29 May, 2010 16:51;00 निरंजन परिहार महाराष्ट्र सरकार की नजर अब मंदिरों पर है। दो मंदिरों का संचालन करके मलाई काट रही सरकार अब प्रदेश के दो लाख मंदिरों पर नजरें गड़ाए हुए है। अशोक चव्हाण की सरकार ने प्रदेश के तकरीबन दो लाख से भी ज्यादा मंदिरों को अपने कब्जे में लेने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार का कहना है कि पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत जिन दो लाख मंदिरों का संचालन हो रहा है, उनके संचालन में गड़बड़ी की शिकायतें है। इन मंदिरों के फंड में बडे पैमाने पर भ्रष्टाचार भी हो रहा है। सरकार का कहना है कि उसने इन मंदिरों के संचालन पर नजर रखने के लिए भले ही चैरिटी कमिश्नर की नियुक्ति कर रखी है। लेकिन मंदिरों के भ्रष्टाचार को रोकने में चैरिटी कमिश्नरी भी फेल रही है। इसीलिए सरकार इन मंदिरों का संचालन करने और उनकी निगरानी रखने के लिए एक सरकारी ट्रस्ट का गठन करेगी, जिस पर सीधे सरकार का नियंत्रण होगा। महाराष्ट्र सरकार के इस प्रस्ताव पर बवाल मच गया है। बवाल इसलिए, क्योंकि मामला नीयत का है। सरकार का यह प्रस्ताव, कहीं पे निगाहें - कहीं पे निशाना, जैसा लग रहा है। जो लोग जानकार है, और ऐसे प्रस...