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Showing posts with the label जूता कांड

विवादों की गंगा में हाथ धोते हमारे लेखक

भारतीय सिनेमा एक बहुत ही शानदार दौर से गुजर रहा है। एक ही माह के भीतर हमारे पास कॉस्टच्यूम ड्रामा वीर, ग्रामीण प्रेम कहानी इश्किया, देशभक्ति पर आधारित संगम, ऐतिहासिक फिल्म राजा हरिश्चंद्र ची फैक्ट्री और मीडिया को उजागर करती रण फिल्मंे हैं। लेकिन इनमें से कुछ को लेकर विवाद भी पैदा हो गए हैं। रामगोपाल वर्मा को वैसे भी विवादों से कुछ ज्यादा ही लगाव रहा है। रण की रिलीज के दस दिन पहले ही एक फ्रीलांस पत्रकार ने फिल्म निर्माता को यह दावा करके बॉम्बे हाईकोर्ट में खींच लिया कि फिल्म उसकी कहानी ‘ब्रेक के बाद’ पर आधारित है। रिलीज को खतरे में डालने के बजाय फिल्म निर्माताओं को कॉपीराइट से जुड़े विवाद को निपटाने में ही भलाई नजर आई। लेकिन वर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि इन दिनों अपनी किताब को लोकप्रिय करने का यह अच्छा फंडा बन गया है कि फिल्म निर्माताओं पर कहानी चुराने का आरोप मढ़ दो। वीर के निर्देशक अनिल शर्मा भी वर्मा से सहमत हैं, क्योंकि फिल्म के निर्माता विजय गलानी और अभिनेता-लेखक सलमान खान के साथ उनके खिलाफ भी गुड़गांव के एक लेखक की किताब से एक संवाद लेने की वजह से कोर्ट केस दायर...

क्या स्टार प्लस पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो "सच का सामना" से घरों में विवाद छिड़ेगा?

ओमप्रकाश क्या स्टार प्लस पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो "सच का सामना" से घरों में विवाद छिड़ेगा? प्रोग्राम में पार्टिसिपेंट से उनकी पास्ट लाइफ के बारे बहुत निजी और कंट्रोवर्सियल सवाल पूछे जा रहे हैं जैसे एक लेडी से पूछा (१५जुलाइ ०९) अगर आपके हसबैंड को पता न चले तो क्या आप दुसरे मर्द के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहेंगी?लेडी ने जवाब दिया "नहीं" जबकि पालीग्राफ मशीन के सामने लेडी का जवाब "हां" दर्ज है.एक आदमी से सवाल पूछा गया "क्या आपके दिल मैं कभी अपनी साली से जिस्मानी रिश्ते बनाने की ख्वाहिश होती है?उसने जवाब दिया "नहीं" मशीन कहती है "हां". गेम में पार्टिसिपेट करने के बाद घर वापसी में उनके रिश्तों में ज़बरदस्त तल्खी आना स्वाभाविक है और घरों में बवाल शुरू होगा. ऊपर से माडर्न दिखना एक बात है लेकिन निजी ज़िन्दगी में पराये मर्द या लेडीज़ से क्लोज़ रिलेशन बनाने की इजाज़त देना या इसे स्वीकार करना हमारे इंडियन कल्चर में नामुमकिन बात है. आगे पढ़ें के आगे यहाँ

सिल्वर जुबली हेरीटेज वॉक..

चंडीगढ़.नगर प्रशासक के सलाहकार प्रदीप मेहरा ने रविवार को झंडी दिखाकर सिल्वर जुबली हेरिटेज वॉक को रवाना किया। यह वॉक सुखना लेक से शुरू होकर ली काबरूजिए सेंटर, सेक्टर-19 पहुंच कर खत्म हुई। इसका आयोजन इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज ने किया था। ट्रस्ट के चंडीगढ़ चैप्टर के संयोजक का कहना है कि शहर की युवा पीढ़ी को कल्चरल हैरीटेज की जानकारी और इसके संरक्षण के लिए ही इस वॉक का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। आगे पढ़ें के आगे यहाँ

चिदंबरम दुसरे भारतीय जिन पर जूता फेंका गया

जूते खाने वालों में गृहमंत्री पी चिदंबरम दूसरे भारतीय हस्ती बन गए हैं । कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कोंफ्रेंस के दौरान दैनिक जागरण के पत्रकार जरनैल सिंह ने गृह मंत्री के ऊपर जूता चला दिया । हालाँकि बुश की तरह गृहमंत्री भी अपनी फुर्ती से बच गए । जरनैल सिंह ने मीडिया को बताया कि "उसे कांग्रेस से कोई नाराजगी नही है । लेकिन चुनाव से पहले जिस तरह से लोगों को सी बी आई क्लीन चिट दे रही है वो ग़लत है और इसी को लेकर गृहमंत्री पर जूता फेंका । भले ही मेरा तरीका एक पत्रकार होने के नाते ग़लत था । पर, मुझे अफ़सोस नही है । " दरअसल , कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई थी । इस दौरान ८४ के सिख दंगो के ऊपर चर्चा होने लगी । सवाल -जवाब के दौरान बढती गहमा-गहमी के बीच पेशे से पत्रकार जरनैल सिंह ने विरोध जताते हुए गृहमंत्री चिदंबरम के ऊपर जूता चला दिया । चिदंबरम का नाम जूते खाने वाले भारतीयों में दूसरे और विश्व स्तर पर चौथे चर्चित व्यक्ति हैं । इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति 'जोर्ज बुश' , चीन के प्रधान मंत्री 'वेन जिअवाओ ' और बुकर सम्मान प्राप्त अरुंधती राय...