अपनी प्यारी धरती को जीवन भर न छोडूगा।
सब से नाता तोड़ दूगा भारत से नही तोदूगा॥
इसी देश से प्रेम इसी मिटटी से नाता ।
सुबह शाम लोगो का लगे प्रेम का तांता॥
हरी भरी बगिया सीच सीच कर जोडूगा॥
कितने अत्याचार हुए थे अंग्रेजो के शाशन में।
टूटे फूटे कांच मिलाते खाने वाले राशन में॥
वीर शहीदों की karर्नी को नही मई भूलूगा॥
याद करो कुर्वानी उनकी जिसने बलिदान दिया।
शहीद भगत सिंह को सोचो जो हसते हस्ते जान दिया॥
गुरु गोविन्द सिंह को लालो को दिल में अपने जोडूगा॥
याद करो हे कुर्सी वाले कैसे संदेश सुनाते हो।
भोली भली जनता कोसपने खूब दिखाते हो॥
देश प्रेम खुशियों के खातिर सच्च का बंधन खोलूगा॥
सब से नाता तोड़ दूगा भारत से नही तोदूगा॥
इसी देश से प्रेम इसी मिटटी से नाता ।
सुबह शाम लोगो का लगे प्रेम का तांता॥
हरी भरी बगिया सीच सीच कर जोडूगा॥
कितने अत्याचार हुए थे अंग्रेजो के शाशन में।
टूटे फूटे कांच मिलाते खाने वाले राशन में॥
वीर शहीदों की karर्नी को नही मई भूलूगा॥
याद करो कुर्वानी उनकी जिसने बलिदान दिया।
शहीद भगत सिंह को सोचो जो हसते हस्ते जान दिया॥
गुरु गोविन्द सिंह को लालो को दिल में अपने जोडूगा॥
याद करो हे कुर्सी वाले कैसे संदेश सुनाते हो।
भोली भली जनता कोसपने खूब दिखाते हो॥
देश प्रेम खुशियों के खातिर सच्च का बंधन खोलूगा॥
सच वतन,बतन होता है जो प्यार यहाँ मिलता है
ReplyDeleteकही नहीं मिल सकता
बहुत बढ़िया
पदम् जी धन्यवाद
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