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Showing posts with the label जीवन का सत्य

विश्वास से ही काम बनते हैं

एन. रघुरामन मैनेजमेंट फंडा .शाहरुख खान की एक हिट फिल्म का संवाद है, ‘कोई चीज अगर दिल से चाहो तो सारी कायनात आपकी उस चाहत को पूरा करने में लग जाती है।’ इसकी पुष्टि करती एक सच्ची घटना पर गौर न्यूयार्क शहर में रहने वाली एक छोटी लड़की अपने पिगी बैंक को खाली कर अपने घर से कुछ दूर स्थित एक दवा की दुकान पर पहुंचती है। दुकान मालिक उस लड़की की तरफ कोई ध्यान नहीं देता, क्योंकि वह शिकागो से आए अपने भाई से बातें करने में मशगूल होता है। लड़की की तेज आवाज से उसे बातचीत करने में परेशानी आती है। यह देखकर वह चिड़चिड़े लहजे में उससे पूछता है, ‘क्या चाहती हो? देख नहीं रही हो मैं अपने भाई से बात कर रहा हूं जो बहुत दिनों बाद मुझसे मिलने आया है!’ यह सुनकर लड़की भी उतने ही तेज अंदाज में बोलने की कोशिश करते हुए जवाब देती है, ‘मैं भी आपसे अपने भाई के बारे में बात करना चाहती हूं। वह बहुत बीमार है.. और मैं कोई चमत्कार खरीदने आई हूं।’ यह सुनकर दुकानदार थोड़ा अचरज से बोला, ‘फिर कहो.. तुम क्या चाहती हो?’ लड़की बोली, ‘मेरे भाई का नाम एंड्रयू है और उसके सिर के भीतर कुछ हो गया है। मेरे पिताजी का कहना है कि अब कोई चमत्...

कविता:

जीवन का सत्य आचार्य संजीव 'सलिल' मुझे 'मैं' ने, तुझे 'तू' ने, हमेशा ही दिया झाँसा। खुदी ने खुद को मकडी की तरह जाले में है फांसा। । निकलना चाहते हैं हम नहीं, बस बात करते हैं। खुदी को दे रहे शह फिर खुदी की मात करते हैं। चहकते जो, महकते जो वही तो जिन्दगी जीते। बहकते जो 'सलिल' निज स्वार्थ में वे रह गए रीते। भरेगा उतना जीवन घट करोगे जितना तुम खाली। सिखाती सत्य जीवन का हमेशा खिलती शेफाली। ******************************************