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पुरस्कार के नाम पर मोदी ने किया खिलाड़ियों का अपमान


वर्ल्ड कप जीतने पर भारतीय खिलाडियों को बीसीसीआई और राज्य करोडों रु. देने की घोषणा कर रहें है वहीं दूसरी और गुजरात के मुख्यमंत्री ने गुजरात में एकलव्य पुरस्कार देने की घोषणा से राज्य में विवाद उठ खडा हुआ है. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकारें जहां पुरस्कार के रूप में खिलाड़ियों को करोडों रु. देने की घोषणा कर रहें हैं वहीं मोदी सरकार ने राज्य के मुनाफ पटेल और यूसूफ खान पठान को एकलव्य पुरुस्कार में महज एक-एक ट्रॉफी और एक एक लाख रु. की राशि दी जाएगी.
इस एक लाख की राशि को लेकर मोदी पर आरोप लगाया है कि वे इस मुद्दे पर अल्पसंख्यकों के साथ भेद-भाव कर रहें है यही कारण है कि मुनाफ़ पटेल और यूसूफ खान आज सुबह ही मंबई से लौटे और यूसूफ खान अपने बडोदरा निवास स्थान और मुनाफ भ्ररुच पहुंच गए.इस बात पर इसीलिए हंगामा बरप रहा है क्योंकि मोदी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं.गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के भूतपूर्व अध्यक्ष नरहरि अमीन का कहना है कि यह क्रिकेटर का अपमान नहीं परंतु देश का अपमान है. दूसरी और क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि यह वाईब्रेट गुजरात है और गुजरात इतना समृद्धशील गुजरात है कि 1 करोड नहीं तो 25 लाख या 50 लाख तो देना चाहिए. जिससे गरवी गुजरात का नाम सार्थक हो. उनका कहना है कि आखिरकार भारत पूरे 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीतकर आई है. क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि राष्ट्र्पति द्वारा भी इनका समान हुआ है इसीलिए सरकार को अपनी तिजोरी की तरफ देखने के बजाए इनकी सिद्धियों का गुणगान करना चाहिए.

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