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इनके बाद ये सौभाग्य किसे मिलेगा.....

इनके बाद ये सौभाग्य किसे मिलेगा..... सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रचनाएँ आमंत्रित

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ''हिन्दुस्तान का दर्द ''आमंत्रित करता है देश भक्ति से जुडी रचनाओं को! सभी लेखकों एवं पाठकों से अनुरोध है की १४ अगस्त २००९ तक अपनी रचनाएँ mr.sanjaysagar@gmail.com पर प्रेषित करें... जरुरी नहीं की रचनाएँ अप्रकाशित हो ,पर मौलिक होना आवश्यक है! अपना जीवन परिचय भी प्रेषित करें!! आगे पढ़ें के आगे यहाँ f karen kare

स्वाइन फ्लू के कहर से बेखबर छत्तीसगढ सरकार

सतर्कता के दावे के बावजूद स्वाइन फ्लू ने देश को झकझोर कर रख दिया और देश भर में स्वाइन फ्लू संक्रमण के मामलो और उससे होने वाली मृत्यु में इजाफा जारी है .जिसके चलते देश में स्वाइन फ्लू की चपेट में आए लोगों की तादाद 711 तक पहुंच गई है. आसानी से पकड में नहीं आने वाली की स्वाइन फ्लू की जांच और दवाई दोनों ही काफी महगी है अगर हम इसे अपने प्रदेश छत्तीसगढ के सन्दर्भ में देखे तो आर्थिक रूप से पिछडे हमारे प्रदेश में ग्रामीण अंचलो में सामान्य बीमारी से निपटने लिए नियमित डाँ नहीं , ऐसे में स्वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बीमारी से निपटाना तो दूर की बात है संक्रमण से फैलाने वाले स्वाइन फ्लू के लिए बिग बी अमिताभ बच्चन जैसे महानायक ने चिंता जाहिर करते हुए मीडिया से अपील की है कि वह देशवासियों को इसके खतरे से बचाने का अभियान चलाएं जिसमें वह स्वयंसेवक की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। पर इन सब से बेखबर छत्तीसगढ सरकार को शायद इस बात का इंतजार है यहाँ पहले स्वाइन फ्लू संक्रमण का मामला तो सामने आये . जिसके चलते लाखो रु विज्ञापन पर खर्च कर जनता को अपने बखान गिनाते नहीं थकने वाली छत्तीसगढ...

नन्हें मुन्ने माली हैं ये बाग हमारा है

हम नन्हें मुन्ने माली हैं ये बाग हमारा है अंशलाल पंद्रे हम नन्हें मुन्ने माली हैं ये बाग हमारा है सबसे अच्छी फुलवारी हिन्दुस्तान हमारा है हाथो में लेकर कुदाल खेतो को हम जाते सूरज की पहली किरन से रोज नहाते श्रम की पूजा करने में विश्वास हमारा है काश्मीर आसाम से लेकर कन्या कुमारी दिशा दिशाओ दूर दूर पावन धरा हमारी धरती के हर कण कण पे अधिकार हमारा है गंगा यमुना नर्मदा ताप्ती हैं यहां की नदियां सागर झींले झरने उपजायें मन में खुशियां ऐसा मोहक प्यारा भारत वर्ष हमारा है रंग बिरंगे फूल खिले आभा न्यारी न्यारी दुनिया भर महक रही खुश्बू प्यारी प्यारी खुश्बू रहेगी बरकरार दावा हमारा है ॠतुओ का वरदान मिला हर तरफ हरियाली फूल फलों से लदी हुई हर पेड़ो की डाली वन उपवन से आच्छादित ये देश हमारा है अंशलाल पंद्रे

डॉ श्याम गुप्त की ग़ज़ल --

कुछ पल तो रुक के देख ले राहों के रंग न जी सके , कोई ज़िंदगी नहीं । यूंही चलते जाना दोस्त , कोई ज़िंदगी नहीं । कुछ पल तो रुक के देख ले , क्या - क्या है राह में , यूंही राह चलते जाना कोई ज़िंदगी नहीं । चलने का कुछ तो अर्थ हो , कोई मुकाम हो , चलने के लिए चलना , कोई ज़िंदगी नहीं । कुछ ख़ूबसूरत से पड़ाव , यदि राह में न हों , उस राह चलते जाना , कोई ज़िंदगी नहीं । ज़िंदा दिली से ज़िंदगी को , जीना चाहिए , तय रोते सफर करना , कोई ज़िंदगी नहीं । इस दौरे भागम - भाग में , सिज़दे में प्यार के , कुछ पल झुके तो इससे बढ़कर बंदगी नहीं । कुछ पल ठहर , हर मोड़ पे , खुशियाँ तू ढूंढ ले , उन पल से बढ़के ' श्याम , कोई ज़िंदगी नहीं ॥

नेता जी.. (पोस्टर)

गली गली चौराहे पर॥ हमको चिपकाया लोगो ने॥ घर घर के दीवारों पर ॥ हमको लटकाया लोगो ने॥ जूते चप्पल की नदी बही थी॥ हमको जलाया लोगो ने॥ जे जे कार के नारे लगते॥ माला पहनाया लोगो ने॥ नदी खेत और जंगल में॥ हमको दौडाया लोगो ने॥ हाथी घोडा और गधा के ऊपर॥ हमको बैठाया लोग ने॥ नदी तालाब ईनारो में॥ हमको फेक्वाया लोगो ने॥ गन्दी गन्दी सड़क किनारे॥ झाडू पकडाया लोगो ने॥ शूट बूट को उतार के फेका॥ धोती पहनाया लोगो ने॥ बुरे कर्म की लाल जो स्याही॥ उसको पकडाया लोगो ने॥ १२व्यन्जन की पकवान का॥ स्वाद चखाया लोगो ने॥ अब कुर्सी से खिसक गया हूँ॥ उससे उतरवाया लोगो ने॥

नही परेशानी होगी..

ladki:- प्रेम की संकर गलियनम ॥ प्रेम राज़ क्यो आए हो॥ आते आते घर वालो से॥ क्यो मेरा पता बताये हो॥ बड़ी बदनामी होगी॥ तुम्हे परेशानी होगी॥ लड़का:- छुपा के रखना दिल में अपने॥ मत बतलाना भेद॥ हंस हंस करके बातें करना॥ मत करना बिच्क्षेद॥ जल्द बहेगी प्रेम की गंगा॥ ऐसी प्रेम निशानी होगी॥ नही परेशानी होगी... लड़की:- प्रेम डगर पर चलते चलते ॥ खुल जाती है पोल॥ शर्म से आँखे झुक जाती है॥ करते लोग है क्रोध॥ इश्क छुपाये छुप नही सकता॥ बड़ी हैरानी होगी..तुम्हे परेशानी होगी॥ लड़का:- प्रेम नदी में सभी नहाते ॥ कौन बना ब्रम्हचारी॥ चढत जवानी आँखे लड़ती॥ इसमे क्या दुराचारी॥ संग चलेगे सात जनम तक॥ यही मेरी प्रेम कहानी होगी॥ नही परेशानी होगी॥