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Showing posts with the label प्रिये साथियो

ब्लोगेरिया से बचने की दवा की खोज,सब ब्लॉगर मे जश्न का माहोल

सारा देश आज ब्लोगेरिया की चपेट मे है यह रिपोर्ट हम तक पहुंची है हे प्रभु तेरा पंथ के हवाले से !जब इस बिकट मनोरंजक और ज्ञानवर्धक विपदा के बारे मे विस्तारपूर्बक जांच की गयी तो हुम्हे जो ज्ञात हुआ वह काफी चौकाने वाला है, ब्लोगेरिया रोग देखादेखी वाला रोग है ! और इस रोग से पीड़ित ब्लॉगर को यदि पाठकों की टिप्पणियाँ न मिले तो इसका सीधा प्रभाव ब्लॉगर के हिर्दय पर पड़ता है !! हे प्रभु तेरा पंथ जी हमारे सामने एक बहुत विकट समस्या रख दी है जिसका हल खोजना हमारा फ़र्ज़ है इसी दिशा मे एक दवाई आप लोगों तक पहुंचा रहा हूँ!! हिन्दुस्तान चिट्टा सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक विशेष प्रकार की टीम का गठन किया था ,जिसके ये बागडोर दी गयी थी की बह इस रोग के लिए दवा इजाद करे !इसके लिए हिन्दुस्तान का दर्द ने एक दवा इजाद की है जो काफी हद तक ब्लोगेरिया से निपटने मे सक्षम है! मानसिक हलचल जैसे मरीज तो बहुत है पर गंभीर अवस्था मे है जो उन्हें हम सब जानते है जरा देखिये ! 1. हे प्रभु तेरा पंथ 2. फुरसतिया 3. उडन तश्तरी .... 4. मोहल्ला 5. हिन्द-युग्म 6. सारथी 7. अज़दक 8. भड़ास blog 9. एक हिंदुस्तानी की डायरी 10. म...

'वे' सफल क्यों हुए

मुंबई, लक्षद्वीप, पोरबंदर और कोंकण के तटों पर पिछले दो दशकों से सिर्फ और सिर्फ डी कंपनी का कब्जा है. 1993 में दुनिया में पहली बार श्रृंखलाबद्ध विस्फोट मुंबई में हुए थे. इन विस्फोटो में दाऊद की क्या भूमिका थी? आरडीएक्स पाकिस्तानी सेना ने दिया था, ट्रेनिंग पाकिस्तानी सेना ने दिया था. डी कंपनी ने लाजिस्टिक का सपोर्ट दिया था. प्रशिक्षण के लिए टिकट और वीजा उपलब्ध कराना तथा आरडीएक्स और एक-56 जैसी राईफलें को मुंबई तक लाने का काम भी डी कंपनी ने किया था. वे सफल क्यों हुए? क्योंकि जिस दाऊद फड़सें उर्फ टकल्या और टाईगर मेनन का नेटवर्क इस्तेमाल में लाया गया था वह नेटवर्क सालों से इस रूट से स्मगलिंग करता था. हर विभाग को उनका नियमित हफ्ता जाता था. नेवी, कोस्टगार्ड, मरीन प्रिवेन्टिव और कस्टम में से किसी को उनका कंसाइनमेन्ट खोलकर देखने की जरूरत महसूस नहीं हुई. वैसे भी इस तरह के स्मगरलों की पहुंच वित्त मंत्रालय तक होती है और सुरक्षा बलों के पास इस तरह के हथियार और उपकरण नहीं होते हैं कि वे इनसे मुकाबला कर सकें. लड़ेंगे तो या तो मरेंगे या फिर वहां से हटाकर कहीं दूर फेंक दिये जाएंगे. लेकिन यदि वे स्मगलरों...

प्रिये साथियो

प्रिये साथियो..... देश मे फिर आंतकवाद ने कितने घरो के चिराग भुजा दिए यह आप हम नहीं जानते ऐसा कर उन को क्या मिला पर दोस्तों ,साथियो उन माँ से पूछो जो अपने बच्चो को खोने का दर्द सहती है उन बहनों से पूछो जो सारी उम्र टक टकी लगाए इंतजार करती रहती है ...माँ बहने जीवन संगनी ,बच्चे ,कितने रिश्ते खत्म हो जाते है कितना अकेला पन से होता इनके जाने के बाद ...कोई उनको समझाए ...की उनके भी रिश्ते ऐसा ही उनके जाने के बाद दर्द पैदा करते है वो भी रिश्तो की डोर से बंधे होंगे ..क्यूँ ...मानवता का चहेरा भयानक होता है उसका दूसरा रूप क्यूँ नहीं बना रहता ...हम शर्मिंदा है आज ...उन रिश्तो के आगे जो इस पीडा के शिकार बने ..उन व्यक्तितव के आगे जो शहीद हुवे ..आज हम सब भाई ,दोस्त ,साथी ,उन सब के लिए भगवान् से प्राथना करे की उनको अपने चरणों मे स्थान दे शान्ति दे व् उनके परिवार ,रिश्तो को हिम्मत दे !हम सब का फ़र्ज़ बनता है की हम उनके आत्मा के लिए एक दिया जला उनको समर्पित करे व् दुआ करे जरुर यह मेरी आप सब दोस्तों साथियो से हाथ जोड़ प्राथना है ..एक दिया एक प्राथना ...जय साई राम संजय सेन सागर www.yaadonkaaaina.blogspot...