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लो क सं घ र्ष !: उत्तर प्रदेश सरकार का सजायाफ्ता मंत्री

अराजकता और अव्यवस्था के दौर में उत्तर प्रदेश सरकार के आंबेडकर ग्राम विकास योजना के मंत्री रतनलाल अहिरवार उनके दो पुत्रों को शिवपुरी मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने एक-एक वर्ष की सजा सुनाईआश्चर्य इस बात का है कि पहले अपराधियों को मंत्री बनाया गया और सजा होने के बाद भी सजायाफ्ता के रूप में मंत्री पद पर सुशोभित हैं
प्रदेश में सरकार के ऊपर अपराधियों का एक गिरोह काबिज होता है और जब जनता उससे ऊब जाती है तो दूसरे अपराधी गिरोह का कब्ज़ा हो जाता हैयही क्या लोकतान्त्रिक परंपरा है ? और इससे ज्यादा बुरी स्तिथि नौकरशाहों की हैउनके बड़े-बड़े घोटालों आर्थिक अपराधों के खिलाफ सरकार कार्यवाही करने में अक्षम साबित होती हैउनके खिलाफ मुकदमा चलने के लिए अभियोजन की अनुमति की आवश्यकता होती हैसरकार में बैठे हुए अपराधी तत्व अभियोजन की मंजूरी ही नहीं होने देते हैंजिससे प्रदेश में बड़े-बड़े आर्थिक अपराधी शासन प्रशासन में विराजमान हैंसारे कानून नियम मेहनतकश जनता के लिए हैइस तरह के अपराधियों के लिए कोई कानून संविधान कार्यवाही करने में अक्षम होता हैमंत्री जी को अभी अधीनस्थ न्यायलय द्वारा सजा हुई हैवाद माननीय उच्चतम न्यायलय तक पहुँचते-पहुँचते दम तोड़ देगायह मंत्री जी अपनी पूरी आयु जी लेंगे

सुमन
लो क सं घ र्ष !

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