नज्म आचार्य संजीव 'सलिल' By Divya Narmada April 26, 2009 हथेली सामने रखकर खुदा से फकत यह कहना सलामत हाथ हों तो सारी दुनिया जीत लूँगा मैं पसीना जब बहे तेरा हथेली पर गिरा बूँदें लगा पलकों से तू लेना दिखेगा अक्स मेरा ही नया वह हौसला देगा ***************** ************************ यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ Read more