Skip to main content

Posts

Showing posts with the label वीरता

रतन टाटा का जनता को ''धोखा''

संजय सेन सागर मध्यम वर्ग परिवार और स्वयं के सपने को साकार करने के लिए रतन टाटा ने ड्रीम प्रोजेक्ट नैनो कार का निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया है। और रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट अब रियल प्रोजेक्ट के रूप में हमारे सामने है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिये रतन को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जब उन्होने नैनो प्रोजेक्ट को प्रारंभ किया तो उन्हे ‘‘सिंगुर’’ से धोखा मिला लेकिन भले मानुष नरेन्द्र मोदी जी की मदद से आज नैनो तैयार है। नैनो के सफल निर्माण से रतन टाटा का सपना तो पूरा हो गया लेकिन मध्यम वर्ग परिवार का सपना अब भी खटाई में है। टाटा कंपनी ने अपनी पहली खेप में एक लाख नैनो कार का निर्माण किया है जबकि नैनो के लिए 12 करोड़ परिवार खरीदना चाहते है जिनका यह सपना पूरा होना संभव नजर नही आ रहा है। नैनो को लेकर इन परिवारो का सपना इतना बड़ा हो चुका है कि अब बस यह हकीकत में तब्दील होना चाहता है, लेकिन रतन टाटा जानते है कि इनका सपना पूरा ना होना ही रतन टाटा को फायदा पहुँचा सकता है। रतन टाटा चाहते तो आराम से 50 लाख - एक करोड़ नैनो का निर्माण कर सकते थे लेकिन इसके बाद नैनो की वो असाधारणतः समाप्त हो जा...

आधी रात को सूरज का नज़र आना!

नॉर्वे में आधी रात को भी सूरज कैसे दिखाई देता है . यह सवाल किया है ग्राम बभनगामा मधेपुरा बिहार के चन्द्रशेखर कुमार ने . चन्द्रशेखर जी , नॉर्वे में ही नहीं , आर्कटिक घेरे के उत्तर में और अंटार्कटिक घेरे के दक्षिण में पड़ने वाले सभी इलाकों में गर्मियों के मौसम में आधी रात को भी सूरज दिखाई देता है . अगर मौसम साफ़ हो तो यहां 24 घंटे सूरज नज़र आता है . आर्कटिक घेरे के उत्तर में पड़ने वाले देश हैं कनाडा , अमरीका का राज्य अलास्का , ग्रीनलैंड , नॉर्वे , स्वीडन , फ़िनलैंड , रूस और आइसलैंड जबकि अंटार्कटिक घेरे के दक्षिण में कोई बसावट नहीं है . अब आपका सवाल कि ऐसा क्यों होता है . शायद आप जानते हैं कि पृथ्वी अपनी धुरी पर 23.5 डिग्री झुकी हुई घूमती है . इसलिए गर्मियों के मौसम में सूरज डूबता ही नहीं . उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर तो सूरज वर्ष में एक बार उगता है और एक बार डूबता है . जिसका परिणाम यह होता है कि लगभग छह महीने दिन रहता है और छह महीने रात ...

वीरता

वीरता जैसा कि अक्सर होता है यानी राजा जालिम था । वह जनता पर बड़ा अन्याय करता था और जनता अन्याय सहती थी, क्योंकि जनता को न्याय के बारे में कुछ नहीं मालूम था । राजा को ऐसे सिपाही रखने का शौक था जो बेहद वफ़ादार हों । बेहद वफ़ादार सिपाही रखने का शौक उन्हीं को होता है, जो बुनियादी तौर पर जालिम और क़मीने होते हैं । और राजा को हमेशा ये डर लगा रहता था कि उसके सिपाही वफ़ादार नहीं है और वह अपने सिपाहियों की वफादारी का लगातार इम्तिहान लिया करता था । एक दिन उसने अपने एक सिपाही से कहा कि अपना एक हाथ काट डालो । सिपाही ने हाथ काट डाला । राजा बड़ा खुश हुआ और उसे वीरता का बहुत बड़ा इनाम दिया । फिर एक दिन उसने एक दूसरे सिपाही से कहा कि अपनी टाँग काट डालो । सिपाही ने ऐसा ही किया और वीरता दिखाने का इनाम पाया । इसी तरह राजा अपने सिपाहियों के अंग कटवा-कटवाकर उन्हें वीरता के इनाम देता रहा । एक दिन राजा ने देश के सबसे वीर सैनिक से कहा कि तुम वास्तव में कोई ऐसा बहादुरी का काम करो, जिसे कोई न कर सकता हो । वीर सैनिक ने तलवार निकाली, आगे बढ़ा और राजा का सिर उड़ा दिया । -------असगर ...