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बाबा से हम क्या सीखें?

मशहूर उपन्यासकार चेतन भगत का आज दैनिक भास्कर के संपादकीय पेज पर एक लेख प्रकाशित हुआ जिसमे उन्होंने बाबा रामदेव के आंदोलन की मजबूत एवं कमजोर पहलुओं पर बात की है,एक बार तो लगता है चेतन भगत खुद बाबा रामदेव के सलाहकार बनना चाहते है । खैर जो भी लेख आपके सामने है आप तय कीजिये की आखिर मुद्दा क्या है..         कुछ सप्ताह  पहले तक बाबा रामदेव (मैं उन्हें केवल ‘बाबा’ के नाम से पुकारूंगा, क्योंकि भारतीय बाबा जगत में उनकी उपस्थिति बहुत सशक्त है) एक सर्वप्रिय व्यक्ति थे। अगर उनके हाल के दिनों के अस्थिर मिजाज पर ध्यान न दें तो वे बड़े खुशमिजाज और वाकपटु व्यक्ति हैं। वे योग शिक्षक हैं और पूरी तरह भारतीय परंपराओं में रचे-बसे हैं। वे एक बेहद मनोरंजक व्यक्ति भी हैं। हिंदी के उनके अद्भुत शब्दज्ञान का मैं प्रशंसक हूं। लेकिन इसके बावजूद मुझे यह कहते हुए खेद हो रहा है कि बाबा ने एक बेहतरीन मौका गंवा दिया। यह हम सबके लिए भी एक सबक है कि जब हम लक्ष्य के इतने करीब पहुंच जाएं, तब हमें अवसर गंवाना नहीं चाहिए। भ्रष्टाचार की समस्या पर बाबा का रवैया पूरी तरह ठीक है। उनका अब तक का सफर ...

Google Groups: You've been invited to GGU SAMITI

GGU SAMITI ggu.samiti@gmail.com has invited you to join the GGU SAMITI group with this message: join the group and be a part of national lovers Here is the group's description: DHYEY VAKYA OF THE GROUP IS - SATYAM VRIHAD RITAM UGRAM, AND THE WORK IS SERVICE FOR NATION ---------------------- Google Groups Information ---------------------- You can accept this invitation by clicking the following URL: http://groups.google.com/group/ggu-samiti/sub?s=N-5UQxQAAAA4tlX-KPN5BqcL6ohJbfkn52g2E7cw9oUKx0flAGR5Vg&hl=en --------------------- If This Message Is Unwanted --------------------- If you feel that this message is abuse, please inform the Google Groups staff by using the URL below. http://groups.google.com/groups/abuse?invite=YgAAAMYGAtEnAAAA1WdGHg8AAAAAADfroCeM3nAR3-TAUAO4pTKghzY&hl=en

यू. जी. सी. नेट परिणाम: घोषित: - u.g.c. net exam 2010 result appeared

 यू. जी. सी. नेट परिणाम: घोषित: - u.g.c. net exam 2010 result appeared   ह्य: यूजीसी नेट परीक्षाया: परिणाम: घोषित:    ।    भवस्‍तु ये केपि कश्मिंचिदपि विषये परीक्षा दत्‍तवन्‍त: आसन् ते स्‍व-स्‍व परिणाम: नेट इत्‍यस्‍य आधिकारिक जालपृष्‍ठे द्रष्‍टुं शक्नुवन्ति    ।    एष: परिणाम: दिसम्‍बर मासे 2010 तमें वर्षे स्‍वीकृतस्‍य परीक्षाया: अस्ति ।      परिणामं द्रष्‍टुं अत्र नोदयन्‍तु    । नेट परीक्षा परिणाम: पश्‍यतु उक्‍तश्रृंखलायां भवन्‍त: गतवर्षाणाम् अपि परिणाम: द्रष्‍टुं शक्‍क्ष्‍यन्ति    । दिसम्‍बर मासस्‍य परीक्षा परिणाम: तलपूरयितुम् अत्र नोयन्‍तु नेट परीक्षा परिणाम: दिसम्‍बर 2010                                                  तलपूरयतु स्‍व परीक्षा अंकान् ज्ञातुम्  अत्र नोदयन्‍तु संस्‍कृतजगत्  

इंटरनेट पर जय-वीरू बनकर धूम मचा रहे बाबा-अन्ना

आजकल इंटरनेट लोगों के दिलों-दिमाग पर इतना राज कर रहा है कि वह अब उनकी रियल लाइफ में भी गहराई तक पैठ बना चुका है और अब अपने विचार व्यक्त करने के लिए कोई भी, किसी भी हद तक खुलेआम जाने के लिए आजाद हैं। देश वापसी के मुद्दे पर अनशन पर बैठे  हाल ही में भ्रष्टाचार और काले धन की आंदोलन चलाया जा रहा है। दूसरी   योगगुरु बाबा रामदेव द्वारा देशव्यापी तरफ लोकपाल बिल के मुद्दे पर भी  अन्ना हजारे भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।  लेकिन इन्हें पसंद करने वाले एक वर्ग के साथ दूसरा वर्ग भी है, जो इनका मजाक उड़ाने में  किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इसी का उदाहरण है फेसबुक पर रामदेव-अन्ना और  यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी-प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्टून, जो इन दिनों  जबर्दस्त तरीके से इंटरनेट की दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं और खुलेआम  इन प्रमुख हस्तियों का माखौल उड़ा रहे हैं। कार्टून में बाबा रामदेव और अन्ना हजारे को बॉलीवुड फिल्म ‘शोले’ के अमिताभ बच्चन (जय)  और धर्मेद्र (वीरू) के रूप में एक मोटर साइकिल चलाते हुए दिखाया...

धुंधले प्रतीकों के इस दौर में एक अभिशप्त मिथक थे हुसैन!

♦ प्रभात रंजन ए मएफ हुसैन की मृत्य की खबर जबसे सुनी, यही सोचता रहा कि आखिर क्या थे हुसैन! कई अर्थों में वे बहुत बड़े प्रतीक थे। राजनीतिक अर्थों में वे सांप्रदायिकता-विरोध के जितने बड़े प्रतीक थे, बाद में भगवाधारियों ने उनको उतने ही बड़े सांप्रदायिक प्रतीक में बदल दिया। उनका कहना था कि हुसैन ने एक मुसलमान होते हुए हिंदू देवियों को नग्न चित्रित किया, भारत माता को नंगा कर दिया – हुसैन धार्मिक द्वेष फैलाता है, हुसैन भारतद्रोही है। हुसैन पर हमले हुए, हुसैन पर मुकदमे हुए। आधुनिक भारत के उस पेंटर पर जो अपने प्रगतिशील विचारों के लिए जाना जाता रहा, जिसे भारत की सामासिक संस्कृति का एक बड़ा कला-प्रतीक माना जाता रहा, जिसे हिंदू मिथकों को बारीकी से पेंट करने वाले पेंटर के रूप में जाना जाता रहा – वह देखते-देखते घृणा के एक बहुत बड़े प्रतीक में बदल गया। वह घृणा के प्रतीकों को गढ़े जाने का दौर था, सांप्रदायिक ताकतों को हुसैन की अमूर्त कला में मूर्त प्रतीक के दर्शन होने लगे। उनकी वह कला पीछे रह गयी, जिसके कारण उनको भारत का पिकासो कहा जाता था। हुसैन को अकसर इन दो विपरीत राजनीतिक ध्रुवांतों से देखा जाता...
वर्तमान काल के सभी प्रकार के वाक्‍यों की संस्‍कृत में निर्माण प्रक्रिया बन्‍धुओं   जैसा कि आप सब को पता ही है , आप का संस्‍कृतजगत् ब्‍लाग आप के लिए नित नये तथा सरल तरीके लाता रहता है संस्‍कृत सीखने के लिये   ।   इसी क्रम में फिर हम लेकर आये हैं आपके लिये संस्‍कृत का सरलतम अनुवाद   । इस बार की प्रक्रिया थोडी सी लोक प्रचलित है ।   जिस तरह आप अंग्रेजी सीखते समय प्रत्‍येक काल के चार चार भाग , इनडिफनिट , कान्टिन्‍युअस , परफेक्‍ट व परफेक्‍ट कान्टिन्‍युअस सीखते हैं तथा प्रत्‍येक के पुन: चार चार भाग , साधारण , नकारात्‍मक , प्रश्‍नवाचक तथा प्रश्‍नवाचक नकारात्‍मक वाक्‍य सीखते हैं इसी क्रम पर आधारित नूतन संस्‍कृत प्रशिक्षण आरम्‍भ किया गया है   ।   बहुप्रचलित प्रक्रिया होने से इससे आपको संस्‍कृत सीखने में अत्‍यधिक आसानी होगी   ।   अबतक कुल मिलाकर वर्तमान काल के चारों प्रकार के वाक्‍यों की निर्माण प्रक्रिया बताई जा चुकी है   ।   इन्हे देखने के लिए आप निम्‍नोक्‍त श्रृंखलाओं (LINKS) पर नोदन (CLICK) कर सकते हैं   ।   वर्तमानक...

आमिर की पत्नी बोली, 'नहीं अच्छा लगता तो मत सुनो डी.के.बोस'

आमिर खान अपने होम प्रोडक्शन में बनी फिल्म आनेवाली फिल्म 'देल्ही बेली' को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं| फिल्म से ज्यादा इसका गाना डी.के बोस इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है और आमिर इस गाने के हिट होने की वजह से एक सक्सेस पार्टी भी दे चुके हैं|मगर यह गाना जितना सफल हो रहा है उतना ही ज्यादा इसकी आलोचना भी हो रही है| शाहरुख़ की आनेवाली फिल्म 'रा.1' के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा भी इस गाने के बोलों से खुश नहीं हैं|उनका कहना है कि इस गाने से बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि डी.के.बोस को बार बार दोहराने से गाली का शब्द बन जाता है| उन्होंने यह कहा कि वह हैरान हैं  आमिर खान  जैसे इंसान ने इस गाने को फिल्म का हिस्सा कैसे बना लिया|हालांकि जब आमिर की पत्नी किरण राव से इस बारे में पूछा गया कि गाने को मिल रहे निगेटिव कमेंट्स को वह किस तरह से ले रही हैं तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता गाने में कुछ भी गलत है|इसके लिरिक्स मजाकिए हैं और पूरा गाना डी.के बोस नाम के एक किरदार पर है जो भागता रहता है| उससे किसी को क्या समस्या हो सकती है,मुझे समझ नहीं आता|अगर किसी को यह...