इसे सौभाग्य ही कहिये की एक रईसजादे दोस्त के साथ घुमाने का मौका मिला ओउर हम दोनों सुबह ही सुबह निकल लिए .कुछ दूर जाने के बाद एक लाल बत्ती हुयी और लोग तथा गाडिया रुक गई । तब तक हमारे बगल में एक ट्रक आ के रुक गई, रुकते ही ट्राफिक महोदय का आगमन हुआ। और ट्रक का मोयना करने लगे। उसके बातें दरैवर से बोले की ट्रक बगल में लगा लो, तो द्रैबर ने इशारा किया ओउर ट्रैफिक महोदय उसके पासगए। उसने मुट्ठी बंद करके कुछ रूपये दिया जो मेरा दोस्त कह रहा था की ५०० सौ रूपये थे। इसका मतलब यही हुआ की ट्रक के अंदर क्या था कितने का था क्या हो सकता था। ये भगवान् ही जाने। 2 अब हम लोग आगे निकले और एक झुग्गी की दिशा में चलने लगे जहा गरीबो की बस्तिया थी कुछ दूर जाने के बाद मेरा दोस्त बोला तुम यही रुकेओ हम अभी आ रहे है, मई रूक गया। तो देखा की एक झुग्गी में एक बुधिया थी जो एक थैली लिए थे तब दो लोग आए और उसे ५० रूपये दिया तो बुधिया ने दो थैली दिया जिसमे गांजा था। दोनों आदमी चल दिए और अब हम लोग भी वहा से निकल लिए॥ ३ आगे जाते ही एक और नज़ारा दिखा जो एक आदमी एक औरत का बैग लेके भाग रहा था वर्दी धरी देखे तो पकड़ने के दौडे लेकिन व...