ब्लॉगिंग को सार्थक करती परिकल्पना "यदि आप ब्लॉग जगत के महत्व को नज़दीक से समझना चाहते हों और हिंदी ब्लोगिंग की दशा एवं दिशा को निरखना चाहते हों , तो परिकल्पना एक अपरिहार्य माध्यम के रूप में आपके सामने मौजूद है !" जी हाँ , आज हिंदी दैनिक जनसंदेश टाईम्स में "ब्लॉगवाणी" स्तंभ के अंतर्गत हुई है रवीन्द्र प्रभात जी की परिकल्पना और उनके द्वारा की गयी अविस्मरनीय पहल ब्लोगोत्सव-२०१ ० तथा वर्ष-२००७ से वर्ष-२०१० तक उनके द्वारा किये गए समग्र हिंदी ब्लॉग विश्लेषण की चर्चा .....! लीजिये आप भी अवलोकन कीजिये - सुमन loksangharsh