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बराक ओबामा का इंडियन एडीशन

इन तस्वीरों पर इन डॉट कॉम का लोगो चिपका है। जाहिर इसे इसी साइट ने जारी किया होगा। यूट्यूब पर बालिका वधू में अभिषेक बच्चन की एपीसोड खोजने के दौरान इस पर नजर चली गयी। यूट्यूब पर मुन्नी बदनाम हुई गाने के साथ इन तस्वीरों को स्लाइड शो के तौर पर जारी किया गया। इन डॉट कॉम नेटवर्क 18 की साइट है जिस पर कि आपको दुनियाभर के रेडियो स्टेशन ऑनलाइन मिल जाएंगे। नेटवर्क 18 का सीएनएन ग्रुप से भी बिजनेस टाइअप है।

तकनीक समझने के लिए 4 दिन तक बैंक में छिपा रहा चोर

जयपुर. बैंक के एटीएम और लॉकर खोलने की तकनीक समझकर रुपए चुराने के लिए एक चोर वैशाली नगर इलाके में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में चार दिन तक छिपा रहा। उसने लॉक कोड का पता लगाने के लिए लॉकर रूम के सामने एवं एटीएम में मोबाइल और खुफिया कैमरा तक लगा दिया। यह चोर बैंक के बेसमेंट में स्थित रिकॉर्ड रूम में एक टेबल के नीचे फाइल लगाकर सोता रहा और बैंक वालों को भनक तक नहीं लगी। पांचवें दिन मंगलवार को जब सवेरे साढ़े 8 बजे चोर बैंक में चाय बना रहा था, तभी अचानक सफाईकर्मी आ गया और उसने बैंक का गेट बंद कर मैनेजर व पुलिस को बुला लिया। आरोपी दीपक ने पूछताछ में बताया कि इससे पहले 4 जून 2010 को भी वो इसी बैंक में पीछे से खिड़की की ग्रिल हटाकर अंदर घुसा था और दो दिन तक रहा था। तब छेनी से स्ट्रांग रूम तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हुआ। इस बार वह 4 नवंबर को 3 बजकर 37 मिनट पर बैंक टाइम के दौरान नजरें बचाकर सीधे बैंक के रिकॉर्ड रूम में जाकर छिप गया। बैंक बंद होने के बाद वह मैनेजर के कैबिन में से जो एटीएम में रास्ता जाता है, वहां गया। यहीं से बैंककर्मी एटीएम में पैसे डालते है। वहां पर दीपक ने सेलो...

घमंड किस बात का

हम किसका गुमान करते हैं ? गोर से देखे तो यहाँ कुच्छ भी अपना नहीं  रूह भी तो खुदा की बख्शी नेमत है  जिस्म है की मिटटी की अमानत है  क्यु न एक जुट होके रहते हम  एसी क्या चीज़ है जिसपे गर्व करते हम  दोलत से क्या कुच्छ खरीद पाएंगे  क्या इसीके बलबूते पर दूर तलख जायेंगे  इसका तो आज यहाँ कल कही और ठिकाना है   ये मत भूलो,  इसे तो हर घर मै  जाना है  इसे तो पकड़ के न रख पाएंगे हम     फिर इंसा होके इंसा को ठुड़ते नज़र आयेंगे  तो फिर आज ही से ये वादा खुद से करते हैं   इंसा  हैं तो इंसा की तरह ही रहते हैं  कभी गुमान के फेरे मै न ही पड़ते हैं !

माँ का दुलारा

माँ माँ के इस क्रंदन ने , हर माँ को आज जगाया है ! मत रो माँ के दुलारे तू , तेरे सर पे तो हर माँ का साया है ! तू क्यु इस कदर बैचेन हो जाता है , ये तो सब उसका ही नियम बनाया है ! जो इस धरती  पर आता है , उसको तो इक दिन जाना है ! माँ शब्द ही एसा निराला है , जो सबके मन को भाता है ! फिर तुम इससे केसे बचते , और अपनी बात न फिर कहते ! माँ ने तो अपना फ़र्ज़ अदा किया , तेरे हाथो मै देश को सोंप दिया ! अब तुने फ़र्ज़ निभाना है , उसका बेटा बन दिखलाना है ! फिर उसकी ही गोदी मै बैठकर , अपना ये दर्द मिटाना है ! और हर माँ की दुवाओ को  , अपनी ताक़त फिर से बनाना है ! You might also like: कॉमनवेल्थ माँ जीवन एक कला LinkWithin

हाथ का ऐसा हुनर कि अचंभित रह जाएंगे आप

मोहाली. नाम राकेश कुमार और उम्र मात्र 19 साल, हाथ में हुनर ऐसा कि देखना वाला अचंभित रह जाए। बारीक और मोटे चावलों पर लिखने में माहिर राकेश कुमार गांव दांदुमाजरा, फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले हैं। चावल के दानों पर ही कलाकारी क्यों? जवाब मिला मैं साधारण से किसान परिवार से हूं। धान बोने के लिए खेतों में जाता था तो ख्याल आया कि क्यांे न चावलों पर ही कुछ किया जाए। चावल के दाने पर सबसे पहले अपना नाम लिखा। फिर दोस्तों के नाम लिखे। चावल के दानों पर वह गुरबाणी से मूलमंत्र और राष्ट्रगान भी लिख चुके हैं। इंटर तक पढ़े राकेश चाहते थे कि आगे पढ़ाई जारी रहे, लेकिन घर के हालात ने ऐसा नहीं करने दिया। परिवार को सहारा देने के लिए कंपाउंडर का काम करने लगे। राकेश ने बताया कि काम के दौरान जब भी समय मिलता तो नीडल से चावलों पर कुछ न कुछ बनाता, लिखता रहता था। राकेश ने अंडों पर भी कई चित्र बनाए हैं। बारीक काम करने पर आंखों पर किसी तरह का प्रभाव पड़ता का प्रश्न सामने आते ही राकेश कहते है कि जीवन चलाने के लिए किसी तरह का काम भी किया जा सकता है। 1121 किस्म के बासमती चावल पर विभिन्न कार्टून्स के चित्र बना चुके राके...

वेद विशिष्‍ट - संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् ।।

प्रिय बन्‍धु आपके संस्‍कृत जालपृष्‍ठसंग्राहक संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर इस सप्‍ताह प्रकाशित लेखों की सूची प्रस्‍तुत कर रहा हूँ । विषय वस्‍तु की दृष्टि से यह सप्‍ताह महत्‍वपूर्ण है । क्‍यूँकि इस सप्‍ताह वेदों पर महत्‍वपूर्ण व रोचक तथ्‍य प्रकाशित किये गये हैं । अपनी अमूल्‍य राय व टिप्‍पणियों से लेखकवर्ग का मार्गदर्शन व उत्‍साह वर्धन करें । रविवार, ७ नवम्बर २०१० यज्ञं चेत् हिंसा कथं ।। वेद विशिष्‍टम् ।। यज्ञों में हिंसा का खण्‍डन वेदमन्‍त्र के द्वारा ।। बुधवार, ३ नवम्बर २०१० ज्‍योतिपर्वं दीपमालिका.......... ।। दीपावली पर्व पर श्री विष्‍णुकान्‍त मिश्र जी द्वारा प्रस्‍तुत शुभविचार बुधवार, ३ नवम्बर २०१० विश्‍वस्‍य प्राचीनतमं प्रमुखतमं च अन्‍वेषणम् - वेदेषु विज्ञानम् ।। विश्‍व का सर्वप्रथम आविष्‍कार या खोज , वेद प्रमाण के आधार पर प्रस्‍तुत वार्ता । -- भवदीय: - आनन्‍द:

यह दिवाली आपके जीवन में नए विचारों,लक्ष्यों एवं असीम उर्जा के साथ विराजमान हो

हिन्दुस्तान का दर्द के सभी लेखकों,पाठकों एवं हितेषियों को दिवाली का यह पावन पर्व बहुत- बहुत मुबारक हो.. आपके सफ़र के हर रास्ते पर आपको इतना सारा प्रकाश मिले की आप मंजिल की दूरियों को फ़ना कर सकें...यह दिवाली आपके जीवन में नए विचारों,लक्ष्यों एवं असीम उर्जा के साथ विराजमान हो...... दिवाली यह पर्व आपको एवं आपके परिवार को बहुत बहुत मुबारक..आपका सभी का जीवन मंगलमय हो..!! संजय सेन सागर