कुलदीप शर्मा दैनिक भास्कर और नई दुनिया में काम कर चुके कुलदीप शर्मा भोपाल में रहकर अब स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन करते हैं। फिलहाल पिछले 60 साल की राजनीति पर पुस्तक लेखन में व्यस्त। संपर्क- kalkshepee@gmail.com फोन नं. +919424505136 इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद वर्ष 1985 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद कांगे्रस को पूरे देष में न सिर्फ जबर्दस्त बल्कि ऐतिहासिक सफलता मिली और भाजपा को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा। इतना ही नहीं उस चुनाव में पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष अटलबिहारी वाजपेयी स्वयं ग्वालियर से माधवराव सिंधिया से चुनाव हार गए। उस समय मैं काॅलेज में था और छात्र राजनीति में सक्रिय भी था। जोष ही जोष में अटलबिहारी वाजपेयी को एक लंबा पत्र 19 मार्च 1985 को लिखा कि आपकी पार्टी की ऐसी दुर्दषा क्यों हुई। इस पत्र को लिखकर मैं इस घटना को भूल सा गया कि करीब दो महीने बाद अचानक एक दिन अटलबिहारी वाजपेयी लिखा लिफाफा मिला। मैंने अपने पत्र में जो मुद्दे उठाए थे, एक नेता की तरह उन सभी का जवाब उन्होंने दे दिया था, लेकिन बाद के समय में अपनी नीतियों में व्यापक परिवर्तन भी किया। मेरे द्वारा उठाए गए सभी ...