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सरकार अपने दायित्व का प्रयोग नहीं कर पा रही है...

जिस प्रकार से हमारे देश में बेईमानी ,महगाई,,भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है ॥ सरकार परेशान है ,विरोधी खूब तीर चला रहे है... प्रधान मंत्री जी भी सोच में पद गए है... लेकिन जब ऐसी स्थिति आये जिसमे देश और देश वाशी को कोई कठिनाई झेलना पड़े उस समय अपनी सत्ता के कार्यो का विश्लेषण करना चाहिए और कमियों को दूर कर देना चाहिए चाहे कितना कठोर होना पड़े पर निर्दयी नहीं... हमारी सरकार को इन बातो पर विचार करना चाहिए...
अगर आप देल्ली के किसी भी रेहड़ी वाले के पास चले जाइए और पूछिए भाई हमें भी यही कही दूकान लगाना है पुलिस वाले को और कमिटी वाले को किताना देना पडेगा तो वह बताएगा की मै कितना देता हूँ...
होटलों ,दुकानों,दफ्तरों में कम उम्र के बच्चे काम करते नज़र आते है...
सड़को पर हमारे देश की दस साल की लड़किया भीख मागती मिलाती है...
हर एक एरिया में देशी दारू गांजा चरस का मिलना...
सरकार sab जानती है लेकिन अपने दायित्व का प्रयोग नहीं कर रही है.... सरकार अपने दायित्व का प्रयोग नहीं कर पा रही है...

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हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...