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Showing posts with the label हिंदुस्तान

हां दोस्त हर मुस्लिम ही आतंकवादी और धोखेबाज होता है

आज हिन्दुस्तान जिन हालातों से गुजार रहा है उसके लिए मुस्लिम ही जिम्मेदार है मैं एक भारतीय हूँ और उसके आधार पर मैंने यहाँ जो देखा जो अनुभव किया , उसके आधार पर कह सकता हूँ की हर मुस्लिम धोखेबाज और आतंकवादी ही होता है ! चाहे बह मुस्लिम भारत मे ही क्यों न रहता हो उसका मंसूबा भारत को नुक्सान पहुँचाना ही रहा है ! इतिहास गवाह है की जब जब हिन्दुस्तान मे खून बहा है उसके पीछे '' अलाह के बन्दे '' ही रहे है ! यह महज एक इत्फ़ाक़ नहीं हो सकता दोस्त ! आप चाहे कुरान की जितनी भी बातें बताएँ , वो यह सिद्ध नहीं कर सकती की आपकी कोम पाक है ! नापाकी का जो दाग आप लोगों पर लगा है , बह इस्लाम के जिंदा रहने के आखिरी बिंदु तक जीवित रहेगा ! मैंने आपको काफी पड़ा कुछ अच्छा लगा कुछ अच्छा नहीं लगा लेकिन आज आपने मुझे यहाँ लिखने के लिए मजबूर कर दिया ! मैं आपको बात दूं की प्रशांत जी नफरत नहीं फैला रहे है बल्कि सच कहने की हिम्मत कर रहे है,आप उनपर इस तरह का प्रहा...

नारी देह, नग्नता और हमारा समाज

संवादघर  ( www.samwaadghar.blogspot.com)  में   नारी की दैहिक स्वतंत्रता व सामाजिक उपयोगिता पर जो बहस चल रही है वह रोचक तो है ही ,  बहुत महत्वपूर्ण भी है । एक ऐसा एंगिल जिससे अभी तक किसी ने इस विषय पर बात नहीं की है ,  मैं सुधी पाठकों के सम्मुख रख रहा हूं  !   बहस को और उलझाने के लिये नहीं बल्कि सुलझाने में मदद हो सके इसलिये  !  नारी देह के डि - सैक्सुअलाइज़ेशन  (de-sexualization)  की दो स्थिति हो सकती हैं ।    पहली स्थिति है  -  जहरीला फल चखने से पहले वाले आदम और हव्वा की  - जो यौन भावना से पूर्णतः अपरिचित थे और शिशुओं की सी पवित्रता से ईडन गार्डन में रहते थे।    ऐसा एक ही स्थिति में संभव है  -  जो भी शिशु इस दुनिया में आये    उसे ऐसे लोक में छोड़ दिया जाये जो ईडन गार्डन के ही समकक्ष हो । वहां यौनभावना का नामो - निशां भी न हो ।   " धीरे धीरे इस दुनिया से भी यौनभावना को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना है " -  यह भी लक्ष्य हमें अपने सामने रखना होगा ।   यदि यह संभव नहीं है या    हम इसके लिये तैयार नहीं हैं तो दूसरी स्थिति ये हो सकती है कि हम न्यूडिस्ट समाज की ओर बढ़ें और ठीक वैसे ...