Skip to main content

Saturday, February 26, 2011

वैकल्पिक विवाद निस्तारण केंद्र का शिलान्यास

राजस्थान में राष्ट्रीय विधिक न्यायिक प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश ने दोसा में पहले वैकल्पिक विवाद निस्तारण केंद्र का शिलान्यास किया ,उक्त समारोह में राजस्थान के मुख्य न्यायधीश ऐ के मिश्र और मुख्यमत्री अशोक गहलोत भी शामिल थे ।
वैकल्पिक विवाद निस्तारण में अदालत के अलावा दुसरे माध्यमों से जनता के विवादों के निस्तारण के प्रयास शामिल हें जिनमें पंच फेसले, राजीनामे से फेसले और विवाद के पूर्व समझाइश से मामलों का निस्तारण शामिल हे राजस्थान के मुख्य न्यायधीश ने कहा के इस पहल में हमने राजस्थान में अब तक ७० हजार से भी अधिक मामलों का निस्तारण मेघा लोक अदालत के माध्यम से कर डाला हे । राजस्थान में ग्रामीण न्यायालय और दुसरे माध्यमों से मुकदमों के निस्तारण का भी बखान किया गया यहाँ ऐसे १८ केंद्र खोलने की योजना हे , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस अवसर पर प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया ।
सुप्रीम कोर्ट , हाईकोर्ट और सरकार सभी मिलकर अनावश्यक रुपया खर्च करने में लगे हें लेकिन धरातल पर आगर हम देखते हें तो सेठी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मजिस्ट्रेट जजों की नियुक्ति नहीं हे राजस्थान में सेकड़ों मजिस्ट्रेट और जजों के पद रिक्त पढ़े हें हालात यह हें के हाईकोर्ट में भी एक दर्जन जज के पद रिक्त पढ़े हें जो जज हे उनकी हालत सब जानते हें निचली अदालतों में मजिस्ट्रेट और जज चेम्बर में बेठे रहते हें अदालत में सुनवाई में कितना वक्त देते हें यह तो अगर सभी न्यायालयों में कमरे लगा दिए जाएँ तो खूद ही पता चल जाएगा के कोनमजिस्ट्रेट कोन जज कितना काम कर रहा हे हाईकोर्ट के हाल यह हे के यहाँ एक मामला अगर पेश हो जाए तो फिर सालों उसकी सुनवाई नहीं होती जो लोग जेल में बंद हें उनके हाल बहुत बुरे हें हाल यह हें के कई बरसों तक उनकी सुनवाई नहीं हे जबकि जजों को हिदायत होता चाहिए के एक अपील जिसमें मुलजिम जेल में हें उसका जो भी निस्तारण हो वोह प्राथमिक सुनवाई के दोरान तुरंत किया जाए लेकिन ऐसा होता नहीं हे सरकार की स्थिति यह हे के यहाँ न्यायालयों के लियें बजट नहीं हे और सेकड़ों न्यायालयों में जजों के पद रिक्त हे राजस्थान में हर जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और कार्यपालक मजिस्ट्रेट में एस डी एम और ऐ डी एम प्रशासनिक कार्यों में लगे रहते हें और हालात यह हें के इन पद वाले अधिकारीयों के पास जो काम होते हे वहां तारीख पर तारीख ही पद्धति रहती हे ऐसे में इन पदों पर भी एक प्रशासनिक और एक न्यायिक दो अधिकारीयों की नियुक्ति होना चाहिए ताकि मुकदमों का त्वरित निस्तारण हो सके लेकिन देश में स्थायी लोक अदालत का बोलबाला किया जा रहा हे हालात यह हें के इस स्थायी लोक अदालत की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लियें हमारे देश में जो अल्तमश कबीर राष्ट्रीय अध्यक्ष हें वही चेक के मामले में चेक के कानून से अलग हट कर समझोते के दोरान अनावश्यक १५ प्रतिशत स्थाई लोक अदालत में जमा करने का पक्षकारों पर भार डाल देते हें ऐसे में केसे पक्षकारों को सस्ता सुलभ और त्वरित न्याय मिल सकेगा । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

जूजू के पीछे के रियल चेहरे

हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं - प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार- रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...