ घड़ी कमर में लटकाऊंगा सैर सवेरे कर आऊंगा मुझे रुई की पोनी दे दे तकली खूब चलाऊं मां खादी की चादर दे दे, मैं गांधी बन जाऊं आगे पढ़ें के आगे यहाँ

आज भी हावी है अंधविश्वास

आधुनिक समाज चाहे प्रगति के जितने दावे करे मगर मध्यप्रदेश में अंधविश्वास की जड़ें अब भी गहरी हैं। इसका प्रमाण गुरुवार को मंदसौर की पिपलिया मंडी में देखने को मिला जहां पुलिस की मौजूदगी में हत्या के एक आरोपी ने समाज की पंचायत में आग से तपकर सुर्ख लाल हो चुकी सलाखों को हाथों में उठाकर अपनी बेगुनाही का सबूत दिया।जानकारी के मुताबिक पिपलिया मंडी में जनवरी माह में घनश्याम नाम के एक व्यक्ति की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने अन्य आरोपियों के साथ लाल सिंह को भी आरोपी बनाया। जानकारी के मुताबिक पिपलिया मंडी में जनवरी माह में घनश्याम नाम के एक व्यक्ति की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने अन्य आरोपियों के साथ लाल सिंह को भी आरोपी बनाया। अंधविश्वास का खुलाशा करती जोश-18 की यह रिपोर्ट । पढ़ें: एक टोटके से सुखमय जीवन में पड़ी दरार मृतक और आरोपी सिंह, दोनों का नाता बाबरी मोंगिया समाज से है। इस समाज में परम्परा है कि व्यक्ति अगर अपने को निर्दोष बताता है तो उसे पंचायत के सामने उसका प्रमाण देना होता है।बाबरी मोंगिया समाज की परम्परा के मुताबिक गुरुवार को पिपलिया मंडी में पंचायत लगी। इसमें पहुंचे लाल ...

जीतिए 5000 रुपए का नगद इनाम

दोस्तों जैसा ही आपको पता है की हिन्दुस्तान का दर्द ब्लॉग ने इस ब्लॉग के मेम्बरों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की है..तो जल्दी से बनिए इस ब्लॉग के मेंबर और भाग लीजिये इस प्रतियोगिता में और जीतिए 5000 रुपए का नगद इनाम !!हमारा प्रश्न और नियम देखने के लिए क्लीक करे !!भाग लेने की अन्तिम तारीख 15 जनवरी 2009 है !! http://yaadonkaaaina.blogspot.com/2009/01/5000.html

ब्रिटेन जैसा नंगापन भारत में नहीं चाहिए

अब देखो मनमोहन सिंह जी ने जैसे ही लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देने से इनकार किया और उनकी बात को एक और दम मिल गया की ब्रिटेन में कम उम्र की लड़कियां अय्यासी करती फिर रही है और कम उम्र में ही बच्चे पैदा करने की मशीन बनती जा रही है! तो देखो भैया अपना प्रधानमंत्री भले ही सोनिया जी के बटन दबाने के बाद चालू होता है लेकिन देश को फायदा पहुचने में कामयाब तो हो ही जाता है !!लेकिन मनमोहन जी एक काम और कर देते तो अच्छा होता वो ये की हमारे देश में भी तो कम उम्र की लडकियां प्रेग्नेंट हो रही है उस पर क्या हुम्हे और कुछ ठोस कदम उठाने की जरुरत नहीं है !!! ब्रिटेन में किशोरियां गर्भवती हो रही हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टेटिस्टिक्स और ओएनएस की मानें तो पिछले साल इंग्लैंड और वेल्स इलाके में 18 साल से भी कम उम्र की 43 हजार किशोरियां गर्भवती हुईं। कम उम्र में ही बच्चे पैदा करने की मशीन बनती जा रही है! तो देखो भैया अपना प्रधानमंत्री भले ही सोनिया जी के बटन दबाने के बाद चालू होता है लेकिन देश को फायदा पहुचने में कामयाब तो हो ही जाता है !! डिपार्टमेंट ऑफ चिल्ड्रेन, फैमिली...

अख़बारों की दुनिया

सांप्रदायिकता का जहर गांधीवादी विचारक और लेखक कुमार प्रशांत जेपी की छांव में पले-बढ़े. शांति सेना के साथ जुड़कर लंबे समय तक काम किया. वर्तमान संदर्भ में हमारे सामने जो चुनौतियां हैं उनके मुख्यरूप से तीन प्रकार हैं. पहली चुनौती है सांप्रदायिकता, दूसरी चुनौती है पूंजी का जहर और तीसरी चुनौती है हिंसा का फैलता दायरा. गांधी शांति प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए इन तीनों विषयों पर कुमार प्रशांत ने विस्तार से प्रकाश डाला है. हम क्रमशः यहां प्रकाशित कर रहे हैं- संपादक . गांधी को समझनेवाले कई लोग मुझसे यह सवाल पूछते हैं कि गांधी ने जीवनभर इतनी सारी बातें कहीं फिर तुम लोगों ने यही एक बात क्यों पकड़ ली है? और भी तो बहुत सारी बातें कही है उसने. मित्रों मेरे लिए सांप्रदायिकता हिन्दू-मुसलमान का झगड़ा मात्र नहीं है. सांप्रदायिकता इससे बड़ी चुनौती है. आप लोगों ने संग्रहालयों में देखा होगा कि वहां लिखा रहता है कि यह पेड़ का तना इतने सालों पहले दब गया और उसके कारण इस पत्थर का निर्माण हो गया. कोई पेड़ का तना एक निश्चित तापमान पर लंबे समय तक धरती के नीचे दबा रहा तो वह पत्थर हो गया. ये आज आ...