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पाक की नापाक नौटंकी

पकिस्तान ज़ंग को लेकर जायदा ही कुछ उत्साहित सा नजर आ रहा है जबकि पीछे की सच्चाई से हम सभी बाकिफ है कही ऐसा न हो की पाक...महज एक नौटंकी कर रहा हो जिससे की भारत पर एक हल्का सा दबाब बन सके ! पर पकिस्तान का यह कदम उसके लिए ही खतरनाक साबित होने वाला है क्यों की भारत हर प्रकार से उससे शक्तिशाली है !! पकिस्तान का ये लहजा ऐसा लग रहा है जैसा की एक दीप बुझने से पहेले भभकता है वैसे ही हाल पकिस्तान का हो रहा है !!जब की असलियत पर नजर डाले तो ये है !!! अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की आशंका जताई है। सीआईए के अनुसार, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में चल रही उठापटक जम्मू-कश्मीर में भी फैल सकती है। इससे भारत को मजबूरन हमला करना पड़ सकता है। ‘ग्लोबल ट्रेंड्स 2015’ नाम से बुश प्रशासन को आगाह करती अपनी रिपोर्ट में सीआईए ने कहा है कि परंपरागत सैन्य क्षमता के हिसाब से भारत अपने पड़ोसी देश के मुकाबले बढ़त पर है। इसके अलावा भारत आर्थिक रूप से भी पाक से कहीं अधिक सक्षम है। हथियारों की होड़ : भारत जल्दी ही अपने परमाणु जखीरे में बढ़ोतरी कर सकता है। पाकिस्तान भी इसी की देखादेखी...

मंटो की कहानी - टोबा टेक सिंह

बंटवारे के दो तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि इखलाकी क़ैदियों की तरह पागलों का तबादला भी होना चाहिए यानी जो मुसल्‌मान पागल, हिंदुस्तान के पागल-ख़ानों में हैं उन्हें पकिस्तान पहुंचा दिया जाए और जो हिंदू और सिख पाकिस्तान के पागल-ख़ानों में हैं उन्हे हिंदुस्तान के हवाले कर दिया जाए।मालूम नहीं यह बात माक़ूल थी या ग़ैर-माक़ूल , बहर-हाल दानिश-मन्‌दों के फ़ैस्‌ले के मुताबिक़ इधर उधर ऊंची सतह की कान्फ्रेंसे हुईं , और बाल-आख़िर एक दिन पागलों के तबादले के लिए मुक़र्‌रर हो गया। अच्छी तर्‌ह छान-बीन की गई। वह मुसल्‌मान पागल जिन के लवाहिक़ीन हिंदुस्तान में ही में थे, वहीं रह्‌ने दिए गए थे, जो बाक़ी थे उन को सर्‌हद पर रवाना कर दिया गया।_ यहां पाकिस्‌तान में चूंकि क़रीब क़रीब तमाम हिंदू सिख जा चुके थे, इस लिए किसी को रखने रखाने का सवाल ही न पैदा हुआ। जितने हिंदू सिख पागल थे, सब के सब पुलिस की हिफ़ाज़त में बॉर्डर पर पहुंचा दिए गए।उधर का मालूम नहीं, लेकिन इधर लाहोर के पागल-ख़ाने में जब उस तबादले की ख़बर पहुंची तो बड़ी दिल्‌चस्‌प चिह-मी-गूइयां होन लगीं। एक मुसल्‌मान पागल जो बारह बरस से हर रो...

हद से भी जायदा प्यार है तुमसे

सच ये दुनिया तुम्हारे बिना कितनी अधूरी है मेरा तुम्हारे बिना रह पाना मुश्किल है! अगर तुम नहीं तो मैं भी नहीं! मैं तुम्हारे लिए आसमान से तारे तोड़कर ला सकता हूँ !तुम्हारी एक खुशी के लिए मैं अपनी जान भी दे सकता हूँ !! शायद यही कह रही है ये तस्वीरें मगर किससे ये आपको तय करना है !मुझे तो लगता है की आज प्यार का मतलब काफी बदल चुका है, जायदा से जायदा लोगों को खुश रखना ही आज प्यार है यहाँ तो यही समझ आता है आपको क्या लगता है !! जरा हमे बताइए!!

पहचान : एक शाम की

"क्लासिकल म्यूज़िक का प्रोग्राम है, सुनने चलोगी?" पड़ोस की प्रौढ़ा जया मुखर्जी ने पूछा।"म्यूज़िक प्रोग्राम" सुनकर उसकी आँखें कुछ चमकी थीं, अरसा हो गया किसी संगीत कार्यक्रम या नाटक या किसी भी तरह के ऐसे महौल तक में गए हुए उसे।"कितने बजे हैं?" उसने उत्सुकता से पूछा।"पौने सात से शुरू होगा पर घर से साढ़े पाँच तक तो निकलना ही पड़ेगा। " मैनेज कर लो तो चलना, मैं जा रही हूँ" जया ने पूरी सूचना दे दी थी। जाने - आने का साथ भी है, जगह ढूँढने की दिक्कत से भी बचा जा सकता है। मन में लालच आ गया विनीता के।"देखती हूँ, कोशिश करती हूँ। सब काम हो गए तो फोन करूँगी आने का, हाँ लौटने में क्या बज जाएगा?" सब खबर रखना ज़रूरी था।"साढ़े नौ से दस के बीच का समय हो सकता है। चल सको तो अच्छा है पर न हो पाए तो कोई मलाल की बात नहीं, मेरे बच्चे छोटे थे तो मैं भी कहाँ जा पाती थी, यह ख्याल रहता था कि ये अकेले न रहें या मेरा उनके पास रहना ही मेरा सबसे बड़ा काम है।"जया शायद विनीता की मन:स्थिति समझ रहीं थीं। भीतर की माँ और निजी अस्तित्व में द्वंद्व शुरू हो गया था। ...

बुलंद होसले

हाल ही मे स्पिन अकेडमी द्वारा आयोजित एक डांस शो देखने का अवसर मिला । मुंबई की ये संस्था जो हमारे शहर में आयी और कई स्कूल के ५००-५५० बच्चो को चुनकर उन्हें मात्र १५ दिनों के अंदर उन्हें डांस शो के लिए तैयार कर दिया । डांस शो तो बहुत से देखे है लेकिन इस शो में कुछ अलग ही बात थी ,जो मैं लिखने के लिए मजबूर हो गयी हूँ। अलग इसलिए क्यूंकि इसमे एक डांस-परफॉर्मेंस नेत्रहीन बच्चो की थी । जब ये बच्चे मंच पर आए तो इन्हे क्या पता था कि उन्हें कितने लोग देख रहे है । तालियों की गडगडाहट से पूरा प्रांगन गूंज उठा ।उन्हें अहसास करवाया गया कि तुम मस्त होकर नाचो , हम इतने सारे लोग तुम्हारे होसलो को बढ़ाने के लिए तुम्हारे साथ है। वे एक अंग से अक्षम बच्चे मस्ती से झूम रहे थे। उन्हें देखकर अक्षम और सक्षम बच्चो में अंतर कर पाना मुश्किल था । उनमे सक्षम बच्चो को मात देने का होसला जो था। उन्हें सिर्फ़ और सिर्फ़ तालियों की गडगडाहट का अहसास था। वे बच्चे कही से भी अक्षम नही थे ,उनके होसले जो बुलंद थे। कई लोग तो बीच में ही खड़े होकर उनका तालियों से होसला बढ़ा रहे थे। जब उनकी डांस-परफॉर्मेंस...

रास्ते चलने की लिए बनाये जाते है,इंतज़ार करने के लिए नहीं !!

हम दिनों दिन आदर्श रास्ते की तलाश मे गुजार देते है की शायद अब मिलेगा ,यहाँ मिलेगा हो सकता है वंहा मिलेगा! पर हम ये भूल जाते है की रास्ते चलने के लिए बनाये जाते है इंतज़ार के लिए नहीं !! इसलिए जो करना है सो करने लगो ,किसी भी चीज़ या हमसफ़र का इंतज़ार मत करो! अगर चुनना है तो मंजिल चुनो! पर रास्तों को कभी मत चुनो क्यों की सभी रास्ते मंजिल तक ही जाते है कोई बीच मे ख़त्म नहीं होता,फिर बेकार इंतज़ार करने से क्या फायदा! बस इंतज़ार करना है तो उस जूनून का करो जो तुम्हे मंजिल तक पहुँचाने वाला है ,जैसे हो वो जूनून और जोश आ जाए तो रास्तों की फ़िक्र छोड़कर मंजिल की तरफ़ कदम बड़ा दो !

अटल जी की कविता

टूटे हुये तारों से फूटे वासन्ती स्वर, पत्थर की छाती में उग आया नया अंकुर, झरे सब पीले पात,कोयल की कुहुक रात, प्राची में अरूणिमा की रेख देख पाता हूं, गीत नया गाता हूं,टूटे हुये सपने की कौन सुने सीसकी, अन्तर को चीर व्यथा पलकों पर ठीठकी, हार नहीं मानूंगा,रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पर लिखता और मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं, ******************************