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सांसारिक प्रेम और देशप्रेम

श हर लंदन के एक पुराने टूटे-फूटे होटल में जहां शाम ही से अंधेरा हो जाता है, जिस हिस्से में फैशनेबुल लोग आना ही गुनाह समझते हैं और जहां जुआ, शराबखोरी और बदचलनी के बड़े भयानक दृश्य हरदम आंख के सामने रहते हैं उस होटल में, उस बदचलनी के अखाड़े में इटली का नामवर देश-प्रेमी मैजिनी खामोश बैठा हुआ है। उसका सुंदर चेहरा पीला है, आंखों से चिन्ता बरस रही है, होंठ सूखे हुए हैं और शायद महीनों से हजामत नहीं बनी। कपड़े मैले-कुचैले हैं। कोई व्यक्ति जो मैजिनी को पहले से न जानता हो, उसे देखकर यह खयाल करने से नहीं रुक सकता कि हो न हो यह भी उन्हीं अभागे लोगों में है जो अपनी वासनाओं के गुलाम होकर जलील से जलील काम करते हैं। मैजिनी अपने विचारों में डूबा हुआ हैं। आह बदनसीब कौम ! ऐ मजलूम इटली! क्या तेरी किस्मत कभी न सुधरेगी, क्या तेरे सैंकड़ों सपूतों का खून जरा भी रंग न लायेगा ! क्या तेरे देश से निकाले हुए हजारों जाँनिसारों की आहों में जरा भी तारीर नहीं। क्या तू अन्याय और अत्याचार और गुलामी के फंदे में हमेशा गिरफ्तार रहेगी। शायद तुझमें अभी सुधरने की, स्वतंत्र होने की योग्यता नहीं आयी। शायद तेरी किस्मत में कुछ दि...

पुरस्कृत कविता- यादों की किताब

यादों की किताब नवम्बर माह की यूनिकवि प्रतियोगिता की दूसरी कविता कवि संजय सेन सागर की है, जिसके माध्यम से कवि ने साहित्य को व्यवसाय समझने वालों पर वार किया गया है। साथ-साथ यह कविता एक सच्चे लेखक की भावनाओं को बयां करने का प्रयत्न करती है। म.प्र. के सागर जिले में पैदा हुए और सागर केन्द्रीय विश्वविधालय में बी.काम. द्वितीय वर्ष के छात्र कवि संजय सेन सागर की यह पहली रचना है, जिसे हिन्द-युग्म पर प्रकाशित किया जा रहा है। कवि को पिछले कुछ सालों से लिखने का शौक लगा है। मीडिया में जाना चाहते हैं, उसी दिशा में प्रयासरत हैं। पुरस्कृत कविता- यादों की किताब दिल की तन्हाई जिदंगी की यादों और ख्वाबों की इबारत से खामोश रात में लिखी किताब का सुबह सौदा हुआ । बिक गये वे सभी सपने जो आँखों में बंद थे । लुट गया वो अकेलापन जिसे चुराया था भीड़ से रह गई, तो सिर्फ कुछ दौलत जो मेरे बेकाम की थी । सच्चे दिल के खून को स्याही बनाकर रंगा था उस किताब के पन्नों को । लुटा दी थी हमने सारी खुशियां और गम उस किताब को सजाने में अब मेंरे साथ कुछ है तो उस की धुंधली सी यादें। आसमां सी विशाल भावनाओं, जमीन की पावन सादगी औ...

सडकों पर दौडती मौत

विधायक के बेटे ने मां-बेटे समेत तीन को कूचला सुल्तानपुरः अखंडनगर थाने के उलरी गांव के पास बुधवार शाम बीएसपी विधायक भगेलूराम की कार की टक्कर से एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने विधायक की कार में आग लगा दी और रास्ता जाम कर दिया। एएसपी अशोक शुक्ला ने बताया कि महिला अपनी बच्ची के साथ साइकिल पर जा रही थी। साइकिल उसका बेटा चला रहा था। शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय विधायक भगेलूराम का बेटा गाड़ी चला रहा था। उसे हिरासत में ले लिया गया है।