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Showing posts with the label युवा...

किसमें कितने एब्स

फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के लिए सिक्स पैक एब्स के बाद अब शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म के लिए ऐट पैक एब्स बनाएंगे। सुनने में आया है कि सैफ अली खान भी अपनी फिल्म ‘एजेंट विनोद’ के लिए ऐट पैक एब्स बना रहे हैं। अगर आमिर कर सकते हैं तो शाहरुख क्यों नहीं! बात हो रही है हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एब्स बनाने की। सुनने में आया है कि शाहरुख खान कोरियोग्राफर से निर्देशक बनीं फरहा खान की अगली फिल्म ‘हैप्पी न्यू इयर’ के लिए ऐट पैक एब्स बनाएंगे। इस फिल्म में वह एक ऐसे शख्स का किरदार निभा रहे हैं, जिसे जबरदस्ती डांसर बनाया जाता है। इस बारे में फरहा बताती हैं, ‘यह काफी चुनौतीपूर्ण फिल्म है, जिसके लिए शाहरुख को काफी मेहनत करनी होगी। इस बार उन्हें इस फिल्म के लिए ऐट पैक एब्स बनाने होंगे।’ वह आगे बताती हैं, ‘शाहरुख खान इस फिल्म में भी ‘ओम शांति ओम’ की तरह फिर शर्ट उतारते नजर आएंगे।’ इस खास दृश्य को रखे जाने के पीछे फरहा का कहना है, ‘जहां अधिकांश निर्देशकों को फिल्म की नायिका को पानी में भिगोना अच्छा लगता है, वहीं मुझे शाहरुख को पानी में भीगते हुए देखने में मजा आता है।’ यह फिल्म वर्ष के अंत तक शुरू हो सकेगी, तब तक...

नहीं चाहिए वृद्ध आश्रम.....

देश में बढ़ रही वृद्ध आश्रमों की संख्या चिंता जगाती है...?श्रवण कुमार के इस देश में वृद्ध आश्रम क्यूँ पैदा हो गए...सोचने की बात है ...आज नहीं तो कल हमारे साथ भी यही होने वाला है.... आगे यहाँ

क्या है चुनावी मुद्दा...?

सारान्श यहाँ चुनावी माहोल में नेता लोग शायद देश की वास्तविक समस्याओं को भूल गए है!तभी तो सब एक दूसरे पर टीका टिप्पणी करने लगे है...!इनकी बातें सुन कर तो ऐसे लगता है जैसे देश में कोई मुद्दा ही नहीं है..!मोदी .कांग्रेस को बूढी बता रहे है तो कांग्रेस वाले बी जे पी को ?चलो दोनों .बूढी नहीं है...युवा है...पर ये तो बताइए युवा जन के लिए आपकी क्या योजना है....युवा वर्ग को क्या तोहफा देंगे आप?आज पूरे विशव में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है....युवाओं की नोकरियाँ जा रही है...!कुछ दिनों के अन्दर ही लाखों युवा बेरोजगार हो गए है...!हमारा देश भी इससे अछूता नहीं है...!क्या हम बचा पाएंगे?मिलेगी नोकरी...?दूर होगी आर्थिक मंदी?इसके अलावा महंगाई भी सुरसा की तरह मुह बाए खड़ी है...?कीमते आसमान छू रही है...और नेताओं को मसखरी सूझ रही है....!क्या देश में अब कोई मुद्दा नहीं रहा...जो ने३त फालतू की बहस छेड़े .बैठे है....अब आप देखिये किस तरह ये लोग एक दूसरे पर कीचड उछालते फ़िर रहे है...?गडे मुर्दे उखाड़ने से या धर्म की ठेकेदारी करने से .क्या होगा...?युवा लोग आपसे उम्मीद लगायें बैठे है....उन्हें हों...