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नहीं रहीं मशहूर ब्रिटिश अभिनेत्री जेड गुडी

लंदन। कैंसर से पीड़ित ब्रिटिश टेलीविजन अदाकारा जेड गुडी का निधन हो गया है। कैंसर से पीड़ित ब्रिटिश टेलीविजन अदाकारा जेड गुडी अपने जीवन का आखिरी 'मदर्स डे' देखने के लिए संघर्षरत थी। रविवार को दुनिया भर में 'मदर्स डे' मनाया जानेवाला था और गुडी आखिरी बार माताओं को समर्पित इस दिवस पर अपने बच्चों से शुभकामनाएं ग्रहण करने वाली थीं। गुडी को उम्मीद थी कि अंतिम सांस गिन रहे होने के बावजूद वह अपने बच्चों-पांच साल के बॉबी और चार साल के फ्रेडी से मिल सकेंगी। गुडी के एक मित्र ने बताया कि कोई नहीं चाहता कि गुडी इस हालत में अपने बच्चों से मिलें। वह पूरे हफ्ते बेहोश रहीं हैं और ऐसे में उन्हें आशा है कि उनके बच्चे 'मदर्स डे' के अवसर पर उनसे मिल सकेंगे। इस बीच, गुडी के लिए एक बुरी खबर यह है कि उन्हें एसेक्स के बुकहर्स्ट में स्थित गिरजाघर के जिस कब्रगाह में दफनाया जाना था, उसे जगह की कमी के कारण फिलहाल बंद कर दिया गया है। इस लिहाज से घर के नजदीक स्थित फूलों की खूशबू से भरपूर कब्रिस्तान में दफन होने की गुडी की इच्छा पूरी होती नहीं दिख रही। गुडी के इस पसंदीदा कब्रिस्तान में जगह की क...

अनकही

वीणा विज 'उदित' आईने के सामने अपने आपको निहारती लेखा अपने रूप सौन्दर्य पर स्वंय ही मुग्ध हुए जा रही थी। अपनी कदली स्तम्भ सी सुन्दर अनावृत टाँगें और स्कॉर्फ के बंधन से मुक्त लम्बी केशराशि को देखकर वह स्वयं को किसी सिनेतारिका से कम नहीं समझती थी। उसकी सहेलियाँ भी तो उसे कभी किसी सिनेतारिका तो कभी किसी सिनेतारिका के नाम से बुलाती थीं। परिस्थितियाँ और परिवेश किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं और उसके अनुरूप ही उसमें स्वभाव व चरित्र को गढ़ने लग जाते हैं। लेखा की चाल ढाल में भी एक ग़रूर छलकने लगा था। छरहरा बदन उस पर से लम्बा कद उसे भीड़ में भी एक पहचान दे जाता था। उसकी अदाओं में लोच व चेहरे पर एक दमकती आभा बिखरी रहती। होंठों की मुस्कान के साथ उसकी आँखें भी मुस्कुरा उठतीं। तभी तो वह एकांत में भी शरमा गई जिससे सारे शरीर का रक्त उसके चेहरे पर चढ़कर सिंदूर बिखेर उठा। स्कूल में प्रतिदिन उसकी प्रशंसा के पुल बाँधे जाते फलस्वरूप खुशी के मारे उसके पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते थे। आज के युग में युवावर्ग की प्ररेणा का स्त्रोत फिल्मी एक्टर्स ही हैं। बाजारवाद उसको बहुत ब...