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दिल को लगी,बात बनी,मार्केटिंग ने रचा इतिहास।



शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने कर्नाटक सरकार से कहा है कि वो आमिर खान के शो ‘सत्‍यमेव जयते’  के प्रसारण को अनुमति दे। ठाकरे ने एक ओर जहां राज्‍य की सत्‍तारूढ़ बीजेपी सरकार पर निशाना साधा तो दूसरी ओरआमिर खान के इस शो की बेहद तारीफ की। ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा है कि कर्नाटक सरकार द्वारा इस आधार पर शो पर पाबंदी लगाने से साफ है कि वहां देशभक्ति पर प्रांतवाद हावी है। आमिर की तारीफ करते हुए संपादकीय में कहा गया है, 'आमिर शाहरुख की तरह अड़ियल टट्टू नहीं हैं।' 
 
'सत्यमेव जयते पर प्रतिबंध क्यों' शीर्षक से छपे संपादकीय में बाल ठाकरे ने लिखा है, वह (आमिर)'पाकिस्तान के क्रिकेटर हिंदुस्तान में खेलेंगे तो क्या बिगड़ जाएगा' जैसी बयानबाजी नहीं करता, इसलिए वह खानों की पंगत में नहीं बैठता।  
इस शो की पहली कड़ी रेटिंग का रिकॉर्ड तोड़ रही है। 8.7 की टीआरपी के साथ ही यह शो आज भी सोशल साइट्स पर बहस का गरम मुद्दा है। ज्‍यादातर कमेंट्स तारीफ में ही आ रहे हैं, पर कई लोग आलोचना के जरिए भी जायज मुद्दे उठा रहे हैं। यानी शो पसंद हो या ना हो, लेकिन इसकी अनदेखी किसी के लिए मुमकिन नहीं है। ऐसे में यह  सवाल उठता है कि क्‍या यह  सफल मार्केटिंग स्‍ट्रैटजी का नतीजा है या आमिर की ब्रांड वैल्‍यू और छवि का नतीजा? 


जबरदस्‍त मार्केटिंग
'सत्‍यमेव जयते' आमिर और स्‍टार इंडिया का साझा प्रोजेक्‍ट है और बताया जाता है कि इसकी मार्केटिंग पर 20 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा खर्च हुए हैं। किसी टीवी शो के लिए मार्केटिंग पर इतनी बड़ी रकम शायद पहली बार खर्च की जा रही है। मार्केटिंग का जिम्‍मा स्‍टार नेटवर्क को सौंपा गया है। स्‍टार इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग एंड कम्‍यूनिकेशंस) गायत्री यादव कहती हैं कि ‘दिल को लगेगी, तभी बात बनेगी’ का टैग लाइन इस शो के बारे में बताता है और यही कंपनी के मार्केटिंग अभियान का आधार बनी।
 
इस शो के प्रोमो सिनेमा हॉल में दिखाए जा रहे हैं। स्‍टार इंडिया ने कई ऐसे गांवों की पहचान कर, जहां पूरी आबादी के सिर्फ एक तबके के पास टीवी सेट हैं, शो की स्‍पेशल स्‍क्रीनिंग की। इन गांवों के आसपास एक सार्वजनिक स्‍थान या टाउन हॉल जैसे स्‍थान पर ‘सत्‍यमेव जयते’ के पहले शो की खास स्‍क्रीनिंग की व्‍यवस्‍था की गई है। इन गांवों में से ज्‍यादातर की आबादी 5000 से कम है और शायद पहली बार होगा जब इन्‍हें टीवी की ताकत का अनुभव होगा।  
 
शो स्‍टार नेटवर्क के तमाम भाषाओं के चैनलों पर प्रसारित किया जा रहा है। दूरदर्शन सहित कुल दस चैनलों के जरिए शो को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया गया। यहां तक कि स्‍टार न्‍यूज पर आज भी इस शो को लेकर खास कार्यक्रम दिखाए जा रहे हैं। स्‍टार नेटवर्क के इस खबरिया चैनल पर इस शो को कैंपेन के रूप में 'कवर' किया जा रहा है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि टीवी पर कोई शो एक साथ देशभर में दिखाने की इतने बड़े पैमाने पर व्‍यवस्‍था की गई है। 
 
इस शो में ‘भावनाओं का खुला प्रदर्शन’ हो रहा है। इसमें ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ा जा सके। गायत्री यादव कहती हैं, ‘यह शो देश की जनता के लिए और हमारी रणनीति है कि देशभर की जनता इस शो को देखे। इस शो को ऐसे इलाकों में दिखाया जा रहा है जहां सीमित संख्‍या या नहीं के बराबर टीवी सेट हैं।’ शो का चर्चा में आना इतनी कवायद का नतीजा है। 
 
इस कवायद का फायदा यह भी रहा कि विज्ञापनदाताओं से 10 सेकेंड के लिए 10 लाख रुपये वसूले जा रहे हैं। आईपीएल मैचों के प्रसारण के दौरान विज्ञापन के लिए इतने ही वक्‍त के लिए चार लाख रुपये ही देने पड़ते हैं। विज्ञापन की दरों के बारे में स्‍टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीओओ संजय गुप्‍ता कहते हैं, ‘यह बेहद खर्चीला शो है और हमें इस पर होने वाला खर्च जुटाना है।’ 

आमिर का जलवा 
 
मार्केटिंग की बेहद खास और अलग कवायद के साथ ही स्‍टार नेटवर्क ने आमिर खान पर दांव लगाया। बॉलीवुड में मिस्‍टर परफेक्‍शनिस्‍ट के तौर पर मशहूर आमिर की इंडस्‍ट्री में अलग पहचान है। उनकी लोकप्रियता अर आम व खास के बीच है। ऐसे में टीवी के रुपहले पर्दे पर पहली बार दस्‍तक दे रहे आमिर की ‘सत्‍यमेव जयते’ में मौजूदगी देश की अधिकतर जनता को अपनी ओर खींच रही है। आमिर टीवी के दर्शकों की भी नब्‍ज पूरी तरह समझते हैं। इमोशन और ड्रामा के मेलजोल वाले शो देखने वाली देश की जनता इस शो को खूब पसंद कर रही है।
 
इस शो के जरिये आमिर को ‘परफेक्‍शनिस्‍ट’ की अपनी छवि को नए सामाजिक आयाम के जरिये फिर से स्‍थापित करने में मदद मिलेगी। वहीं, शो के प्रायोजक ब्रांड्स को टीवी मार्केटिंग की दुनिया में मजबूती से खड़े होने में भी मदद मिलेगी।
 
इस शो के लिए आमिर खान को प्रति एपिसोड तीन करोड़ रुपये मिल रहे हैं। टीवी की दुनिया में पहली बार ऐसा हो रहा है कि बॉलीवुड की किसी हस्‍ती या एंकर को इतनी मोटी रकम दी जा रही है। सत्‍यमेव जयते के हर एपिसोड पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। जबकि आम तौर पर हिंदी चैनलों पर प्राइम टाइम के दौरान दिखाए जाने वाले आधे घंटे के एक शो पर आठ से नौ लाख रुपये खर्च होते हैं। रियलिटी शो के एक एपिसोड पर 35 लाख से 2 करोड़ का खर्च (होस्‍ट पर निर्भर) आता है।
 
आपकी राय 
 
'सत्‍यमेव जयते' स्‍टार इंडिया और आमिर खान की नई बिजनेस स्‍ट्रैटजी और सफल मार्केटिंग स्‍ट्रैटजी भर है या सामाजिक सरोकार  से भी जुड़ा मामला है? क्‍या आपने इस शो की पहली कड़ी देखी और आगे भी देखते रहेंगे? अपनी बात नीचे कमेंट बॉक्‍स में लिख कर सबमिट करें। 

Comments

  1. ---इसकी मार्केटिंग पर 20 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा खर्च हुए हैं। किसी टीवी शो के लिए मार्केटिंग पर इतनी बड़ी रकम शायद पहली बार खर्च की जा रही है....
    ---इस शो के लिए आमिर खान को प्रति एपिसोड तीन करोड़ रुपये मिल रहे हैं। टीवी की दुनिया में पहली बार ऐसा हो रहा है कि बॉलीवुड की किसी हस्‍ती या एंकर को इतनी मोटी रकम दी जा रही है। सत्‍यमेव जयते के हर एपिसोड पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है।

    ---इतना पैसा खर्च करके तो करोडों बेटियों को शिक्षित किया जा सकता है... जनता को भी शिक्षित किया जा सकता है... देश की कुछ गरीबी भी दूर की जा सकती है... जो इसका मूल कारण है..

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    1. देखिए खैरात में गरीबो तक हर चीज़ पहुंचा देना इन कलाकारों का काम नहीं है,यह कलाकार है और उससे अच्छे बिजनेस मेन है जो मनोरंजन के रास्ते पैसे कमा रहे है उससे भी अच्छी बात की समाज को एक जागरूकता और दिशा दे रहे है,वही इनका काम है न की पैसे इकठ्ठा करके गरीबों में बांटना,यह ज़िम्मेदारी सरकार की है और वह कर भी रही है...और आप २० करोड़ की राशि को इस काम के लिए काफी बता रहे है जबकि सरकार इस काम के लिए लाखों करोड़ पहले ही लगा चुकी है,मेरे हिसाब से आप गलत व्यक्ति से उम्मीदें लगा रहे है ,यह तो वही बात हुई की आपको आपके काम के आवाज मे मिलने वाले पैसों के लिए हम कहे की श्याम गुप्ता जी को इतने पैसे देने से अच्छा तो था की २० गरीबों को कपडा दिला दे..तो यह आपका काम नहीं है,वो पैसे आपके काम के है ठीक इसी तरह वो उनके काम के पैसे है,आपके हिसाब से तो यह शो आना ही नहीं चाहिए था.!

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  2. SHAYAM GUPT JI NE THEEK KAHA HAI .SAHMAT HUN .

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  3. देखिए खैरात में गरीबो तक हर चीज़ पहुंचा देना इन कलाकारों का काम नहीं है,यह कलाकार है और उससे अच्छे बिजनेस मेन है जो मनोरंजन के रास्ते पैसे कमा रहे है उससे भी अच्छी बात की समाज को एक जागरूकता और दिशा दे रहे है,वही इनका काम है न की पैसे इकठ्ठा करके गरीबों में बांटना,यह ज़िम्मेदारी सरकार की है और वह कर भी रही है...और आप २० करोड़ की राशि को इस काम के लिए काफी बता रहे है जबकि सरकार इस काम के लिए लाखों करोड़ पहले ही लगा चुकी है,मेरे हिसाब से आप गलत व्यक्ति से उम्मीदें लगा रहे है ,यह तो वही बात हुई की आपको आपके काम के आवाज मे मिलने वाले पैसों के लिए हम कहे की श्याम गुप्ता जी को इतने पैसे देने से अच्छा तो था की २० गरीबों को कपडा दिला दे..तो यह आपका काम नहीं है,वो पैसे आपके काम के है ठीक इसी तरह वो उनके काम के पैसे है,आपके हिसाब से तो यह शो आना ही नहीं चाहिए था.!

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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