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याचक से शासक बना है बीसीसीआई

                                    इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल पर आरोप लगते हुए कहा है की '' बीसीसीआई ने साम दाम दंड भेद हर तरीके से आईसीएल को पैर फैलाने से पहले ही उखाड़ फेंका'' इससे साबित होता है की किस तरह आज    बीसीसीआई क्रिकेट जगत की महाशक्ति बन गया है,तो आखिर किस तरह फर्श से अर्श तक पहुंचा  बीसीसीआई बता रहे -  राहुल कुमार  यह लेख हम मोहल्ला लाइव से साभार प्रकाशित कर रहे है है- मॉडरेटर   ♦ राहुल कुमार बी सीसीआई की भूमिका आईसीसी में वही है, जो संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की। यूएन अमेरिका को ईराक में बम गिराते देखकर जैसे मूकदर्शक बना रहता है, वैसे ही आईसीसी बीसीसीआई के हस्तक्षेपों पर मुहर लगाता रहता है। फिर चाहे मामला स्टीव बकनर को अंपायरिंग से हटा दिये जाने का हो, हरभजन सिंह द्वारा एंड्रयू सायमंड्स को गाली देने का हो, रिव्यू सिस्टम पर टांग अड़ाने का हो या आईसीएल में अपने तो अपने, दूसरे देशों के खिलाड़ियों को ज...

श्रीखण्ड यात्रा 2011

श्रीखण्ड सेवा दल और स्थानीय प्रशासन ने वर्ष 2011 में श्रीखण्ड यात्रा की तिथि की घोषणा कर दी है। सभी शिव भक्तजनों को यह जानकर हार्दिक प्रसन्नता होगी कि हर साल की भांति इस वर्ष भी 16वीं बार श्रीखण्ड महादेव कैलाश यात्रा 15 जुलाई 2011 (श्रावण संक्रांति) से शुरू होने जा रही है और श्रीखण्ड सेवादल के तत्वावधान में यह यात्रा 23 जुलाई 2011 तक चलेगी। इस अवधि में 15 से 22 जुलाई तक श्रीखण्ड सेवादल द्वारा सिंहगाड से प्रतिदिन प्रातः 5 बजे यात्रा के लिए विधिवत जत्था रवाना किया जाएगा।   यह स्थान समुद्रतल से लगभग 18000 फुट( 5155 मीटर)  की ऊंचाई पर है जिस कारण यहां मौसम ठण्डा रहता है। अतः यात्रियों से अनुरोध है कि अपने साथ, गर्म कपड़े, कम्बल, छाता, बरसाती व टार्च साथ लाएं। इस यात्रा की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ व प्लास्टिक के लिफाफे साथ न लाएं। यात्रियों से निवेदन है कि पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर ही इस यात्रा में भाग लें। श्रीखण्ड सेवादल कोई सरकारी सहायता प्राप्त संस्था नहीं है, सारा आयोजन सदस्यों के सहयोग से किया जाता है। आप रामपुर बुशहर (शिमला से 130 किलो...

अन्ना अब अनशन नहीं करें

श्रवण गर्ग अन्ना को चाहिए कि वे जंतर-मंतर के आभामंडल से बाहर निकल आएं और अपनी सिविल सोसायटी का रुख देश की तरफ मोड़ दें। अन्ना हजारे को समझाया जाना चाहिए, उन्हें मनाया जाना चाहिए और जरूरत पड़े तो उनके सामने सामूहिक अनशन किया जाना चाहिए कि वे लोकपाल की स्थापना के मुद्दे पर दोबारा अनशन पर नहीं बैठें। अपने पहले अनशन के जरिए अन्ना सिविल सोसायटी आंदोलन के लिए सरकार से जितना कुछ वसूल सकते थे, वह अब आकार ले रहा है। दोबारा अनशन पर बैठकर अन्ना सरकार से या तो कुछ प्राप्त ही नहीं कर पाएंगे और अगर कर लिया तो भी व्यवस्था पर निहित स्वार्थो का इतना मजबूत शिकंजा है कि वे समूचे सिविल सोसायटी आंदोलन को स्वामी निगमानंद बना देंगे। दूसरे यह भी कि लोकपाल की स्थापना की मांग को लेकर अन्ना अनशन पर नहीं बैठना चाहेंगे तो उनके समर्थक अथवा देश की जनता उनका गला पकड़कर उन्हें ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं करेगी। देश को अभी अन्ना जैसे नेतृत्व की सशरीर उपस्थिति की खासी जरूरत है। लंबे-लंबे अनशन कर सकने वाले आराधकों की तो एक बड़ी फौज देश में मौजूद है, पर जिनकी उपस्थिति सरकारों की भूख हवा कर सके, ऐसे लोग बस उंगलियों प...

एक जल्लाद और कमजोर पिता ने ऐसे मनाया फादर्स डे

एक जल्लाद और कमजोर पिता ने ऐसे मनाया फादर्स डे विश्व भर और देश भर में आज फादर्स डे यानी पितृ दिवस मनाया जा रहा है ..यह दिन पिता को उसके कर्तव्यों और पुत्र पुत्रियों को पिता के प्रति उनके मान सम्मान की याद दिलाने के लियें मनाया जाता है ..हजारों हजार करोड़ लोग आज के दिन अपने पिता को इस दिवस पर कुछ न कुछ तोहफा देते हैं ..मुस्कुराहट देते हैं लेकिन राजथान के अलवर जिले के एक रविन्द्र नाम के आदमी ने इस दिवस को खून की होली के रूप में मनाया है ...अलवर निवासी रविन्द्र ने १५ जून को अपनी पत्नी और एक पुत्री की गोली मरकर हत्या कर दी थी और एक मासूम पांच साल की बच्ची को घर से लेकर फरार हो गया था उसे पुलिस की तलाश थी लेकिन कल जब लोग पितृ दवस मनाने की तय्यारी कर रहे थे उसने सवाई माधोपुर में एक ट्रेन के बाथरूम में अपनी बच्ची को गले से लगाया और फिर खुद के और बच्ची के गोली मार ली ..फादर्स डे पर पिता ने पुत्री और खुद को मोत के घाट उतर लिया ..पुलिस और प्रशासन ने तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया के म्र्तक रविन्द्र कर्जे में डूबा हुआ था इसलियें उसने पहले अपनी पत्नी और बढ़ी बच्ची की हत्या की और फ...

रामदेव को 'खदेड़ने' पर पुलिस का जवाब तैयार, फिर 'सत्‍याग्रह' की तैयारी

नई दिल्‍ली. 5 जून को रामलीला मैदान से रामदेव और उनके समर्थकों को ताकत के बल पर क्‍यों खदेड़ा गया? दिल्‍ली पुलिस ने इसका जवाब तैयार कर लिया है। संभव है कि शुक्रवार तक यह जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया जाए। वैसे, कोर्ट ने इसके लिए 20 जून तक का समय दिया है। सूत्र बताते हैं कि गुरुवार को देर रात तक वकीलों के साथ माथापच्‍ची कर जवाब तैयार किया गया है। बताया जाता है कि 25 पन्‍नों का यह जवाब होगा और इसमें कही गई बातों को मजबूत करने के लिए जरूरी दस्‍तावेज लगाए जाएंगे। सूत्र यह भी बताते हैं कि रामलीला मैदान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज की सीडी भी बनाई गई है। सूत्र बताते हैं कि जवाब में कहा गया है कि उस रात 1 बजे पुलिस के वरिष्‍ठ अफसरों ने रामदेव से संपर्क किया था। यह बताने के लिए कि रामलीला में लोगों के जमावड़े को गैरकानूनी करार दिया गया है। पुलिस ने 2.20 मिनट पर पहली बार कार्रवाई की और वह भी तब जब खुद उन पर हमला हुआ। उधर, बाबा रामदेव शांतिपूर्वक 'दूसरे सत्‍याग्रह' की तैयारी कर रहे हैं। उनका भ्रष्‍टाचार के खिलाफ आंदोलन भले ही सरकार द्वारा बुरी तरह कुचल दिया गया हो और...

कल यादों का इडियट बॉक्‍स खुला था, कुछ गीत भी थे…

बैंड कॉल्‍ड नाइन की टीम परफॉर्म करते हुए। छाया : मिहिर पंड्या य ह रिपोर्ट जैसी कोई रिपोर्ट नहीं है। बात बस इतनी सी है कि नीलेश मिश्रा और शिल्‍पा राव की टीम कल दिल्‍ली में थी, मोहल्‍ला लाइव था और लोग ही लोग थे। छोटे शहर का बंदा था, छोटे शहर की कहानी थी। प्‍यार, घर से भाग कर शादी और रिश्‍तों की कसक के किस्‍से नीलेश सुना रहे थे और शिल्‍पा राव और अभिषेक उस पूरी कहानी को सुर और लय दे रहे थे… यादों के इडियट बॉक्‍स में क्या क्या चलता है देखो तो… बैंड कॉल्‍ड नाइन  के जोशीले और युवा संगीत और संगतकारों ने 15 जून 2011 की शाम को जादुई बना दिया। लिहाजा उनके नाम लिखने लाजिमी हैं। एक तरफ से लिख रहा हूं… आदित्‍य बेनिया (गिटार), हितेश मोदक (कीबोर्ड स्‍कोर), सपना देसाई (ड्रम) और नैना कुंडू (गिटार) रीवाइंड : नाइन लॉस्‍ट मेमोरीज। सीडी रीलीज। बायें से गीतकार नीलेश मिश्रा, गायिका शिल्‍पा राव, मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त एमवाई कुरैशी, मोहल्‍ला लाइव के मॉडरेटर अविनाश (पीछे से झांकते हुए), युवा सामाजिक कार्यकर्ता केपी सिंह, टीवी पत्रकार दिबांग और प्रोड्यूसर वीर चोपड़ा। किस्‍सागोई से भरी हुई  संगीत की इस शाम...

बाबा से हम क्या सीखें?

मशहूर उपन्यासकार चेतन भगत का आज दैनिक भास्कर के संपादकीय पेज पर एक लेख प्रकाशित हुआ जिसमे उन्होंने बाबा रामदेव के आंदोलन की मजबूत एवं कमजोर पहलुओं पर बात की है,एक बार तो लगता है चेतन भगत खुद बाबा रामदेव के सलाहकार बनना चाहते है । खैर जो भी लेख आपके सामने है आप तय कीजिये की आखिर मुद्दा क्या है..         कुछ सप्ताह  पहले तक बाबा रामदेव (मैं उन्हें केवल ‘बाबा’ के नाम से पुकारूंगा, क्योंकि भारतीय बाबा जगत में उनकी उपस्थिति बहुत सशक्त है) एक सर्वप्रिय व्यक्ति थे। अगर उनके हाल के दिनों के अस्थिर मिजाज पर ध्यान न दें तो वे बड़े खुशमिजाज और वाकपटु व्यक्ति हैं। वे योग शिक्षक हैं और पूरी तरह भारतीय परंपराओं में रचे-बसे हैं। वे एक बेहद मनोरंजक व्यक्ति भी हैं। हिंदी के उनके अद्भुत शब्दज्ञान का मैं प्रशंसक हूं। लेकिन इसके बावजूद मुझे यह कहते हुए खेद हो रहा है कि बाबा ने एक बेहतरीन मौका गंवा दिया। यह हम सबके लिए भी एक सबक है कि जब हम लक्ष्य के इतने करीब पहुंच जाएं, तब हमें अवसर गंवाना नहीं चाहिए। भ्रष्टाचार की समस्या पर बाबा का रवैया पूरी तरह ठीक है। उनका अब तक का सफर ...