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कला बाज़ार: समाज के स्थापित मूल्यों से बार-बार टकराता उपन्यास

कला बाज़ार: समाज के स्थापित मूल्यों से बार-बार टकराता उपन्यास : पुस्तक समीक्षा - बद्री नाथ वर्मा ' कला बाजार ' जैसा कि नाम से ही आभास होता है कि कला आज पूरी तरह से बाजार की जकड़ में आ गयी है। वह पूरी ... सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ

श्रीमद्भगवत गीता का भी श्लोकशः पद्यानुवाद

श्रीमद्भगवत गीता विश्व का अप्रतिम ग्रंथ है ! धार्मिक भावना के साथ साथ दिशा दर्शन हेतु सदैव पठनीय है ! जीवन दर्शन का मैनेजमेंट सिखाती है ! पर संस्कृत में है ! हममें से कितने ही हैं जो गीता पढ़ना समझना तो चाहते हैं पर संस्कृत नहीं जानते ! मेरे ८४ वर्षीय पूज्य पिता प्रो सी बी श्रीवास्तव विदग्ध जी संस्कृत व हिन्दी के विद्वान तो हैं ही , बहुत ही अच्छे कवि भी हैं , उन्होने महाकवि कालिदास कृत मेघदूत तथा रघुवंश के श्लोकशः हिन्दी पद्यानुवाद किये , वे अनुवाद बहुत सराहे गये हैं . हाल ही उन्होने श्रीमद्भगवत गीता का भी श्लोकशः पद्यानुवाद पूर्ण किया . जिसे वे भगवान की कृपा ही मानते हैं . उनका यह महान कार्य http://vikasprakashan.blogspot.com/ पर सुलभ है . रसास्वादन करें . व अपने अभिमत से सूचित करें . कृति को पुस्तकाकार प्रकाशित करवाना चाहता हूं जिससे इस पद्यानुवाद का हिन्दी जानने वाले किन्तु संस्कृत न समझने वाले पाठक अधिकतम सदुपयोग कर सकें . नई पीढ़ी तक गीता उसी काव्यगत व भावगत आनन्द के साथ पहुंच सके . प्रसन्नता होगी यदि इस लिंक का विस्तार आपके वेब पन्ने पर भी करेंगे . यदि कोई प्रकाशक जो कृति...

सैनिक देश के..

मै डटा रहा था मोहड़े पर॥ लेकर पूरी लश्कर को॥ आंच न आने देता था॥ अपने प्यारे चमन को॥ कोई चिंगारी भेद न पाती॥ न घबराते सैनिक साथी॥ आत्म बल से भरे हुए थे॥ कभी हटाते नहीं थे छाती॥ मिटना सीखा देश के खातिर॥ आन मान का ख्याल किया था॥ अपने प्यारे देश के खातिर॥ हमने भी तो बलि दिया था॥

भंवरी देवी के भंवर ने आखिर राजस्थान की राजनीति और पत्रकारों को नंगा कर ही दिया

भंवरी देवी के भंवर ने आखिर राजस्थान की राजनीति और पत्रकारों को नंगा कर ही दिया ..इतना ही नहीं इस भंवर ने जाट सभा का एक नया चेहरा चोरी और सीना जोरी वाला उजागर कर दिया है ............. कहने को तो बात आम है एक नर्स के साथ एक नेता जी के अवेध रिश्ते कायम होते है नेता जी मंत्री बनते है और फिर नेता जी इस प्रेमिका को सेक्स बम बनाकर सभी को परोसना चाहते है .....खुबसूरत सी दिखने वाली एक तुच्छ महिला जब उब जाती है तो फिर वोह इन मंत्री जी की सीडी बनाती है और इस मामले में मंत्री जी को ब्लेकमेल करने के लियें सीडी मुख्यमंत्री जी को देकर आती है राजस्थान के मुख्यमंत्री जी सी डी का सच देखते है मंत्री को मामला सेटलमेंट करने की हिदायत देते है यानी उनकी निगाह में अय्याश मंत्री को हटाने का मन नहीं था और वोह किसी महिला अस्मत का कोई मोल नहीं समझते थे ..बस मामला भड़क गया भंवरी देवी और उसके साथियों ने सी डी का सच अख़बारों और मिडिया चेनलों में पहुंचाया अख़बार तो अखबार है और चेनलों का सच सभी जान गये है इस सीडी को प्रकाशित कर अय्याश मंत्री को सजा दिलवाने की जगह उन्हें बचाया जाता रहा और एक नंगा स...

चिंता का बिषय ....

उत्तर प्रदेश में ख़ास कर प्राइमरी की हालत॥ प्रताप गढ़,सुल्तानपुर,रायबरेली.जौनपुर.कौसम्बी,सोनभद्र,फैजाबाद,इलाहबाद, और भी पिछड़े और दिहाती इलाको में शिक्षा की स्थिति बड़ी ही दयनीय है॥ यहाँ पर पढ़ाने वाले अध्यापिकाए सब अपनी बातो में समय गवाते है । अपना दुःख दर्द सुनाते है बच्चे घुमाते रहते है। और मास्टर साहब गप्पे मारते है ॥ क्या होगा हमारे बच्चो का भविष्य कैसे पढेगे बच्चे॥ क्या होगा॥ हमारे॥ देश के बच्चो का क्या सरकार॥ कुछ कर नहीं सकती इन गप्पे बाजो पर कब लगाम लगेगा। कई मास्टर तो स्कूल ही नहीं जाते अपने काम से रहते है अपनी जगह दूसरो को पढ़ाने भेजते है उन्हें केवल १५००। से ३००० के बीच में तानुख्वाह देते है ॥

बिखराव के रास्ते पर अन्ना टीम

सलीम अख्तर सिद्दीकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि अगस्त में अन्ना आंदोलन से जो उबाल जनता में आया था, नवंबर आते-आते वह इस तरह बैठ जाएगा, जैसे दूध में आया उबाल बैठ जाता है। अन्ना आंदोलन जितनी तेजी के साथ ऊंचाइयों पर गया था, उतनी तेजी के साथ नीचे आता जा रहा है। अन्ना टीम के बिखराव का दौर शुरू हो गया है। बिखराव का ही नतीजा है कि आंदोलन की धार कुंद पड़ने लगी है। यह इस बात से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश का दौरा कर रही अन्ना टीम के कार्यक्रमों में भीड़ नहीं जुट रही है। जब कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा जोड़कर शुरूआत की जाती है, तो ऐसा ही होता है। कई विचारधाराओं के लोग मिले और जल्दबाजी में एक ऐसी मुहिम छेड़ दी, जिसके लिए जबरदस्त ‘होमवर्क’ की जरूरत थी। भ्रष्टाचार से उकताई जनता को अन्ना हजारे का चेहरा मिला और रामलीला मैदान में चले आमरण अनशन के दौरान मिले व्यापक जनसमर्थन से अन्ना टीम एक तरह से घमंड का शिकार होकर संसद से ऊपर होने का भ्रम पाल बैठी। यही भ्रम उसके बिखराव का कारण बना और उसके अंत की शुरूआत हो गई। टीम के विचित्र बयानों ने बिखराव को तेज किया। टीम में तब वैचारिक मतभेद भी उभरकर आए, जब प्रशांत भूष...

.बात त्यौहार और खासकर इस्लाम से जुड़े क़ुरबानी के त्यौहार ईदुज्जुहा की है दोस्तों छोटा मुंह बढ़ी बात है ..बात त्यौहार और खासकर इस्लाम से जुड़े क़ुरबानी के

दोस्तों छोटा मुंह बढ़ी बात है ..बात त्यौहार और खासकर इस्लाम से जुड़े क़ुरबानी के त्यौहार ईदुज्जुहा की है जिसमे हज के अरकान के साथ ही खुदा बंदे से क़ुरबानी मांगता है और मुसलमान जो बहेसियत है वोह एक दुम्बा बकरा या पाड़ा कुर्बान करके सवाब कमाने के बारे में सोचता है ..इस्लाम का हुक्म है के इस दिन कोई भी मुसलमान खुद को जो सबसे ज्यादा पसंद हो उसे खुदा की राह में कुर्बान करे और उसके बाद इसकी रस्म एक जानवर की कुर्बानी के रूप में मनायी जाने लगी ..इस्लामिक रिवायत के तहत खुद बकरा या दुम्बा या कोई भी जानवर पालता था उसे प्यार और दुलार से रख कर बढ़ा करता था और फिर साल भर का कमसे कम होने पर उसे खुदा की रह में कुर्बान करता था इस पर यह पाबंदी थी की वोह जानवर कहीं घायल नहीं हो या उसका कोई अंग भंग नहीं हो ..यह सब इसलियें था के उसे अपने साथ एक परिवार के सदस्य के रूम में रख कर क़ुरबानी के वक्त खुदा की राह में अपनी प्रिय चीज़ के बिछड़ने के गम का एहसास होता था .... खुद जानवर को हलाल करता था फिर खाल उतारता था और फिर उसके तीन हिस्से रख कर एक हिस्सा खुद रखता था दो हिस्से गरीबों और मिलने वालो...