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किन परिस्थितियों में हुआ ऑपरेशन ब्लूस्टार..

अतुल संगर बीबीसी संवाददाता पच्चीस साल पहले सिख धर्म के सबसे पावन धार्मिक स्थल अमृतसर स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर पर भारतीय सेना की कार्रवाई - ऑपरेशन ब्लूस्टार - को अंजाम दिया गया था. जहाँ इस कार्रवाई ने पंजाब समस्या को पूरे विश्व में चर्चित कर दिया वहीं इससे सिख समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं और अनेक पर्यवेक्षक मानते हैं कि इस कदम ने समस्या को और जटिल बना दिया. उधर भारत सरकार और ऑपरेशन ब्लूस्टार के सैन्य कमांडर मेजर जनरल केएस बराड़ का कहना था कि उनकी जानकारी के मुताबिक कुछ ही दिनों में ख़ालिस्तान की घोषणा होना जा रही थी और उसे रोकने के लिए ऑपरेशन को जल्द से जल्द अंजाम देना ज़रूरी था. लेकिन इस सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि क्या थी और किन परिस्थितियों में ये कार्रवाई हुई? एक नज़र डालते हैं उन घटनाओं पर जो इससे पहले घटीं: पंजाब समस्या की शुरुआत 1970 के दशक से अकाली राजनीति में खींचतान और अकालियों की पंजाब संबंधित माँगों को लेकर शुरु हुई थी. पहले वर्ष 1973 में और फिर 1978 में अकाली दल ने आनंदपुर साहिब प्रस्ताव पारित किया. मूल प्रस्ताव में सुझाया गया था कि भारत की केंद्र सरका...

आप आए --ग़ज़ल

आप आए दिल के आशियाने में क्या कहें क्या ना हुआ ज़माने में बात जो थी बस लवों तक आपके होगई है बयाँ हर फ़साने में । हम चलें उस आसमान के छोर तक, छोड़ना पङता है कुछ ,कुछ पाने में। प्रीति का यह चलन कब भाया किसे, कब कसर छोडेंगे ,ज़ुल्म ढाने में । इश्क फूलों का चमन ही तो नहीं, राह काँटों की है हर ज़माने में। ज़िंदगी हो गुले-गुलशन कब मज़ा, जो मज़ा काँटों में गुनगुनाने में। बात अपनी बने या ना बने श्याम, ना कसर रह जाय आज़माने में॥