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डा श्याम गुप्त की ग़ज़ल .....

मिली हवाओं में उड़ने की ये सज़ा यारो। कि मैं जमीं के रिश्तों से गया कट यारो। देख परफ्यूम , आई-पोड सजे मालों को, जी चमेली की गंध से गया हट यारो। मस्त रेस्त्रां के वो सिज़लर औ विदेशी डिश में, भूला चौके की वो भीनी सी गंध तक यारो। पल में उड़कर के हवा में हर शहर जाऊं , हमसफ़र, राह औ किस्सों से गया कट यारो। आधुनिक चलन है, बोतल का नीर पीते हैं , नीर नदियों का तो कीचड से गया पट यारो। जब से उड़ने लगे हम ,श्याम' प्रगति के पथ पर, अपनी संस्कृति से ही मानव गया नट यारो॥

राजस्थान की प्राथमिक शिक्षा से मातृभाषा गायब क्यों?

-डॉ. सत्यनारायण सोनी सही मायने में तो मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाए जाने पर ही नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू माना जाएगा। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से देशभर में लागू हो चुका है। राजस्थान सरकार ने भी राज्य में इस अधिनियम को लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है और राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद् के माध्यम से राज्य सरकार ने शिक्षाविदों, शिक्षक संघों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के सुझाव आमंत्रित किए हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने देश की स्कूली शिक्षा में अव्वल स्थान रखने वाले तमिलनाडु की तर्ज पर राज्य में बच्चों को शिक्षा देने की योजना भी बनाई। इसके लिए शिक्षा विभाग की टीम ने गत मई माह में बाकायदा तमिलनाडु का दौरा भी किया। यहां यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि तमिलनाडु में प्राथमिक शिक्षा का जो माध्यम है, क्या सरकार उसे भी राजस्थान में लागू करेगी? सही मायने में तो मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाए जाने पर ही इस अधिनियम को लागू माना जाएगा। आज कहने को तो प्रतिवर्ष प्रवेशोत्सव भी मनाया जाता है, मगर स्कूल ...

क्या वाकई जयपुर के लिए 12.5 हजार करोड़ लागत की मेट्रो रेल जरूरी है?

यह रकम इतनी बड़ी है कि शहर के पांच लाख परिवारों को एक-एक मारुति कार दी जा सकती है। इस भारी भरकम खर्च पर सवाल उठाते हुए राजस्थान के पूर्व वित्त मंत्री मानिकचंद सुराणा ने जयपुर मेट्रो परियोजना को अव्यावहारिक करार दिया है। सुराणा का कहना है कि जयपुर मेट्रो रेल के बजाय राज्य के बाकी सभी 165 छोटे शहरों में 70-70 करोड़ रु. के विकास कार्य कर इनका कायाकल्प किया जा सकता है। उनका तर्क है कि मेट्रो के पहले चरण में मानसरोवर से चांदपोल के बीच 2 लाख और दूसरे चरण में सीतापुरा-अंबाबाड़ी रूट पर 4 लाख यात्रियों को आधार मानकर परियोजना शुरू की जा रही है जबकि इन रूट पर चल रही लो-फ्लोर बसों में रोजाना औसतन 10-12 हजार यात्री ही सफर करते हैं। ऐसे में यहां मेट्रो के लिए 6 लाख यात्री कहां से आएंगे? मेट्रो के प्रस्तावित रूटों पर यहां सिर्फ 12 करोड़ रुपये खर्च कर 46 नई लो फ्लोर बसें लगाई जा सकती हैं, जिससे आवागमन की समस्या काफी हद तक सुलझ जाएगी। सुराणा का आरोप है कि राजस्थान सरकार ने अपनी नाकामियां छिपाने के लिए मेट्रो का ख्वाब दिखाया है। शहर में हाल में शुरू की गई लो-फ्लोर बसों का इस्तेमाल करने वाली आबादी को...

राष्ट्रबंडल खेल

कोंपल श्रीवास्तव ..15 अक्टूबर 2010... कॉमनवेल्थ गेम्स का आज आखिरी दिन था। क्या चकाचौंध थी, आतिशबाज़ी से सज़ा आसमान, स्टेडियम में हज़ारों थिरकते कदम, भारत का झंडा लिए हमारे खिलाड़ी जिन्होंने कमाल करते हुए पूरे 100 पदको का रिकॉर्ड कायम किया...एआर रहमान का जोशीला गाना और रौशनी से नहायी पूरी दिल्ली...पूरा शहर शेरा के पोस्टरों से सजा हुआ था...शेरा की टीशर्ट पहने बच्चे बड़े,शेरा की टोपी, शेरा का बैग, शेरा गुब्बारों पर शेरा मेट्रो की दीवारों पर, दिल्ली के बीआरटी कॉरिडोर में दौड़ती बसों पर...शेरा ही शेरा...भला हो इन कॉमनवेल्थ गेम्स का दिल्ली की तो शक्ल ही बदल गई है। पूरी दिल्ली मेट्रों से जुड़ गयी है, चौड़ी चिकनी सड़कों पर सरपट दौड़ती गाड़ियां, एक से दूसरे फ्लाएऔवर पर ट्रैफिक बिना गाड़ी चलाने का मज़ा। सफायी ऐसी की सिंगापुर को पछाड़ दे...बेहतरीन स्टेडियम, पांच सितारा होटल, गेम्स विलेज के आलीशान फ्लैट भई वाह...दिल्ली में रहने पर फख्र हो रहा है। माफ कर दीजिए शीलाजी, कलमाडी साहब...हम देख नहीं पाए आपका कमाल और बहुत बुरा भला कहा आपको। आपने तो जादू कर दिया, कहा जा रहा है कि इस आयोजन के बाद पर्यटकों क...

संस्‍कृत ब्‍लाग एग्रीगेटर की नयी प्रस्‍तुतियाँ

इस सप्‍ताह संस्‍कृतजालपुटसंग्राहक संस्‍कृतं भारतस्‍य जीवनम् पर प्रस्‍तुत किये गये लेख ।। संस्‍कृतप्रशिक्षणकक्ष्‍या का वर्तमान काल के पूर्ण वाक्यों को बनाने का तरीका वर्तमान कालस्‍य कृतानां क्रियाणां वाक्‍यानां निर्माणप्रक्रिया । प्रतुल जी द्वारा प्रस्‍तुत क्षपणक कथां श राष्‍ट्रीय पात्रता परीक्षा विषयक सूचना काश्‍चन सूचना: राष्‍ट्रीयपात्रतापरीक्षाविषये । दीप्ति जी द्वारा प्रस्‍तुत शिव जी की स्‍तुति रुद्राष्टकम् अपनी अमूल्‍य टिप्‍पणियों द्वारा स्‍वागत करें इस ब्‍लाग पर संस्‍कृत के श्‍लोक, लघु कथा, संस्‍कृत गीत, सुभाषित या अन्‍य संस्‍कृत भाषा के लेख प्रस्‍तुत किये जा सकते हैं । यदि आप संस्‍कृत में लिखने के शौकीन हैं तो ब्‍लाग के लेखक बनें ।। आप अपने संस्‍कृत के लेख हमें ईमेल ( pandey.aaanand@gmail.com ) भी कर सकते हैं,  ये आपके नाम से शीघ्र ही प्रकाशित कर दी जाएँगी ।। संस्‍कृत विषयक किसी सुझाव या सन्‍देह के लिये संपर्क कर सकते हैं ।। --  भवदीय: - आनन्‍द:

खेलगांव में कंगारुओं का उत्‍पात, सचिन के खिलाफ नारेबाजी

गुरुवार को समाप्‍त हुए कॉमनवेल्‍थ खेलों में अच्‍छा प्रदर्शन कर आस्ट्रेलियाई प्रतिभागी भले ही कॉमनवेल्थ की पदक तालिका में सबसे ऊपर रहे हों, लेकिन उनका व्यवहार विजेता जैसा नहीं रहा। उनके खिलाड़ियों ने कई बार खेल भावना के विपरीत व्यवहार किया। और हद तो तब हो गई जब वे कंगारुओं को क्रिकेट टेस्ट सीरीज में मिली हार को पचा नहीं सके और खेल गांव में तोड़फोड़ कर दी। कुछ लोगों का दावा है कि वे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से खासे नाराज थे और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। खेल आयोजन समिति (ओसी) ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि की है, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया का कहना है कि उसके खिलाड़ी ऐसी किसी घटना में शामिल नहीं थे। दिल्‍ली पुलिस के प्रवक्‍ता राजन भगत ने भी कहा कि खेल गांव के स्‍टाफ के मुताबिक तोड़फोड़ हुई है, लेकिन किसी ने पुलिस में इसकी औपचारिक शिकायत नहीं कराई है। विदेश मंत्री एसएम कृष्‍णा ने कहा है कि ऑस्‍ट्रेलिया से हमारे रिश्‍ते अच्‍छे हैं। बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों ने मंगलवार और बुधवार की रात खेल गांव में न सिर्फ हंगामा मचा...

देश की शान

देखो रे कमाल रे  सायना का कमाल रे  कोमंवेल्थ  मै रच दिया  एक नया इतिहास रे  वो आज बन गई  हिंदुस्तान की शान रे  सारी दुनिया कह रही  कमाल रे कमाल रे  छोटी  सायना  का नाम  ले रहा सारा जहान रे  हमारे देश को उसने  कर दिया मालामाल रे  उसके साथ हमारा भी  हो गया देखो मान रे  वो अभी तो ले रही है  अपनी मेहनत का इनाम रे  मैने भी लिख दिया  उसके नाम ये पैगाम रे  आज मेरा भी दिल कह रहा है  तू जिए हजारों साल रे !