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लोहिया की " डिजिटल वाईफ"

मैं अपनी शादी को लेकर गहरी चिंता में हूँ। कुछ दोस्तों की सलाह पर वेबसाइट्स और अख़बारों में विज्ञापन दे ड़ाला है। बढ़िया रेस्पोंस भी मिल रहा है । लेकिन सवाल है की सभी सैलरी वाले मुद्दे पर बड़ा गंभीर रहतें हैं । बार -बार जो सवाल पूछा जा रहा , उसका जवाब देते- देते ख़ुद पर ग्लानी होती है। "आपने ५-डिजिट सैलरी का ज़िक्र किया है , पर इधर उधर से मिला कर कुल कितना कमा लेते हैं ? " बेटे आजकल प्रिंट पत्रकारिता में रखा क्या है , टी।वी पे कब तक आ जाओगे ?"... .... अब मुझे मेरे होने वाले पत्नी की तस्वीर ,बरबस अंखियन विच उभर आती है ... मैंने बहुत सोचने पर उस डिजिटली इंस्पायर्ड वाईफ का नाम रखा है " डिजिटल वाईफ" ......... नाम पसंद आया होगा ..... अब सवाल उठता है कि मेरी बीबी का लोहिया से क्या लेना- देना, अरे लोहिया तो क्या किसी से क्या लेना देना ? लेना हो तो चलेगा , पर देना क्या ....? खैर... बात वहीं पर......... लोहिया का तात्पर्य ... राममनोहर लोहिया से होना, क्या लोहिया शब्द कि परिणति है ? अगर समाजवाद को चौके में ले जायें तो॥ लोहिया का अर्थ होता है कडाही ... जिसको जी आज के ज़माने ...

नारी देह, नग्नता और हमारा समाज

संवादघर  ( www.samwaadghar.blogspot.com)  में   नारी की दैहिक स्वतंत्रता व सामाजिक उपयोगिता पर जो बहस चल रही है वह रोचक तो है ही ,  बहुत महत्वपूर्ण भी है । एक ऐसा एंगिल जिससे अभी तक किसी ने इस विषय पर बात नहीं की है ,  मैं सुधी पाठकों के सम्मुख रख रहा हूं  !   बहस को और उलझाने के लिये नहीं बल्कि सुलझाने में मदद हो सके इसलिये  !  नारी देह के डि - सैक्सुअलाइज़ेशन  (de-sexualization)  की दो स्थिति हो सकती हैं ।    पहली स्थिति है  -  जहरीला फल चखने से पहले वाले आदम और हव्वा की  - जो यौन भावना से पूर्णतः अपरिचित थे और शिशुओं की सी पवित्रता से ईडन गार्डन में रहते थे।    ऐसा एक ही स्थिति में संभव है  -  जो भी शिशु इस दुनिया में आये    उसे ऐसे लोक में छोड़ दिया जाये जो ईडन गार्डन के ही समकक्ष हो । वहां यौनभावना का नामो - निशां भी न हो ।   " धीरे धीरे इस दुनिया से भी यौनभावना को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना है " -  यह भी लक्ष्य हमें अपने सामने रखना होगा ।   यदि यह संभव नहीं है या    हम इसके लिये तैयार नहीं हैं तो दूसरी स्थिति ये हो सकती है कि हम न्यूडिस्ट समाज की ओर बढ़ें और ठीक वैसे ...