Skip to main content

पिरवर्तन और परिवर्तित होना...

जब देश में परिवर्तन की बया चलने लगे तो। विद्धावानो का कर्तव्य है की वे भी उस परिवर्तन की हवाहो का आनंद ले और उसके थपेड़ो को बर्दास्त करे। और सोचे की इस वक्त हमें क्या करना चाहिए जिससे पार्टी के लोगो का भी मनो बल न टूटे और जनता के क्रोध का भी शिकार न होना पड़े॥
जिस प्रकार से अन्ना जी ने लोकपाल आन्दोलन चला कर जनता को जागरूक कर दिया है । सरकार और सरकार के लोगो की नींद हराम हो० गयी है। ख़ास कर कांग्रेस को काफी नुकशान सहना पद सकता है। ऐसा ही कुछ आभास हो रहा है..और दूसरी पार्टी के सदस्य मौका गवाना नहीं चाहते व्यंग के तीर मौका देख कर छोड़ते रहते है। और अब यह बात भी साबित हो गयी है । जब भी चुनाव होगा उसमे कांग्रेस का काफी नुकशान हो सकता है। चिंतन और मनन करना कांग्रेस को असंभव लग रहा है। अब हम इस निष्कर्ष पर पहुचे है की। अब राहुल बाबा को अन्ना जी से साथ होना चाहिए और चुनाव में भी घोषणा करना चाहिए की इस बार हमारी के समस्त योग्य और युवा मंत्री ज्यादा होगे..और जो ईमान दार हो।, जो इमानदारी से कार्य कर सके। यही एक चारा है ।, की राहुल बाबा को अब सचेत होके पार्टी को मजबूती के साथ कड़ी करे। क्यों की राहुल बाबा को लोग प्रधान मंत्री के रूप में देखना चाहते है॥ इस परिवर्तन में राहुल बाबा को परिवर्तित हो जाना चाहिए॥ तभी कुछ कामयाबी हासिल होगी,,

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...