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सडकों पर दौडती मौत

विधायक के बेटे ने मां-बेटे समेत तीन को कूचला सुल्तानपुरः अखंडनगर थाने के उलरी गांव के पास बुधवार शाम बीएसपी विधायक भगेलूराम की कार की टक्कर से एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने विधायक की कार में आग लगा दी और रास्ता जाम कर दिया। एएसपी अशोक शुक्ला ने बताया कि महिला अपनी बच्ची के साथ साइकिल पर जा रही थी। साइकिल उसका बेटा चला रहा था। शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय विधायक भगेलूराम का बेटा गाड़ी चला रहा था। उसे हिरासत में ले लिया गया है।

इस्लाम की छवि की समस्या को निश्चित करना

इस्लाम की छवि की समस्या को निश्चित करना हिन्दी अनुवाद - अमिताभ त्रिपाठी अमेरिका के लोग धीरे-धीरे इस्लाम और मुसलमानों के प्रति नकारात्मक होते जा रहे हैं और इसी बात की पुष्टि पिछले सप्ताह पिउ रिसर्च सेन्टर फार द पीपुल एण्ड द प्रेस के प्रकाशित महत्वपूर्ण जनमत सर्वेक्षण ने की । शायद सबसे बड़ा नाटकीय परिवर्तन अमेरिका के लोगों की धारणा का तेजी से बदलना है कि इस्लाम अन्य धर्मो की अपेक्षा अपने अनुयायियों को हिंसा के लिए प्रेरित करेगा। मार्च 2002 के नमूने में 25 प्रतिशत लोग इस विचार के थे परन्तु अब 44 प्रतिशत लोग ऐसा सोचते हैं। इस्लाम के सम्बन्ध में अन्य रूझान भी नकारात्मक हैं – अमेरिकी मुसलमान – नवम्बर 2001 लोगों में से 59 प्रतिशत लोग इनके प्रति सकारात्मक विचार रखते थे परन्तु अब यह प्रतिशत घटकर 54 प्रतिशत हो गया है। राष्टपति प्रत्याशी – अमेरिका के लोग किसी अन्य धर्म के प्रत्याशी की अपेक्षा मुस्लिम प्रत्याशी को अमेरिका का राष्टपति बनाने के विरूद्ध है। 31 प्रतिशत लोग मुस्लिम प्रत्याशी के विरूद्ध हैं, जबकि धर्मान्तरण समर्थक ईसाई प्रत्याश...

हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद

हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद "हिन्दू आतंकवाद" शब्द चर्चा में है. मैं कई अखबारों के लिए कालम लिखता हूं तो मुझे कहा गया कि आप इस बारे में कुछ लिखिए. लोग जानते हैं कि मैं आजन्म कैथोलिक ईसाई हूं, लेकिन २५ सालों तक दक्षिण एशियाई देशों में रहकर फ्रांस के अखबारों के लिए काम किया है इसलिए मैं इस भू-भाग मैं फैली हिन्दू संस्कृति को नजदीक से जानता समझता हूं. १९८० के शुरूआत में जब मैंने दक्षिण एशिया में फ्रीलांसिग शुरू की थी तो सबसे पहला काम किया था कि मैंने अयप्पा उत्सव पर एक फोटो फीचर किया था. उसी दौरान मैंने हिन्दू जीवन दर्शन में व्याप्त वैज्ञानिकता को अनुभव किया. मैंने अनुभव किया कि हिन्दू दर्शन के हर व्यवहार में आध्यात्म कूट-कूट कर निहित है. अगर आप भारत के गांवों में घूमें तो आप जितने भी गांवों में जाएंगे वहां आपको आपके रूप में ही स्वीकार कर िलया जाएगा. आप किस रंग के हैं, कौन सी भाषा बोलते हैं या फिर आपका पहनावा उनके लिए किसी प्रकार की बाधा नहीं बनता. आप ईसाई हैं, मुसलमान हैं, जैन हैं, अरब हैं, फ्रेच हैं या चीनी हैं, वे आपको उसी रूप में स्वी...

महाराष्ट्र के मराठी तालिबान

महाराष्ट्र के मराठी तालीबान शक्तिसंचय और शक्तिप्रदर्शन मूल तत्व हैं जिसे जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र या प्रांत के आधार पर लोगों के भडकने और गोलबंद होने में हासिल किया जाता है। इस सच्ची बात को कहने में राज ठाकरे ने उस मानसिकता को एकदम सच-सच उजागर किया जिसे हर किस्म के आंतकवाद का दाना-पानी कहा जा सकता है। ठाकरेगिरि के इसमें पुलिस की जिस मानसिकता को जायज ठहराया गया, उसके परिणाम झेलते हुए समूचा नागरिक समाज त्रस्त है। हरियाणा के भिवानी में बगैर कुछ पूछे गोली मार देने की घटना को आप क्या कहेंगे? मूल प्रश्न क्या हैं? जिसे राज ठाकरे कवच की तरह आगे बढाते हैं या जिसे मुंबई पुलिस ने दिखाया या जिसे पटना में राहुल राज की शवयात्रा में शामिल लोगों के तेवर और उछलते नारों के स्वर प्रकट कर रहे थे या जिसे दशकों से मुंबई में बसे गैर-मराठी लोगों समेत हर किस्म के अल्पसंख्यकों के राजनीतिक, सामाजिक, सांस्क्तिक और आर्थिक अधिकारों से जोडा जाता है? क्या इन सभी प्रश्नों को किसी लोकतांत्रिाक समाज की संरचना के मूल प्रश्न नहीं मानना चाहिए हैं? लेकिन इनकी अलग-अलग विवेचना करने और साथ-साथ स...

कांग्रेस का गुण्डा'राज'

कांग्रेस का गुण्डा'राज' आगजनी, तोड़फोड़, करोड़ों का नुकसान, उत्तरभारतीयों की सरेआम पिटाई फिर भी धारा १४४ के बीच कल्याण की अदालत राज ठाकरे को जमानत दे देती है. एक दूसरी कोर्ट पहले ही अग्रिम जमानत दे चुकी है. उत्तर भारतीयों की तर्ज पर पान खानेवाले आरआर पाटिल फिर भी कह रहे हैं कि उनका कानून मंत्रालय अध्ययन में मशगूल है. मुख्यमंत्री बिलासराव कह रहे हैं कि वे विक्रोली कोर्ट की अग्रिम जमानत को खारिज करने के लिए सरकार की ओर से अर्जी देंगे. कब? पता नहीं. मुंबई के स्थानीय "मी मुंबईकर" मान रहे हैं कि उनके लिए दूसरी बार 'असली मर्द' पैदा हो गया है जो संभवतः भैया लोगों के प्रकोप से मुंबई को मुक्त करा देगा. असली मर्द की परिभाषा लिखते समय मराठी बुद्धिजीवी यह बताना नहीं भूलते कि "बाल ठाकरे का खून इसी की रगों में है." इसे आप अवैध संतान की मानसिकता से मत जोड़िये. इसे उत्तराधिकार मानिए. उद्धव "ठंडा खून" है. उबाल ही नहीं लेता. राज को देखो, गरम खून है. दहाड़े मारकर, ताल ठोंककर और ललकार कर कैसे भैया लोगों को पीटकर भगा रहा है. मर...

भारत टीम ने ऑस्ट्रेलिया की फाड़ डाली

भारत टीम ने ऑस्ट्रेलिया की फाड़ डाली भारत टीम ने ऑस्ट्रेलिया की फाड़ डाली और सीरिज़ २-० से जीत ली! अच्छा ही हुआ काफी दिनों से देख रहे थे, वो साला गिलक्रिस्ट सचिन पर ऊँगली उठा रहा था, झूठा कह रहा था वो भी उस सचिन को जिसे हम पूजते है और उनका वो कप्तान क्या नाम है उसका हां - रिकी पोंटिंग ...इसी ऐसी की तैसी हरभजन के पीछे पड़ा था इसलिए बहुत अच्छा हुआ !लेकिन अब जो होगा वो ऑस्ट्रेलिया की हवा निकाल देगा , पहेले ऑस्ट्रेलिया मीडिया टीम के बाल की खाल निकल चुका है और अब ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड रिकी पोंटिंग की मारने की तैयारी कर रहा है अच्छा होगा ..बहुत अच्छा होगा !! पता नहीं ऑस्ट्रेलिया को कंगारू क्यों कहते है मुझे तो कुत्ते और कंगारू एक से ही लगते है..कोई अंतर नजर ही नहीं आता! ऑस्ट्रेलिया टीम को खुद पर इतना घमंड है की किसी और को को वो कुछ समझते ही नहीं है,क्रिकेट को बाप की संपत्ति समझते है जिसे माँ दहेज़ मे लायी हो !अरे भैया पता है आप अच्छी क्रिकेट खेल लेते हो लेकिन अपनी मे छुपा कर रखो ..सबको खोल खोलकर क्यों दिखाते हो इससे इसे मिलने बाली तो है नहीं..अरे भैया तारीफ की बात कर रहा हूँ...हमारी टीम ...

बिहारी अस्मिता का लालू'राग'

बिहारी अस्मिता का लालू'राग' बिहार के नेता इन दिनों बड़े चिंतित हो रहे हैं. उनकी चिंता है कि महाराष्ट्र में गुण्डाराज स्थापित हो गया है. इस गुंडाराज के खिलाफ केन्द्र और राज्य की कांग्रेस सरकार कड़े कदम उठाने में विफल रही है. इसके विरोध में बिहार के अराजक युग के शिल्पकार लालू प्रसाद यादव ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपना इस्तीफा देने का आह्वन किया है. लालू की ओर कोरी बिहारी अस्मिता की कवायद में वे भारी न पड़ जाएं इसलिए जद यू के पांच सांसदों ने अपने इस्तीफे लोकसभा महासचिव को सौंप भी दिये हैं. जिसमें प्रभुनाथ िसंह और जार्ज फर्नांडीज भी शामिल हैं.राजनीति में इस तरह ढकोसले होते ही रहते हैं. सवाल तो यह है कि क्या बिहार के सांसदों में सचमुच इतना नैतिक बल है कि वे महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था पर सवाल पूछ सकें? यदि कानून और न्याय व्यवस्था के मापदण्ड पर कोई निष्पक्ष निर्णय लिया जाए तो बिहार में राष्ट्रपति शासन या मार्शल ला के अलावा कोई तीसरा विकल्प शेष ही नहीं रह जाता. महाराष्ट्र में अगर गुण्डाराज का प्रभाव छटांकभर है तो बिहार में पसेरी और मन के बटखरे के बिना तौल संभव ही नहीं है. पहले यह देख...