लटके पड़े हुए हो॥ क्यो करते रहे इशारा॥ जब पल्लू को मैंने फेका..क्यो कर गए किनारा॥ क्या इतनी मै बुरी हूँ॥ नो नाट नही॥ पल्लू में मेरा दिल था॥ लायी थी छुपा के॥ मम्मी खड़ी थी सामने ..आई दुबक के मै ॥ जब पकडा तुम्हारा दामन..क्यो निकले सटक के॥ क्या इतनी मै बुरी हूँ॥ नो नाट नही॥ मम्मी की मार झेली ॥ पापा की डांटझेली॥ गली गली में चर्चा है..चुटकी लेती सहेली॥ मै आई तुम्हारे डर पे..क्यो सैट के नही खड़े हो॥ क्या इतनी मै बुरी हूँ॥ नो नाट नही॥