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सड़क नहीं ट्रांसपोर्टेशन चाहिए

हमारे हुक्मरानों का दूरदृष्टि दोष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार सड़कों के निर्माण पर एक लाख करोड़ रुपए खर्च करना चाहती है। केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने जब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय संभाला था, तब उन्होंने यह भारी-भरकम घोषणा की थी। उनकी मंशा रोज 20 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की थी। आप कह सकते हैं कि आखिर इसमें हर्ज क्या है। सड़कें गांवों को आपस में जोड़ती हैं और शहरों के भीतर अंदरूनी यातायात की स्थिति को भी सुधारने का काम करती हैं। यहां मैं एक सुधार करना चाहूंगा। मंत्री जी की यह घोषणा गांवों या शहरों के संबंध में नहीं, बल्कि राजमार्गो के संबंध में है। यही नहीं, यह खर्च नए राजमार्गो के निर्माण पर नहीं बल्कि उनके विस्तार पर किया जा रहा है। फोरलेन हाईवे को सिक्सलेन हाईवे में बदला जा रहा है। पहला सवाल तो यही उठता है कि आखिर केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गो के निर्माण पर इतना पैसा क्यों खर्च कर रही है, जबकि देश का आम आदमी इन राजमार्गो का बहुत कम इस्तेमाल करता है? भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़कों का नेटवर्क है। हमारे यहां 33 लाख किलोमीटर के दायरे में सड़कों का जाल फैला हुआ ...

अमेरिका के साये से बाहर निकले भारत

हमें उम्‍मीद है... उम्‍मीद है एक नए और शांतिपूर्ण अमेरिका की...' अपनी इन बातों के साथ दो साल पहले जब राष्‍ट्रपति बराक ओबामा देश को संबोधित कर रहे थे, तो उन्‍होंने गांधी के आदर्शों और दुनिया में भारत की उभरती नई तस्‍वीर का जिक्र भी किया था. दिवाली के देर रात राष्‍ट्रपति ओबामा मुंबई पहुंच रहे हैं. क्‍या यह एक नई रोशनी की शुरुआत होगी या फिर भारत और अमेरिका के संबंधों में यथास्थिति बनी रहेगी...यह अगले तीन दिनों में साफ हो जाएगा. घर में पराजय का मुंह देखकर राष्‍ट्रपति ओबामा एक नई शुरुआत की कोशिश और अपने देश की अर्थव्‍यवस्‍था को संवारने की जद्दोजहद के साथ भारत पहुंच रहे हैं. भले ही भारत सरकार अमेरिकी राष्‍ट्रपति के इस दौरे से बहुत उम्‍मीदें नहीं लगा रही, लेकिन भारत के पड़ोसी देशों, पाकिस्‍तान और चीन में इस दौरे को लेकर काफी कौतूहल रहेगा. यह शायद पहला मौका है, जब एक अमेरिकी राष्‍ट्रपति भारत के दौरे के साथ पाकिस्‍तान में कुछ घंटे नहीं बिता रहा. इसे लेकर भले ही भारतीय विदेश मंत्रालय संतुष्‍ट न हो, लेकिन अंदर ही अंदर खुशी की लहर जरूर होगी. भले ही ओबामा ने तीन महीने पहले ही 750 करोड़ के आर्थि...

अयोध्‍या पर फैसला: राम लला नहीं हटेंगे; तीन भागों में बंटेगी जमीन

लखनऊ. 60 साल बाद आज राम जन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद की विवादित जमीन के मालिकाना हक पर पहली बार किसी अदालत का फैसला आया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के तीन जजों की पीठ ने 2-1 के बहुमत से जो फैसला सुनाया, उसके मुताबिक अयोध्‍या में रामलला को जहां स्‍थापित किया गया है, वह वहीं विराजमान रहेंगे। यानी यह जमीन हिंदू महासभा (श्री रामलला विराजमान का प्रतिनिधित्‍व करने वाला संगठन) को दी जाएगी। संगठन को कुल विवादित जमीन का एक-तिहाई हिस्‍सा मिलेगा। इतनी ही जमीन बाकी दो पक्षों - निर्मोही अखाड़ा और सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड - को दिए जाने का आदेश दिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि अयोध्‍या में जहां अभी राम लला विराजमान हैं, वहां पहले भी मंदिर था। मंदिर के अवशेष पर मस्जिद बनी थी। लखनऊ बेंच के कोर्ट रूम नंबर 21 में जस्टिस डीवीशर्मा, एसयू खान और सुधीर अग्रवाल की बेंच ने बहुमत से यह फैसला सुनाया। बंद कमरे में, जहां पक्षकारों के वकीलों के अलावा कोई मौजूद नहीं था, पीठ ने फैसला पढ़ा। बाद में मीडिया को इसकी प्रति बांटी गई। सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड ने कहा है कि वह फैसले का पूरी तरह अध्‍ययन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने पर व...

संजय जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई

हिन्दुस्तान का दर्द के संचालक संजय सेन सागर जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई,वो अपने जीवन में लगातार सफलता प्राप्त करें. हिन्दुस्तान का दर्द के सभी लेखक एवं पाठक परिवार उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है. .. हिन्दुस्तान का दर्द की शुरुआत संजय सेन सागर जी ने एक कैफे हाउस में बैठकर की थी,जहा से उन्होंने लोगों को जोड़ना चालू किया था आज हिन्दुस्तान का दर्द किसी परिचय का मोहताज नहीं है. तो इसी अवसर पर हम कुछ नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने का प्रण करते है..

डर त्रासदी का नहीं, भरोसा उठ जाने का है

श्रवण गर्ग भोपाल गैस त्रासदी को लेकर अदालत द्वारा सोमवार को दिए गए फैसले के बाद से नई दिल्ली स्थित सत्ता के गलियारों में सांसें उखड़ी हुई हैं। फैसले के बाद चिंता इस बात को लेकर शायद कम है कि त्रासदी के कोई 25 वर्षो के बाद भी शारीरिक यातनाएं भुगत रहे लाखों बाशिंदों या कि उन हजारों लोगों के परिवारों के साथ, जिनकी जानें चली गई थीं, घोर अन्याय हुआ है। ज्यादा चिंता फैसले के कारण उपजने वाले राजनीतिक परिणामों, जिनमें कि बहुचर्चित एटमी जनदायित्व बिल का भविष्य भी शामिल है, को लेकर है। 25 वर्षो में भोपाल और दिल्ली में कई सरकारें आईं और चली गईं पर दोषियों को सजा दिलाने या वारेन एंडरसन को पकड़कर भारत लाने की मांग को लेकर समूची लड़ाई गैस पीड़ित और कुछ संगठन ही लड़ते रहे, सरकारें तो बस मंत्रालयों से आश्वासन लीक करती रहीं। भोपाल की त्रासदी न तो हिरोशिमा और नागासाकी की तर्ज पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में प्रामाणिकता के साथ शुमार हो पाई और न ही पीड़ितों के प्रति सहायता और सहानुभूति के दरवाजे कभी पूरी तरह से खुले पाए गए। समूचे देश को पहले तो वर्षो तक बोफोर्स कांड में व्यस्त रखा गया और जनता को क्वात्रोक्क...

फैसल शहजाद हाईब्रिड आतंकी करार

न्यूयॉर्क। अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर बम हमले के संदिग्ध और पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक फैसल शहजाद को हाइब्रिड आतंकी करार दिया जा रहा है। उसने अकेले दम पर अमेरिका के भीतर आतंकी कार्रवाई को अंजाम दिया लेकिन उसने इसकी प्रेरणा तालिबान जैसे बाहरी आतंकी संगठनों से ली। कई और हो सकते हैं फैजल जैसे सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे कई और विद्रोही अमेरिकी हो सकते हैं जो देश पर हमला करने का एक मौका तलाश रहे हों। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ शहजाद के खिलाफ सबूत मिले हैं कि उसने अकेले ही आईईडी लाने, इकट्ठा करने और इसे सौंपने का काम किया। रिपोर्ट में कहा गया है लेकिन यह भी साफ है कि शहजाद को कुछ मदद मिली थी, उसे प्रेरणा, माली मदद और बम हमले का प्रशिक्षण पाकिस्तानी तालिबान से मिल रहा था। यह भी पाया गया कि पाकिस्तान में हिरासत में लिए गए 15-20 लोगों में से किसी के भी तार एक मई को टाइम्स स्क्वायर बम हमले से जुड़े नहीं मिले। शहजाद ने टाइम्स स्क्वायर में कथित तौर पर कार बम हमले की कोशिश की थी। शहजाद को दुबई फरार होने की कोशिश में जॉन एफ केनेडी हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। चार ठिकाने थे निशाने पर...

यौनाचार के दलदल में कैथोलिक चर्च

>आर एल फ्रांसिस पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मुवमेन्ट के अध्यक्ष आर एल फ्रांसिस ईसाई मिशनरियों के बीच व्याप्त भेदभाव और कटुता के खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद किये हुए हैं. आप उन्हें pclmfrancis@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं आयरिश बिशपों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पोप बेनेडिक्ट (सोलहवें) से मंगलवार को वेटिकन में ‘बच्चों के यौन शोषण’ के मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका के बाद आयरलैंड में कैथोलिक चर्च को यह दूसरा सबसे बड़ा झटका है। अमेरिका की तरह आयरलैंड के चर्च विश्वासी ‘पोप’ के प्रतिनिधि बिशपों एवं पादरियों को न्यायालय में घसीट रहे है। पीड़ित परिवार मुआवजे के रुप में 1.37 अरब डालर की मांग कर रहे है। वही दूसरी और पादरियों द्वारा पीड़ित लोग वेटिकन से उन गुप्त फाइलों को सर्वाजिनक किये जाने की मांग कर रहे है जिनमें रोमन कैथोलिक चर्च में यौन दुर्व्यवहार की अदरुनी जांच का ब्यौरा है। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि सत्य को छुपाने, दबाने और बच्चों को बचाने के बजाए अपनी प्रतिष्ठा बचाने में वेटिकन और शीर्ष अधिकारियों का लम्बा इतिहास रहा है। पीड़ित लोगों द्वारा दायर मामले में वेटिकन से हर उस...

माओवाद-मार्क्सवाद की अत्रप्त शवसाधना

आशुतोष 1990 में आधिकारिक तौर पर मार्क्सवाद की मौत हो गयी लेकिन उसके शव को लेकर अभी भी कुछ लोग घूम रहे हैं। लेनिन के रूस ने इस शव को दफन कर दिया है और माओ का चीन इस शव को भूल चुका है लेकिन इस देश में कुछ सिरफिरों को अभी भी लगता है कि मार्क्स की तंत्र साधना कर के इस शव में जान फूंकी जा सकती है। इसलिये किशन जी 2011 में कोलकाता में सशस्त्र क्रांति का सपना संजो रहे हैं। और पिछले दिनों दंतेवाड़ा के जंगलों में 76 जवानों का कत्ल कर के ये सोचने भी लगे हैं कि अब क्रांति दूर नहीं है और बहुत जल्द ही दिल्ली पर भी उनका कब्जा हो जायेगा। इन सिरफिरों के कुछ सिरफिरे दोस्त भी इसी यकीन पर कब्जा जमाये बैठे हैं और पत्रिकाओं और टीवी चैनलों में जोर दे दे कर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को बलात्कारी और कातिलों की जमात ठहराने के लिये अंग्रेजी और हिंदी के शब्दों का खूबसूरत इस्तेमाल भी करने लगे हैं। लेकिन ये भूल जाते हैं कि दिल्ली के आराम पंसद माहौल में रहकर नक्सलियों की वकालत करना आसान है लेकिन इस सचाई से रूबरू होना मुश्किल कि अगर य़े नक्सली वाकई में अपने मकसद में कामयाब हो गये तो सबसे पहले इनकी ही जुबान पर ताला लग...

राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी का रनिवास बन गया राजभवन

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में तेलंगाना विवाद के बीच प्रदेश के राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस के गले की हड्डी बन गये हैं. राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी का एक न्यूज चैनल एबीएन आंध्र ज्योति ने स्टिंग आपरेशन किया है जिसमें कथित तौर पर बताया गया है कि 85 वर्षीय तिवारी जी ने तीन स्त्रियों के साथ सहवास किया. चैनल का दावा है कि ये तीनों स्त्रियां देहरादून से आंध्र प्रदेश के राजभवन लाई गयी थी. राज्यपाल को लड़कियां उपलब्ध करानेवाली महिला को राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी ने आश्वासन दिया था कि अगर वह उन्हें लड़कियां उपलब्ध करवाती है तो वे उसका जो भी काम होगा उसे पूरा कर देंगे. चैनल ने राज्यपाल पर आरोप लगाया है कि न केवल रात में औरतों के साथ सोये बल्कि शराब भी पी और दिन में उन औरतों के साथ मसाज भी करवाया. तिवारी जी के साथ उनके ओएसडी अरविन्द शर्मा के इस सेक्स स्कैण्डल में शामिल होने का आरोप है. शुक्रवार को सुबह शुरू हुए इस लाइव टेलिकास्ट के बाद हालांकि राज्य के मुख्य सचिव पी श्रीधर राव के हस्तक्षेप के बाद प्रसारण थोड़ी ही देर में बंद हो गया लेकिन जितनी देर प्रसारण हुआ उसने राज्य में नया राजन...

प्रभु (दशरथ) चावला की राम कहानी

आलोक तोमर कहानी अब नए-नए मोड़ लेती जा रही है। तत्कालीन पाकिस्तान के डेरा गाजीखान से दो साल का एक बच्चा विभाजन के दौरान शरणार्थी के तौर पर माता पिता के साथ भारत आया था। जमुना पार में झिलमिल कॉलोनी में परिवार को एक छोटा सा घर मिला। यह बालक अब प्रधानमंत्रियों और कैबिनेट सचिवों के साथ उठता बैठता है और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर उसके फोन पर लगभग खड़े हो कर बात करते है। जानने वाले बताते हैं कि बच्चा बड़ा हुआ और देशबंधु कॉलेज, कालका जी से पढ़ाई करने के बाद पहले एक कॉलेज में पढ़ाया और फिर पत्रकार बन गया। ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने इस बच्चे यानी प्रभु चावला को झिलमिल कॉलोनी की रामलीला में दशरथ की भूमिका करते देखा था। लेकिन प्रभु चावला सिर्फ मंच तक ही दशरथ रह गए। बेटे अंकुर को राम नहीं बना पाए। सीबीआई की फाइलों में अंकुर चावला का नाम अमर उजाला दलाली प्रकरण के एक दलाल के तौर पर दर्ज है। अब आपको बताते हैं अमर उजाला की कहानी। 1948 मे ही जब प्रभु चावला माता पिता की गोद में सीमा पार कर के दिल्ली पहुंचे थे, आगरा में स्वर्गीय डोरी लाल अग्रवाल और स्वर्गीय एम एल माहेश्वरी ने मिल कर अमर उजाला ...

खूबसूरत और ज्ञानवर्धक लघुकथा

एक लड़के को सेल्समेन के इंटरव्यू में इसलिए बाहर कर दिया गया क्योंकि उसे अंग्रेजी नहीं आती थी। लड़के को अपने आप पर पूरा भरोसा था । उसने मैनेजर से कहा कि आपको अंग्रेजी से क्या मतलब ? यदि मैं अंग्रेजी वालों से ज्यादा बिक्री न करके दिखा दूं तो मुझे तनख्वाह मत दीजिएगा। मैनेजर को उस लड़के बात जम गई। उसे नौकरी पर रख लिया गया। फिर क्या था, अगले दिन से ही दुकान की बिक्री पहले से ज्यादा बढ़ गई। एक ही सप्ताह के अंदर लड़के ने तीन गुना ज्यादा माल बेचकर दिखाया। स्टोर के मालिक को जब पता चला कि एक नए सेल्समेन की वजह से बिक्री इतनी ज्यादा बढ़ गई है तो वह खुद को रोक न सका । फौरन उस लड़के से मिलने के लिए स्टोर पर पहुंचा। लड़का उस वक्त एक ग्राहक को मछली पकड़ने का कांटा बेच रहा था। मालिक थोड़ी दूर पर खड़ा होकर देखने लगा। लड़के ने कांटा बेच दिया। ग्राहक ने कीमत पूछी। लड़के ने कहा - 800 रु. । यह कहकर लड़के ने ग्राहक के जूतों की ओर देखा और बोला - सर, इतने मंहगे जूते पहनकर मछली पकड़ने जाएंगे क्या ? खराब हो जाएंगे। एक काम कीजिए, एक जोड़ी सस्ते जूते और ले लीजिए। ग्राहक ने जूते भी खरीद लिए। अब लड़का बोला - तालाब किनारे धूप में बै...