हिन्दुस्तान का दर्द एक सामूहिक ब्लॉग है जिस पर सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन समस्या तब होती है जब हमें अपने द्वारा लिखे गए लेख या अन्य रचनाओं पर पाठकों की प्रतिक्रिया नहीं मिलती है,तो इसमें एक पहलू यह निकल कर सामने आता है की लेखक को यदि चाहिए की पाठक उसकी पोस्ट की समीक्षा करें, उस पर अपनी प्रतिक्रिया दें तो इसके लिए उसे अपनी पोस्ट के बीच कुछ अंतराल बनाकर चलना होगा क्योंकि होता यह है की हम इतने जल्दी-जल्दी से नयी पोस्ट पब्लिश करते है की हमारी पुरानी पोस्ट का मूल्यांकन नहीं हो पाता,और जब तक हमारा लेखन दूसरों को सकारात्मक या नकारात्मक रूप से प्रभावित ना कर दे तब तक उसके लिखने की सार्थकता सिद्ध नहीं होती. हिन्दुस्तान का दर्द पर अधिक से अधिक पोस्ट आना हमारे लिए फायदेमंद है लेकिन इसके लिए हम किसी भी लेखक की रचनात्मकता को साधारण बनाना नहीं चाहते,आगे हमारे बुद्धिजीवी लेखक और पाठक समझदार है... हिन्दुतान का दर्द के साथ इसी तरह से प्यार और अपनेपन को बनाए रखिए, क्रिसमस डे की आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं. संजय सेन सागर 09907048438 ...