Skip to main content

Posts

Showing posts with the label गीत दोहा

आईपीएल फ्लैशबैकः अंतिम ओवर का रोमांच

01 जून 2008 आईपीएल सीजन 1 का 59वां और फाइनल मैच, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया जिसमें राजस्थान ने चेन्नई को तीन विकेट से हरा दिया। यू तो पूरे आईपीएल सीजन में क्रिकेट का जादू सिर चढ़कर बोला, लेकिन टूर्नामेंट के फाइनल ने तो रोमांच की सारी हदें पार कर दीं। मैच के अंतिम ओवर और अंतिम गेंद पर आए नतीजे ने खिलाड़ियों के साथ ही दर्शकों के दिलों की धड़कन भी बढ़ा दी थीं। जब अंतिम ओवर में चाहिए थे 8 रन फाइनल मुकाबला कांटे का था। चेन्नई सुपर किंग्स ने 163 रनों का स्कोर किया। राजस्थान रॉयल्स ने अच्छी शुरुआत की मगर नतीजा अंतिम बॉल पर निकला जब तनवीर ने आखिरी बॉल पर रन चुराकर टीम को आईपीएल सीजन-1 का चैम्पियन बना दिया। बालाजी की एक गलत बॉल ने चेन्नई से मैच छीन लिया। अंतिम ओवर का रोमांच अंतिम ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 6 बॉल पर 8 रन चाहिए थे। क्रीज पर थे कप्तान शेन वॉर्न और सोहल तनवीर और गेंद थी तेज रफ्तार गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी के हाथ... पहली गेंदः तनवीर ने तेजी से एक रन चुराया। अब राजस्थान को जीत के लिए 7 रन चाहिए थे। दूसरी गेंदः स्ट्राइक पर थे शेन वॉर्न। बालाजी की तेज ...

प्यार की भी एक मर्यादा हो

भावुकता में न बहकें कुलवंत हैप्पी क्या हुआ रोशनी? तुम उदास क्यों हो? कुछ नहीं रोहिणी...रोशनी मुझसे तो झूठ मत बोलो। मैं तुम्हारी सहेली हूँ, तुम्हारी रग-रग से वाकिफ हूँ, तुम मुझसे कुछ छुपा रही हो। बोला न नहीं, कुछ भी कहो रोशनी तुम मुझे कुछ छुपा रही हो। बोलो न क्या बात हुई, कहते हैं दुख बाँटने से कम होता है और खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं। तुम्हें पता है न रोहित के बारे में? हाँ तुम दोनों का प्रेम प्रसंग काफी चर्चा में है। क्या झगड़ा हो गया उससे। प्यार में रूठना-मनाना तो लगा ही रहता है। जिन्दगी में सुख-दुःख दोनों होते हैं। नहीं रोहिणी, बात वह नहीं। कल रोहित और मेरे बीच शुरू हुई तकरार ने एक बड़े झगड़े का रूप ले लिया।हुआ यह कि कल मैं और रोहित फिल्म देखने गए थे। फिल्म देखकर हम जब थिएटर से बाहर निकले तो रोहित ने मुझे कहा कि घर में बहाना बनाकर एक दिन के लिए उसके घर जाऊँ क्योंकि उसके माता-पिता बाहर जा रहे हैं। मैंने उसको मना कर दिया, जिससे वो चिढ़ गया और कहने लगा क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करतीं, तो मैंने भी कह दिया क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते। वो शारीरिक संबंध बनाने के लिए पिछले कई दिनों से दबाव ड...
कुण्डली प्यारी बिटिया! यही है दुनिया का दस्तूर। हर दीपक के तले है, अँधियारा भरपूर। अँधियारा भरपूर मगर उजियारे की जय। बाद अमावस के फिर सूरज ऊगे निर्भय। हार न मानो, लडो, कहे चाचा की चिठिया। जय पा अत्याचार मिटाओ, प्यारी बिटिया। ************************************ लोकतंत्र में लोक ही, होता जिम्मेवार। वही बनाता देश की भली-बुरी सरकार। छोटे-छोटे स्वार्थ हित, जब तोडे कानून। तभी समझ लो कर रहा, आजादी का खून। भारत माँ को पूजकर, हुआ न पूरा फ़र्ज़। प्रकृति माँ को स्वच्छ रख, तब उतरे कुछ क़र्ज़। 'सलिल' न दूषित कर प्रकृति, मत कर आत्म-विनाश। अमी-विमल नर्मदा सम, सबको बाँट प्रकाश। *********************************** ग़ज़ल तू न होकर भी यहीं है मुझको सच समझा गई । ओ मेरी माँ! बनके बेटी, फिर से जीने आ गई ।। रात भर तम् से लड़ा, जब टूटने को दम हुई। दिए के बुझने से पहले, धूप आकर छा गई ।। नींव के पत्थर का जब, उपहास कलशों ने किया। ज़मीं काँपी असलियत सबको समझ में आ गई ।। सिंह-कुल-कुलवंत कवि कविता करे तो जग कहे। दिल पे बीती आ जुबां पर ज़माने पर छा गई ।।। बनाती कंकर को शंकर नित निनादित नर्मदा। ज्यों की त्यों ...