हमका गीली देखात बतोहायकुर्ती॥ तोहका थोक के खियौबतम्बाकू सुरती॥ जब सज धज के प्रेम गलिन महंस हंस के आँख लादौलू॥ तोहरे जियरा म देखब कहा ब फुर्ती.. ।तोहका थोक के खियौबतम्बाकू सुरती॥ पकड़ हाथ लाबी तोहरी तोहोय जाबू चितचोर॥ संग म तोहरे ऐसें नाचाबजैसे सावन म मोर॥ हरदम छिनता से बचौबयतोहाय कुर्ती॥ तोहका थोक के खियौबतम्बाकू सुरती॥