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राजस्थान में तीन अस्पताल 'सील' हुए

राजस्थान की सरकार ने करौली में बच्चों को प्रलोभन देकर ख़ून निकालने के मामले में तीन अस्पतालों को 'सील' कर दिया है और एक नर्सिंग होम के मालिक को गिरफ़्तार किया है. इसी के साथ इन निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. राजस्थान पुलिस पहले ही दो डॉक्टरो सहित पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है. इन लोगों के ख़िलाफ़ कचौरी, जूस और कुछ पैसे देकर बच्चों का ख़ून निकालने का आरोप है. करौली ज़िले की पुलिस ने बुधवार को कहा था कि ऐसे बच्चों की संख्या तीस हो सकती जो इस षड्यंत्र के शिकार हुए होंगे. इन लोगों ने चिकित्सकों के लिए तय किए गए नौतिक नियमों का उल्लंघन किया है और प्रशासन इनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेगा नीरज पवन, ज़िला अधीक्षक, करौली करौली के ज़िला अधीक्षक नीरज पवन ने मेडिकल काउंसिल को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि तीन डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाए क्योंकि उन्होंने तय नौतिक नियमों का उल्लंघन किया है. नीरज पवन का दावा था, "इन लोगों ने चिकित्सकों के लिए तय किए गए नौतिक नियमों का उल्लंघन किया है और प्रशासन इनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेगा....

स्कूलों में नहीं दी जानी चाहिए सेक्स शिक्षा

नई दिल्ली. स्कूलों में सेक्स शिक्षा पर एक संसदीय समिति ने आपत्ति जताई है। समिति ने सुझाव दिया है कि इससे संबंधित पाठों को जीवविज्ञान के सिलेबस में प्लस टू से पहले नहीं जोड़ा जाए। राज्यसभा की कमेटी ऑफ पिटीशंस ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि स्कूली बच्चों को साफ संदेश दिया जाना चाहिए कि शादी से पूर्व सेक्स नहीं किया जाना चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता एम वेंकैया नायडू नीत समिति ने कहा कि छात्रों को इस तथ्य के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए कि शादी से पहले सेक्स सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है। समिति के मुताबिक, छात्रों को इस बारे में जागरूक किया जाए कि बाल विवाह अवैध तथा लड़की के स्वास्थ्य के लिहाज से घातक है। उन्हें इस बात की शिक्षा भी दी जानी चाहिए कि 16 वर्ष की उम्र के पहले सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध भी दुष्कर्म के बराबर हैं। स्कूलों में सेक्स शिक्षा पर राष्ट्रीय बहस की मांग करने वाली याचिका पर रिपोर्ट में कहा गया है कि एचआईवी/एड्स के बारे में पाठ जीवविज्ञान के सिलेबस में उच्चतर कक्षाओं में जोड़े जा सकते हैं। आगे पढ़ें के आगे यहाँ

पाकिस्तान में बलात्कार की शिकार सक्रियवादी ने विवाह किया

एक पाकिस्तानी महिला, जो अपने सामूहिक बलात्कार का मामला अदालत में ले जाने के कारण महिलाधिकारों का प्रतीक बन गईं हैं, उन्होंने विवाह कर लिया है.मुख़्तारन माई ने रविवार को पुलिस अधिकारी नासिर अब्बास गेबोल से विवाह करके सारी परंपराएं तोड़ दीं. सात वर्ष पहले उन पर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आने के बाद वह सुर्ख़ियों में आ गईं थीं, तब श्री गेबोल को उनकी सुरक्षा का भार सौंपा गया था.सुश्री माई ने सन 2002 में उनका सामूहिक बलात्कार करने वाले पुरुषों के विरुद्ध क़ानूनी कार्यवाही करके स्थानीय परंपराओं को चुनौती दी थी. उनके छोटे भाई पर लगाए गए अरोपों का बदला लेने के लिए आदिवासी परिषद ने उनके सामूहिक बलात्कार के आदेश दिए थे. वह आरोप कभी सिद्ध नहीं किए जा सके.पाकिस्तान में बलात्कार का शिकार महिलाएं कलंकित कहलाती हैं और आपराधिक आरोप लगाने वाली महिलाओं की संख्या अधिक नहीं होती. ऐसी महिलाओं के विवाह नहीं होते और निराश होकर वह आत्म हत्या कर लेती हैं.सुश्री माई के पति के हवाले से एसोसियेटेड प्रेस ने कहा कि वह उनकी “भारी हिम्मत” से प्रभावित हैं. आगे पढ़ें के आगे यहाँ

सेक्स करने से भी ज्यादा जरूरी काम क्या..

अमेरिका में सेक्सुअली एक्टिव द्वारा एक हजार लोगों पर किए गए सर्वे के दौरान एक नई बात निकल कर सामने आई है। इस सर्वे के मुताबिक कम से कम 80 फीसदी लोग किसी न किसी कारणवश अपने सेक्स पार्टनर को सेक्स कर ने से मना कर देते हैं। उधर दूसरी तरफ ऐसा माना जाता है कि जिन्हें सेक्स ज्यादा पसंद है, वे किसी अन्य काम को भी बहुत अच्छे ढंग से करते हैं। लेकिन इस सर्वे में कुछ अलग बात सामने आई है.. 60 फीसदी पुरुष दिन में कम से कम एक बार सेक्स करने के बारे में जरूर सोच-विचार करते हैं। इस सर्वे में पाया गया कि दिन में महिलाओं के मुकबाले पुरुष सेक्स के विषय में ज्यादा सोचते हैं। पुरुष दिन में चाहे वह ऑफिस में हो या अन्य किसी काम में व्यस्त हो, लेकिन उनके मन में सेक्स के बारे में एक बार तो जरूर उठापटक होता है। जबकि दूसरी तरफ महिलाओं की संख्या सिर्फ 19 फीसदी ही है। सेक्स करने से भी ज्यादा जरूरी काम क्या है.. सेक्स करने से भी ज्यादा जरूरी काम क्या हो सकता है यह एक सोचने लायक बात है। लेकिन कंज्यूमर रिपोर्ट के मुताबिक 53 फीसदी लोग नींद और ज्यादा थकान की वजह से सेक्स करने से मना कर देते हैं। इसके उपरांत तबियत खराब...

मंदी मे तेजी से बढता सेक्स

प ूरी दुनिया जहां एक ओर मंदी की मार से जूझ रही है तो वहीं एक पक्ष ऐसा भी है जहां मंदी की सुनामी का कोई असर नहीं पड़ रहा है। जी हां मंदी पर सेक्स पूरी तरह से हावी है। जानकार तो यहां तक कहते हैं कि दुनिया में आर्थिक मंदी जितनी बढ़ेगी, सेक्स में भी उतना ही इजाफा होगा। मंदी की मार से बौखलाए पुरुष अपना तनाव दूर भगाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सेक्स करना पसंद करते हैं। प्रोफेसर हेलेन फिशर का मानना है कि, आर्थिक मंदी के चलते लोगों में डर और तनाव इतना फैल जाता है कि उनके दिमाग में डोपामाइन नामक केमिकल की मात्रा में बढ़ने लगती है। इस केमिकल्स की वजह से सेक्स की तरफ लोग अधिक खिंचे चले जाते हैं। लोग तनाव को दूर भगाने के लिए आपसी रिश्तों में ज्यादा से ज्यादा समय सेक्स को दे कर तनाव भरे वातावरण से निकलना चाहते हैं। तनाव में सेक्स से फायदा.. आर्थिक मंदी से जूझ रहे लोग इतना तनावग्रस्त हो जाते हैं कि वे सेक्स में अपना समय ज्यादा देकर इस तनाव से दूर रहते हैं। मंदी से जूझ रहे लोगों में सेक्स एक दवा की तरह काम करती है। इससे तनाव तो कम होता ही है साथ ही मंदी के दौर में इससे सस्ता मनोरंजन का साधन दूसरा कोई...

नारी देह, नग्नता और हमारा समाज

संवादघर  ( www.samwaadghar.blogspot.com)  में   नारी की दैहिक स्वतंत्रता व सामाजिक उपयोगिता पर जो बहस चल रही है वह रोचक तो है ही ,  बहुत महत्वपूर्ण भी है । एक ऐसा एंगिल जिससे अभी तक किसी ने इस विषय पर बात नहीं की है ,  मैं सुधी पाठकों के सम्मुख रख रहा हूं  !   बहस को और उलझाने के लिये नहीं बल्कि सुलझाने में मदद हो सके इसलिये  !  नारी देह के डि - सैक्सुअलाइज़ेशन  (de-sexualization)  की दो स्थिति हो सकती हैं ।    पहली स्थिति है  -  जहरीला फल चखने से पहले वाले आदम और हव्वा की  - जो यौन भावना से पूर्णतः अपरिचित थे और शिशुओं की सी पवित्रता से ईडन गार्डन में रहते थे।    ऐसा एक ही स्थिति में संभव है  -  जो भी शिशु इस दुनिया में आये    उसे ऐसे लोक में छोड़ दिया जाये जो ईडन गार्डन के ही समकक्ष हो । वहां यौनभावना का नामो - निशां भी न हो ।   " धीरे धीरे इस दुनिया से भी यौनभावना को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना है " -  यह भी लक्ष्य हमें अपने सामने रखना होगा ।   यदि यह संभव नहीं है या    हम इसके लिये तैयार नहीं हैं तो दूसरी स्थिति ये हो सकती है कि हम न्यूडिस्ट समाज की ओर बढ़ें और ठीक वैसे ...