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वेद विशिष्‍ट - संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् ।।



प्रिय बन्‍धु

आपके संस्‍कृत जालपृष्‍ठसंग्राहक संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर इस सप्‍ताह प्रकाशित लेखों की सूची प्रस्‍तुत कर रहा हूँ ।
विषय वस्‍तु की दृष्टि से यह सप्‍ताह महत्‍वपूर्ण है । क्‍यूँकि इस सप्‍ताह वेदों पर महत्‍वपूर्ण व रोचक तथ्‍य प्रकाशित किये गये हैं ।
अपनी अमूल्‍य राय व टिप्‍पणियों से लेखकवर्ग का मार्गदर्शन व उत्‍साह वर्धन करें ।


रविवार, ७ नवम्बर २०१०

यज्ञं चेत् हिंसा कथं ।। वेद विशिष्‍टम् ।।


यज्ञों में हिंसा का खण्‍डन वेदमन्‍त्र के द्वारा ।।


बुधवार, ३ नवम्बर २०१०


दीपावली पर्व पर श्री विष्‍णुकान्‍त मिश्र जी द्वारा प्रस्‍तुत शुभविचार


बुधवार, ३ नवम्बर २०१०


विश्‍व का सर्वप्रथम आविष्‍कार या खोज , वेद प्रमाण के आधार पर प्रस्‍तुत वार्ता ।




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भवदीय: - आनन्‍द:

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समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...