सलीम जी यह आपका नहीं हमारा सौभाग्य है की आप हमसे इस तरह जुड़े की जुड़ते ही चले गए ! आपका सहयोग हमारे लिए जरुरी है और ४०० का आकंडा आपकी पोस्ट से छुआ है तो आगे भी सब ठीक ठाक होता ही रहेगा ! आपको भी बधाई हो!!
मैंने जनवरी 2009 में ही ब्लॉग में लिखना शुरू किया था | इससे पहले मैंने अपनी वेबसाइट भी बनाई मगर असली संतुष्टि तो मुझे हिंदुस्तान के दर्द पर आकर मिली | ब्लॉग एक ऐसी जगह हैं जहाँ आप अपनी बात बिना झिझक के कह सकते है और बिना किसी खास बंधन के | मैंने अपने जीवन में अभी तक ज्यादा समय पढने में बिताया, यहाँ आकर मुझे लगा कि मैं उन सब जानकारियों को ब्लॉग के माध्यम से आसानी से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकता हूँ|
हिंदुस्तान के दर्द पर मैं जनवरी से लगभग नियमित रूप से पोस्ट कर रहा हूँ| आज देखा यह 400 के करीब पहुँचने वाला है तो आज सुबह ही मैंने सोच लिया कि ४००वां पोस्ट तो मैं ही करूँगा|
हिंदुस्तान के दर्द और अपनी तरफ से आप सबको ४००वां पोस्ट प्रकाशित हो चुकने की बढ़ाई |
सलीम खान स्वच्छ सन्देश लखनऊ व पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..
हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ
बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं -
प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार-
रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...
सलीम जी यह आपका नहीं हमारा सौभाग्य है की आप हमसे इस तरह जुड़े की जुड़ते ही चले गए !
ReplyDeleteआपका सहयोग हमारे लिए जरुरी है और ४०० का आकंडा आपकी पोस्ट से छुआ है तो आगे भी सब ठीक ठाक होता ही रहेगा !
आपको भी बधाई हो!!
मैंने जनवरी 2009 में ही ब्लॉग में लिखना शुरू किया था | इससे पहले मैंने अपनी वेबसाइट भी बनाई मगर असली संतुष्टि तो मुझे हिंदुस्तान के दर्द पर आकर मिली | ब्लॉग एक ऐसी जगह हैं जहाँ आप अपनी बात बिना झिझक के कह सकते है और बिना किसी खास बंधन के | मैंने अपने जीवन में अभी तक ज्यादा समय पढने में बिताया, यहाँ आकर मुझे लगा कि मैं उन सब जानकारियों को ब्लॉग के माध्यम से आसानी से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकता हूँ|
ReplyDeleteहिंदुस्तान के दर्द पर मैं जनवरी से लगभग नियमित रूप से पोस्ट कर रहा हूँ| आज देखा यह 400 के करीब पहुँचने वाला है तो आज सुबह ही मैंने सोच लिया कि ४००वां पोस्ट तो मैं ही करूँगा|
हिंदुस्तान के दर्द और अपनी तरफ से आप सबको ४००वां पोस्ट प्रकाशित हो चुकने की बढ़ाई |
सलीम खान
स्वच्छ सन्देश
लखनऊ व पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
मुझे फिर से वही शेर गुनगुनाने का मन कर रहा है
ReplyDeleteमैं अकेला ही चला था जानिबे मंजिल
लोग आते गए, कारवां बढ़ता गया
खैर!
आज मैं जा रहा अपने पैतृक गाँव पीलीभीत | गन्ने की बोवाई का आखिरी चरण चल रहा है |
इंशा अल्लाह आप सबसे अगली मुलाक़ात मोस्ट प्रोबेब्ली मंगल को होगी |
आपका
सलीम खान
स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़
लखनऊ व पीलीभीत
उत्तर प्रदेश