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दोस्तों के साथ मस्ती के कुछ पल

कल जबलपुर की यात्रा से लौटा हूँ तो कुछ मजे के पल तस्वीरों में कैद है दिल किया की इन्हें दोस्तों के साथ बाँट लूं तो दोस्तों आपके सामने कुछ तस्वीरें है ,उम्मीद है कुछ लोगों को पसंद ना भी आये,फिर भी हम तो यही कहेंगे...जय हिन्दुस्तान-जय यंगिस्तान   

अपने राशि के स्‍वामी ग्रह को जानें ।।

प्रिय बन्‍धु आपके अपने संस्‍कृत जालसंग्राहक संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर  ज्‍योतिषाचार्य जी ने उपयोगी तथ्य राशि व ग्रहों के विषय में प्रस्तुत किये हैं । जाल-ज्योतिषं -राशि-स्वामी अपने राशि के स्‍वामी ग्रह को जानें तथा टिप्‍पणियों द्वारा महोदय के प्रयास के विषय में अपने राय प्रकट करें । प्रतुल जी ने आदर्श देश की विशेषताऍं बताई हैं, आदर्श देशः देखें व उत्‍साह वर्धन करें । -- भवदीय: - आनन्‍द:

बच्चो को दे प्यार और विश्वास

  महिला एवं शिशु विकास मंत्रालय ने युनिसफ़ और कुच्छ एनजीओ के साथ मिलकर हाल ही मै चाइल्ड येब्युस के मामले मै भारत के १६ राज्यों का सर्वे किया है ! इस सर्वे मै शामिल ५३% बच्चो ने माना की वे कभी ना कभी शारीरिक शोषण करने वालो में से ५०% जान पहचान वाले लोग ही थे ! बचियों  की तुलना में बच्चे शारीरिक शोषण का ज्यादा शिकार हो रहे हैं !                                            ये हमारे देश मै नहीं दुनिया भर मै घटने वाली जटिल समस्या है जिसको हम किसी भी तरह नज़र अंदाज़ नहीं कर सकते जिसकी खबर हम हर रोज़ अख़बार , टेलीविज़न के माध्यम से देखते और सुनते हैं ! कितना प्यार करते हैं हम अपने बच्चो से ? हमारा जवाब होता है ''''''''बहुत ज्यादा ;;;;; कितना ख्याल रखते हैं हम अपने बच्चो का ? हमारा फिर वही जवाब '''''बहुत ज्यादा ! फिर ये सब  केसे हो जाता है ? कही न कही तो हम उनकी देख रेख मै चुक कर ही रहे हैं जिसका भुगतान हमारे मासूम बच्चो को उठाना पड़ता है ! कोन सी है हमारी वो भूल ? ह...

यात्रा करो अनंत मन की

        इन्सान दिन- रात अपनी इच्छाओ की पूर्ति मै व्यसस्त रहता है ! अपने मतलब के लिए कही हाथ जोड़ता है और कही बाहें फेलता है ! लेकिन संसार मै न्याय से अन्याय , सम्मान से अपमान , ख़ुशी से दुखी होकर दुनिया का वैभव इकठा किया जा सकता है पर परमात्मा की कृपा नहीं पाई जा सकती ! जब तक भगवान की कृपा नहीं होगी तब तक वैभव के शिखर पर बैठ कर भी इन्सान की आँखों से आंसू ही झरते रहते हैं !जब भगवान की कृपा होती है तब आप जंगल मै रहो या वीराने मै हर जगह खुशियाली साथ रहती है सम्पुरण संतुष्टि प्रकृति मै या माया मै नहीं होती थोड़ी देर के लिए तो लगता है की सब कुच्छ मिल गया लेकिन कुच्छ देर बाद ही लगता है की अभी बहुत पाना बाक़ी है ! इन्सान प्रेम की अभिलाषा मै बहुत सारे रिश्ते बनाता है लेकिन प्रेम भी पूरा नहीं होता ! भटकाव तो सभी के जीवन मै आता है लेकिन एसा महसूस  होता है की थोड़ी दूर और चलु शायद कहीं शांति , विश्राम ,या चैन मिल जाये !             टेगोर ने कहा था -------मै हर रोज़ सुख के घर का पता मालूम करता हु लेकिन हर शाम को फिर भूल जाता हु ...

''जय हो '' कॉमनवेल्थ गेम्स-2010

Common Wealth Games - 2010 Several English teams have delayed their arrival in New Delhi because of hygiene concerns!!! Medias are eager to find mistakes of poor Indian Hygiene Now go through the following  snaps from UK. Concerns of Hygiene is not just a problem of India. Forward this mail to all citizens, especially media people, who just see the Best of Foreigners and Worst of our Country. Admit our inexperience in conducting such a big event, & Come out to support INDIA. Amazing work that has been done for the  CWG Delhi, India>>>>>>>> CWG Stadiums, Delhi, India If you want to kill a tree, don’t cut it, just curse it! The same seems to be happening with CWG. Friends, successful completion of CWG is a must for INDIA’s image….there has been so much negative publicity about it….let’s support the games now, and for sure it doesn’t mean that we support   the corruption involved with it . W e  should be  supporting INDIA...

मुक्तिका : संजीव 'सलिल'

मुक्तिका : संजीव 'सलिल' * काम रहजन का करे नाम से रहबर क्यों है? मौला इस देश का नेता हुआ कायर क्यों है?? खोल अखबार- खबर सच से बेखबर क्यों है? फिर जमीं पर कहीं मस्जिद, कहीं मंदर क्यों है? जो है खूनी उकाब उसको अता की ताकत. भोला-मासूम परिंदा नहीं जबर क्यों है?? जिसने पैदा किया तुझको तेरी औलादों को. आदमी के लिए औरत रही चौसर क्यों है?? एक ही माँ ने हमें दूध पिलाकर पाला. पीठ हिन्दोस्तां की पाक का खंजर क्यों है?? लाख खाता है कसम रोज वफ़ा की आदम. कर न सका आज तलक बोल तो जौहर क्यों है?? पेट पलता है तेरा और मेरा भी जिससे- कामचोरी की जगह, बोल ये दफ्तर क्यों है?? ना वचन सात, ना फेरे ही लुभाते तुझको. राह देखा किया जिसकी तू, वो कोहबर क्यों है?? हर बशर चाहता औरत तो पाक-साफ़ रहे. बाँह में इसको लिए, चाह में गौहर क्यों है?? पढ़ के पुस्तक कोई नादान से दाना न हुआ. ढाई आखर न पढ़े, पढ़ के निरक्षर क्यों है?? फ़ौज में क्यों नहीं नेताओं के बेटे जाते? पूछा जनता ने तो नेता जी निरुत्तर क्यों है?? बूढ़े माँ-बाप की खातिर न जगह है दिल में. काट-तन-पेट खड़ा तुमने किया घर क्यों है?...

किस्मत

उनकी किस्मत का सितारा इस तरह बुलंद था ! क्युकी जो पड़े लिखे थे वे संतरी बने , और जो अंगूठा छाप थे वो मंत्री बने !