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क्यूं हर बार रैंप पर ही कपड़े नहीं देते साथ

दुनिया में कहीं भी फैशन शो हो और उसमें कोई विवाद न उठे ऐसा कैसे हो सकता है। नई दिल्ली इन दिनों चल रहे विल्स लाइफस्टाइल इंडिया फैशन शो भी इससे अछूता न रहा। मशहूर डिजाइनर रितु कुमार के शो के दौरान खूबसूरत मॉडल जब रैंप पर उतरीं तो सभी की निगाह उनके पैंट पर जा कर टिक गई। नजर टिकने की भी पुख्ता वजह थी। दरअसल मॉडल ने जो पैंट पहन रखा था, उसकी चैन बंद करना शायद वो भूल गई थी। ऐसा नहीं है कि यह देश में कोई पहला मामला है। पहले भी कई फैशन शो इन्हीं तरह की लापरवाहियों के चलते सुर्खियां बटोर चुके हैं। हालांकि इस बात पर बहस आज भी जारी है कि ऐसा अनजाने में हो जाता है या फिर जानबूझकर किया जाता है।वर्ष 2008 में विल्स फैशन शो के दौरान एक मॉडल की ड्रेस जब कंधे से खिसक गई तो उसने उस पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया और पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलती रहीं। इससे पहले वर्ष 2006 में तो हद हो गई थी। देश की मशहूर मॉडल केरोल ग्रेसिया जब रैंप पर उतरीं तो कैमरे का फ्लैश लगातार उन्हीं की ओर चमक रहे थे। चमकते भी क्यों नहीं। केरोल ने जो ड्रेस पहनी हुई तो वह अचानक खुल गई। लेकिन दाद देनी होगी कैरोल की। उन्होंने पूरे ...

सेक्स रैकेट का पर्दाफाश...

मोहाली. मोहाली पुलिस ने मंगलवार दोपहर चंडीगढ़ के सेक्टर-56 से सटे फेज-6 स्थित एक मकान पर रेड कर सेक्स रैकेट पकड़ा। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित पांच लड़कियों को गिरफ्तार किया। रेड के दौरान पुलिस के हत्थे दो ग्राहक भी लगे। जबकि इस अड्डे को चलाने वाली औरत का सेक्टर-56 निवासी एक साथी फरार है। फेज-6 के जिस मकान में रैकेट चलाया जा रहा था, वह मकान 15 दिन पूर्व ही किराये पर लिया गया था। डीएसपी सिटी-2 स्वर्ण दीप सिंह ने बताया कि पुलिस को फेज-6 के एक मकान में सेक्स रैकेट चलाए जाने की सूचना मिली थी। मंगलवार को एक पुलिस कर्मी को फर्जी ग्राहक बनाकर मकान में भेजा गया। उसके साथ सेक्स रैकेट चलाने वाली अमरजीत कौर से 1200 रुपए नाइट में सौदा तय हुआ। इसी के साथ ही पुलिस ने मकान पर रेड कर दी। पकड़ जाने वालों में एक लड़की मलेर कोटला, दो अमृतसर और दो दिल्ली की रहने वाली हैं। साथ ही पकड़े गए दो ग्राहकों में उत्तरांचल और दूसरा मोहाली का रहने वाला है। जबकि सेक्स रैकेट की मुख्य सरगना बटाला की है। यहां से लड़कियों को 1500 से लेकर 3000 रुपए तक नाइट के लिए भेजा जाता था। फेज-1 थाना पुलिस ने सभी के इम्मोरल ट्रैफिकिंग ...

हिंदी टीवी चैनलों का झूठ !

सख्त अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि भारत के टी वी चैनल (एनडीटीवी इंडिया को छोड़ कर), समाचार के नाम पर झूठ परोसने में सा री सीमाएं लांघते जा रहे हैं। ख़ास कर हिंदी टी वी चैनल। मुंबई की बारिश की ख़बरें सनसनीखेज़ बनाने के चक्कर में इन हिंदी चैनलों ने झूठी खबरों और तस्वीरों के जरिये मुंबई और बाक़ी जगहों में घबराहट फैला दी है। कुछ उदाहरण इन झूटी ख़बरों और तस्वीरों के- ! 1. मंगलवार की शाम “सहारा समय” ने मुंबई के उपनगर गोरेगांव की ख़बर दी और कहा कि वहां सड़कों पर 2-3 फुट पानी भर गया था। इस खबर के साथ तस्वीर दिखायी जा रही थी वहां से क़रीब 30 किलोमीटर दूर के इलाके, मरीन ड्राइव के समुद्री किनारे की जहां समंदर की ऊंची लहरें सड़क पर बौछार के रूप में गिर रही थीं। 2. “टाइम्स नाउ” ने भी उसी दिन दोपहर में मुंबई के लोअर परेल इलाके की सड़कों के वीडियो दिखाये। उस इलाके में पानी भरा हुआ था और वहां चल रहे ऑटोरिक्शा क़रीब आधा फुट पानी में डूबे हुए थे। मुंबई से परिचित कोई भी व्यक्ति जानता है कि लोअर परेल में ऑटोरिक्शा नहीं चलते, सिर्फ़ टैक्सियां चलती हैं। ऑटोरिक्शा सिर्फ़ उपनगरों में चलते और लोअर परेल उपनगर में नहीं शहर ...

एक हादसा...अंतिम सफर

कुलवंत हैप्पी जिन्दगी कब खत्म हो जाए, किसकी पता नहीं चलता। हम खुद नहीं जानते के अगले पल क्या होने वाला है. एक यात्रा पर निकले मुसाफिर को पता नहीं होता कि वो घर लौटेगा कि नहीं, कहीं यह यात्रा उसकी अंतिम यात्रा तो नहीं. बस मौत के खौफ मन को मन से निकालकर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते हैं. ये सही भी है और होना भी चाहिए क्योंकि अगर हम मौत के भय से रुक जाएंगे, मंजिल को पाना तो क्या एक कदम भी नहीं उठा सकेंगे. जैसे सांसों की रेलगाड़ी कब कहां रुक जाए किसकी को नहीं पता होता, वैसे ही इस अज्ञात महिला को भी नहीं था कि जिन्दगी की रेल रुकने वाली है. उसकी गोद में खेलने वाली बच्ची के सिर से मां का साया उठने वाला है, उसको इस जहान से विदा लेकर अकेली को जाना है, कहते हैं ना, अंत समय कोई साथ नहीं जाता, कुछ इस तरह ही हुआ इस अज्ञात महिला के साथ. अपनी एक साल की मासूम कली को लेकर रेल में सफर कर रही थी वो, बच्ची ने रोना शुरू किया तो उसने बच्ची को गोद में लिया और दरवाजे की तरफ चली आई. उसने बच्ची को चुप करवाने के लिए एक मां की हैसियत से सब कुछ किया. मगर उस महिला को भी नहीं पता था कि यह बच्ची क्यों रो रही है, शायद उस मा...