Skip to main content

Posts

Showing posts with the label तुम

सॉनेट

सॉनेट  तुम  • आँख लगी तुम रहीं रिझाती। आँख खुली हो जातीं गायब। आँख मिली तुम रहीं लजाती।। आँख झुकी मन भाती है छब ।। आँख उठाई दिल निसार है। आँख लड़ाई दिलवर हारा। आँख दिखाई, क्या न प्यार है? आँख तरेरी उफ् फटकारा।। आँख झपककर कहा न बोलो। आँख अबोले रही बोलती। आँख बरजती राज न खोलो।। आँख लाल हो रही डोलती।। आँख मुँदी तो हो तुम ही तुम। आँख खुली तो हैं हम ही हम।। २६-२-२०२२ •••