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आईआईटी के छात्र ने की प्रेमिका की हत्‍या

शिमला. टेक्सटाइल इंजीनियर का ककहरा सीख रही बिहार के पटना की प्रगति ने जिस छात्र के संग प्रेम प्रसंग की कहानी बुनी उसने अपने हाथों से ही प्रेमिका का ही खून कर डाला। हिमाचल पुलिस ने जद्दोजहद के बाद मृतका की पहचान की। शिमला पुलिस इस सिलसिले में पटना पुलिस के अलावा मृतका के अभिभावकों से भी लगातार संपर्क में है। उधर, पुलिस ने चाकू से गला रेत कर किए मर्डर के आरोपी गौरव वर्मा की भी पहचान कर ली है। वह रुड़की में आईआईटी का छात्र है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने हिमाचल से लेकर उत्तर-प्रदेश और दिल्ली से लेकर पटना तक खुफिया जाल बिछा दिया है। कई राज्यों की पुलिस से भी शिमला पुलिस ने सहयोग मांगा है। पुलिस का दावा है आरोपी लाख कोशिश करें वह उसके बिछाए नेटवर्क में फंस कर ही रहेगा। पुलिस ने आरोपी की भी यूं ही नहीं पहचान नहीं की। आईआईटी दिल्ली से लेकर आईआईटी रुड़की तक के अधिकारियों से संपर्क कर आरोपी के बारे में मालूमात की। आरोपी का मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा है। लेकिन उसके लैंडलाइन पर पुलिस ने उसके बारे में सब कुछ जान लिया। पूरे मामले की तफ्तीश शिमला के एसएसपी आर एम शर्मा की देखरेख में आगे बढ़ ...

क्यों जाना चाहते हैं राहुल गांधी आजमगढ़?

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी आजमगढ़ की यात्रा पर जाने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के प्रभारी और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पार्टी के युवा नेता को आजमगढ़ के कोई 134 साल पुराने नेशनल शिबली कॉलेज ले जाना चाहते हैं। आजमगढ़ देश का ही एक हिस्सा है। अत: वहां की यात्रा करने के लिए हरेक नागरिक स्वतंत्र है। राहुल गांधी अगर वहां जाकर लोगों से बातचीत करना चाहते हैं तो उसमें किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए। पर राहुल गांधी केवल एक नागरिक भर नहीं हैं। उनकी हैसियत थोड़ी अलग और सामान्य नागरिक से ऊपर है। इसलिए मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर करके शिव सेना को खुली चुनौती देने के तत्काल बाद आजमगढ़ जाने के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति देने के उनके फैसले को एक यात्रा भर से अलग पढ़ा जा सकता है। आजमगढ़ में हाल-फिलहाल ऐसा कुछ नहीं हो रहा है कि राहुल गांधी को वहां की यात्रा करनी चाहिए। इसमें कोई शक नहीं कि दिल्ली के बाटला हाउस में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद से आजमगढ़ का नाम जिस तरह से हवा में उछला है उससे उस शहर की बदनामी होने के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। लोकसभा चुनावों के...

कारगिल : बंकर बन गए स्टोर रूम

कारगिल. आज कारगिल में शांति है। दस साल पहले यहां युद्ध के समय लोगों ने अपने घरों तक में बंकर बना लिए थे। अब ये बंकर स्टोर रूम बन गए हैं। मास्टर रसूल ने युद्ध के दौरान अपने घर पर बंकर बनाया था। अब वह बंकर स्टोर के तौर पर इस्तेमाल होता है। उन्हें विश्वास है कि कारगिल में आगे भी शांति रहेगी और बंकर का उपयोग छिपने के लिए फिर कभी नहीं करना पड़ेगा। सेना की 121वीं ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर अमरजीत सिंह ने भी ऐसा ही भरोसा जताते हुए कहा कि अब कभी दूसरा कारगिल नहीं होगा। कारगिल में कई स्कूलों में भी बंकर बने हुए हैं। एमपीएस स्कूल के प्रिंसिपल मोहम्मद खासगी के अनुसार गोले बरसने के समय वे स्कूल के बच्चों को बंकर में भेज देते थे। अब परीक्षा के समय ये बंकर काम आते हैं। युद्ध के दौरान लड़ाई में केवल सेना ही नहीं लड़ी बल्कि कारगिल, लेह और आसपास के गांवों के बा¨शदों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हर गांव से 10-20 लोगों की टोली सैनिकों की मदद के लिए गई थी। मोहम्मद हसन के अनुसार, वे अपने साथियों के साथ सैनिकों को राशन पहुंचाने जाते थे। इसी तरह, सेना भी स्थानीय लोगों का काफी ख्याल रखती है। ब्...

कुन्डली छन्द----छवि कदम्ब के ब्रक्ष की--राधा के घर के सम्मु ख कदम्ब का तरु ख वन्शी-वट--बरसाना ,मथुरा,मथुरा

    पुष्पों    की   वर्षा करें,   राधा पर   घन- श्याम, छवि कदम्ब के ब्रिक्ष की सुलसित ,ललित ललाम । सुलसित  ललित  ललाम,    गोप गोपी हरषायें, ललिता, कुसुमा ्,राधाजी, मन अति सुख पायें। विह्वल भाव वश,देव दनुज किन्नर नर नागर , करें  पुष्प- वर्षा  ्राधा  पर ,  नट्वर- नागर ॥ राधाजी के   अन्ग को,  परसें  पुष्प  लजायं, भाव विह्वल हो नमन कर ,सादर पग गिरि जायं। सादर पग गिरि जायं,लखि चरण शोभा न्यारी , धन्य-धन्य हें पुष्प,  श्याम- लीला बलिहारी  , तरु कदम्ब हरषायं,देखि ुगुन कान्हा जी के, क्रीडा करते श्याम, ’श्याम ’ सन्ग राधाजी के॥                                    -डा श्याम गुप्त