गाँधी जी ने बहुत खुबसूरत बात कही थी ........................
भूल करके सिखा जाता है ,
लेकिन इसका मतलब यह नहींकि जीवन भर .. भूल ही की जाये !
अब देखो न अमेरिका ने अपने बल पर कभी किसी देश मै तो कभी किसी देश मै अपना अधिकार जमाना चाहा जिसका भुगतान उसे वर्ड ट्रेड सेंटर .......... के रूप मै देना पड़ा ! अब पाकिस्तान को ही ले लो तालिबानों को शरण दी की वो उनकी मदद करेंगे पर नतीजा ये हुआ की आज वो ही इन पर भारी पड़ रहें हैं उनके ही देश मै रह कर उन्ही का खून बहाने से नहीं घबरा रहेँ हैं वो , उनका मकसद न जाने क्या है पर नाम जेहाद का लेते हैं जिसका इंसानियत से दूर - दूर तक कोई परिचय ही न हो तो वो इस शब्द के मतलब को भला क्या जान पाएंगे वो इन्सान की भावना को केसे समझ सकतें हैं ! सब कुच्छ तो इन्सान से ही जुड़ा है प्यार , नफरत , आक्रोश , घमंड और समर्पण बस हमे अपने अन्दर से अच्छे - अच्छे संस्कारों को उभारना है अपने अन्दर संयम लाना है ! अगर इन्सान ही नहीं रहेगा तो धर्म का अर्थ ही कहाँ रहेगा क्या इतनी छोटी सी बात भी हम नहीं समझ पा रहें ! अब हम अपने देश को ही लेते हैं हमारे देश मै होने वाली छोटी - बड़ी घटना के जिम्मेदार क्या सिर्फ वो लोग हैं जो वारदात करते हैं नहीं ............ क्युकी हमारी थोड़ी सी की गई उस समय की लापरवाही ही उस वारदात का कारण बनती है ! तो अगर हम वर्तमान मै ठीक से काम करते हैं तो हमारा भविष्य बहुत हद तक सुरक्षित हो सकता है क्युकी बिना वर्तमान के भविष्य संभव ही नहीं है तो क्यु न हम अपने इतिहास के पन्नों से ही कुच्छ न कुच्छ सीखते रहेँ और उसे अपने जीवन मै ढ़ालते चलें !
संसार मै न तो कोई शत्रु है न कोई मित्र !
उनके प्रति हमारे विचार मित्र और शत्रु का अंतर करते हैं !
उनके प्रति हमारे विचार मित्र और शत्रु का अंतर करते हैं !
सही है जीवन की गयी भूल,भूल नहीं रह जाती वो वक गन्दी आदत बन जाती है और आदत कोई भी आदमी के साथ ही जाती है..सार्थक लेख
ReplyDeleteसही कहा किसी भी समस्या या विपदा इंसान का ही चुनाव होता है
ReplyDeleteअमेरिका हो या पकिस्तान कोई भी जायदा देर तक हवा में नहीं उड़ सकता क्योंकि सबको गिराने वाले होते है,हर घमंड का तोड़ है
ReplyDeleteमीनाक्षी जी काफी अच्छा लेख..
ReplyDeleteआपके लेख हमेशा शिक्षप्रद होते है..बधाई हो ऐसे लेखन के लिए
हिन्दुस्तान का दर्द हमेशा से मेरे पसंदीदा ब्लोगों में से रहा है,और आपक जैसे लेखक इसकी शोभा को और बड़ा रहे है यह काफी प्रसंसनीये बात है..
ReplyDeleteकाफी अच्छा लेख.
ReplyDeleteसच इंसानियत के बिना कोई किसी की भावनाओं को कहा समझ पायेगा..
ReplyDeleteसुन्दर बहुत सुन्दर
मै आप सब युवावर्ग का तहे दिल से शुक्रिया करती हु की आपने आज मेरे लेख को सार्थक कर दिया मुझे आप सबका हमेशा इंतजार रहता है चाहे सिर्फ एक की राय हो पर एसा लगता है की हमारे देश के युवावर्ग मै बेशुमार जोश है ! और आप सब सही दिशा मै चल रहेँ हैं !
ReplyDeleteबहुत बहुत शुक्रिया दोस्तों ! आप सबको नव वर्ष की शुभकामनायें !
मीनाक्षी जी युवा बर्ग तो हमेशा आपके साथ है आप इसी तरह लोगों को प्रेरित करते रहिये..आपके सारतः प्रयास हमेशा कामयाब होंगे
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद संजय जी !
ReplyDeleteआपको नव वर्ष की शुभकामनाये दोस्त !