देश तरक्की कब करता है। जब वाडे शासक का पक्का हो॥ दिल में एक उल्लास भरा हो । देश प्रेमी वह सच्चा हो॥ लोभ लालच से दूर रहे। कर्तव्य निष्ठां से काम करे॥ जनता के सुख दुःख में शामिल हो॥ चोर नही न उचक्का हो॥ शान मान मर्यादा का हरदम उसको ख्याल रहे॥ अपने देश के लगो पर उसके प्रति सम्मान रहे॥ सच्चाई के पथ पर चल के ग़लत चलन का ढाल न हो॥ तब उपवन हरे भरे रहेगे। कोयल गीत सुनाएगी॥ खुशिया की रानी चल करके फ़िर उसके घर को आएगी॥ ने इरादा रख करके इंशा नही महान वह हो....