कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी आजमगढ़ की यात्रा पर जाने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के प्रभारी और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पार्टी के युवा नेता को आजमगढ़ के कोई 134 साल पुराने नेशनल शिबली कॉलेज ले जाना चाहते हैं। आजमगढ़ देश का ही एक हिस्सा है। अत: वहां की यात्रा करने के लिए हरेक नागरिक स्वतंत्र है। राहुल गांधी अगर वहां जाकर लोगों से बातचीत करना चाहते हैं तो उसमें किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए। पर राहुल गांधी केवल एक नागरिक भर नहीं हैं। उनकी हैसियत थोड़ी अलग और सामान्य नागरिक से ऊपर है। इसलिए मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर करके शिव सेना को खुली चुनौती देने के तत्काल बाद आजमगढ़ जाने के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति देने के उनके फैसले को एक यात्रा भर से अलग पढ़ा जा सकता है। आजमगढ़ में हाल-फिलहाल ऐसा कुछ नहीं हो रहा है कि राहुल गांधी को वहां की यात्रा करनी चाहिए। इसमें कोई शक नहीं कि दिल्ली के बाटला हाउस में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद से आजमगढ़ का नाम जिस तरह से हवा में उछला है उससे उस शहर की बदनामी होने के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। लोकसभा चुनावों के...