Skip to main content

ना नशा करो ना वार करो !


ये स्वच्छ सन्देश है

सारे हिन्दोस्तानियों का, पूरी दुनियाँ के नाम

"no drugs, no war"


ना नशा करो ना वार करो
करना है अगर तो प्यार करो
मुश्किल से मिलता है जीवन
क्या तुमको नहीं पता.....

कर लो तौबा सौ सौ बार
कहते फिरोगे वरना यार

टुकड़े टुकड़े हो गया देश, टुकड़े टुकड़े हो गया,
टुकड़े टुकड़े हो गया देश, टुकड़े टुकड़े हो गया |



द्वारा:
सलीम खान
स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़
लखनऊ, उत्तर प्रदेश

(यह सन्देश "स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़" नमक ब्लॉग द्वारा जनहित में जारी )

Comments

  1. काश! ऐसा हो पाता....... ना ही कोई नशा करता और ना ही कोई लडाई होती | कल्पना कीजिये....कैसा होगा वह ज़मान जब ऐसा हो जायेगा|

    ReplyDelete
  2. सन्देश सार्थक हो, लोगों को सद्बुदबुद्धि आये। बहुत-बहुत आभार....

    ReplyDelete
  3. सलीम जी अच्छा सन्देश लोगों तक पहुँचाया है
    बहुत खूब

    ReplyDelete
  4. लोगों को आपका शुभ सन्देश मिले यही कामना है

    ReplyDelete
  5. अच्छी सोच है आपकी सबको अपनाना चाहिए

    ReplyDelete

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...