समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा? नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...
अम्बरीश जी एवं अन्य सभी लेखकों का मैन एक बार फिर सुक्रिया अदा करता हूँ की आप लोग इस मंच एक माध्यम से देश का दर्द बंया कर रहे है !
ReplyDeleteआपको भी बधाई हो अम्बरीश जी !
बधाई हो अम्बरीश जी,
ReplyDeleteहिन्दुस्तान के दर्द का काफ़िला यूँ ही आगे और बहुत आगे चलता जाये और बन जाये हिन्दुस्तान का नंबर वन ब्लॉग !!
वैसे मेरे नाम 400वाँ पोस्ट का रिकॉर्ड तो था ही, मैंने हिंदुस्तान के दर्द का 500वाँ पोस्ट भी मैंने ही किया था !!!
खैर! रिकॉर्ड बनते बिगड़ते रहेंगे मगर हिन्दुस्तान के दर्द का काफ़िला यूँ ही आगे और बहुत आगे चलता जाये, इसकी कामना करता हूँ!
सलीम खान
भड़ास फॉर यूपी
(यूपी4भड़ास.ब्लॉगस्पॉट.कॉम)
badhai ho
ReplyDeleteयह बड़े गर्व की बात है हिन्दुस्तान का दर्द ब्लोग्स काफी तेजी से आगे की ओर अगर्सित हो रहा है जिसमे सभी की अपनी भूमिका है अम्बरीश साहब आपको तहे दिल से बधाई देते है आप इसी पकार लिखते रहे.
ReplyDeleteआपका अपना
अलीम आज़मी
बधाई. यह आपके लिए ही नहीं. हम सबके लिए bhi ख़ुशी की बात है.
ReplyDeleteअरे! मुझे मत भूलो. ६०१ वीं रचना से नए शतक की शुरुआत तो मैंने ही की है.
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